Dec १४, २०१८ १४:०० Asia/Kolkata
  • सीआईए प्रमुख ने खाशुकजी की हत्या के संबंध में किया बड़ा खुलासा

हस्पेल के अलावा अमेरिकी सांसदों के पास भी सऊदी पत्रकार की हत्या के संबंध में एसी चकित करने वाली जानकारियां हैं जिनकी वजह से कुश्नर पर मुकद्दमा और डोनाल्ड ट्रंप पर महाभियोग चल सकता है।

अमेरिका की खुफिया एजेन्सी सीआईए की प्रमुख ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें सऊदी पत्रकार जमाल खाशुकजी की हत्या के बारे में जानकारी देने से मना किया है। जीना हस्पेल ने कहा कि सीआईए को खाशुकजी की हत्या के बारे में जानकारी थी परंतु ट्रंप और उनके दामाद जेयर्ड कुश्नर ने खाशुकजी की हत्या से दो दिन पहले उनसे कहा था कि सीआईए इस मामले में न पड़े।

सीआईए के प्रमुख ने इसी प्रकार कहा कि सऊदी युवराज मोहम्मद बिन सलमान एक साल पहले से सऊदी खुफिया बलों के माध्यम से वाशिंग्टन में खाशुकजी का पीछा कर रहे थे और उनकी एक रेस्तरां में हत्या की जानी थी कि सीआईए ने सऊदी खुफिया बलों को गिरफ्तार कर लिया परंतु ट्रंप के मना करने की वजह से यह ख़बर प्रकाशित नहीं की गयी।

उन्होंने कहा कि जब खाशुकजी तुर्की के इस्तांबोल नगर में पहुंच गये तो सीआईए को पता था कि यह पत्रकार मौत से निकट हो रहा है और यह बात हमने ब्रिटेन की खुफिया एजेन्सी के साथ शेयर कर दी परंतु ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थ्रेसा मे ने इस बात की अनुमति नहीं दी कि इस्तांबोल में ब्रितानी एजेन्ट खाशुकजी की सहायता करें।

सीआईए की प्रमुख ने खाशुकजी की हत्या की उपमा फिल्म से दी और कहा कि सऊदी युवराज ने खुफिया विभाग के 15 माहिर अफसरों और तीन डाक्टरों को इस्तांबोल भेजा था जो रासायनिक उपकरणों से लैस थे और लोहे की आरी भी उनके पास थी और सऊदी युवराज ने विभिन्न विमानों और दूसरी आवश्यक वस्तुओं के प्रबंध का आदेश दे रखा था।

हेस्पल का मानना है कि सोशल साइटों पर 20 लाख लोग खाशुकजी का समर्थन करते थे और इन लोगों द्वारा बिन सलमान का विरोध और इसी प्रकार खाशुकजी द्वारा कनाडा और अमेरिका में राजनीतिक पार्टी गठित करने का प्रयास उनकी हत्या का कारण था।

एमबीसी ने तीन अधिकारियों के हवाले से जिनका नाम उसने फाश नहीं किया, लिखा है कि हस्पेल के अलावा अमेरिकी सांसदों के पास भी सऊदी पत्रकार की हत्या के संबंध में एसी चकित करने वाली जानकारियां हैं जिनकी वजह से कुश्नर पर मुकद्दमा और डोनाल्ड ट्रंप पर महाभियोग चल सकता है। MM

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