Jan २०, २०१९ २०:५५ Asia/Kolkata

अमेरिका को दोनों कोरियाओं का एक दूसरे के निकट आना पसंद नहीं है क्योंकि अमेरिका अपने हितों को दोनों कोरियाओं के मध्य तनावग्रस्त संबंधों में ही देखता है।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जेई ईन ने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग ऊन को सिओल आने का जो निमंत्रण दिया है वह दोनों देशों के मध्य वार्ताओं के जारी रखने और कोरिया प्रायद्वीप में संकट के समाधान हेतु उनकी इच्छा का सूचक है।

पिछले एक वर्ष में उत्तर और दक्षिण कोरिया के नेता एक दूसरे से तीन बार मिल चुके हैं और दोनों कोरियों के मध्य तनाव को कम करने में इन भेंटों के ध्यान योग्य प्रभाव रहे हैं। इस प्रकार से कि सीमा पर तनाव कम हो गये हैं और दोनों देशों ने सीमावर्ती क्षेत्रों से बहुत से सैनिक संसाधनों को हटा लिया है।

इसी प्रकार नवंबर 2018 में दक्षिण कोरिया की पहली यात्री रेलगाड़ी उत्तर कोरिया गयी। इसी प्रकार दोनों देशों ने पिछले वर्ष के अंतिम दिनों में दोनों कोरियों की रेल लाइनों को जोड़ने के संबंध में एक समझौता किया।

उत्तर और दक्षिण कोरिया एक दूसरे से संबंधों को सामान्य बनाये जाने के इच्छुक हैं जिसे ध्यान में रखते हुए कहा जा सकता है कि उत्तर और दक्षिण कोरिया के नेताओं के मध्य भविष्य में होने वाली संभावित भेंटवार्ता से दोनों देशों के मध्य संबंधों के सामान्य होने की प्रक्रिया में गति आ जायेगी।

यहां इस बात को भी ध्यान में रखना चाहिये कि एसे भी देश हैं जो यह नहीं चाहते कि दोनों कोरियाओं के मध्य संबंध सामान्य हों उनमें सर्वोपरि अमेरिका है।

दोनों कोरियाओं के मध्य संबंधों को सामान्य होते देखकर अमेरिका ने जो यह कहा था कि दक्षिण कोरिया के साथ संबंधों को सामान्य बनाने की प्रक्रिया को उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया से तेज़ नहीं होना चाहिये, उसकी इस बात को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है।

अमेरिका को दोनों कोरियाओं का एक दूसरे के निकट आना पसंद नहीं है क्योंकि अमेरिका अपने हितों को दोनों कोरियाओं के मध्य तनावग्रस्त संबंधों में ही देखता है। MM

 

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