Mar २४, २०१९ २०:४१ Asia/Kolkata
  • पांच ऐसी दलीलें जिसकी वजह से ईरान दुनिया के किसी भी देश के लिए ख़तरा नहीं

अमेरिका के प्रसिद्ध शिकागो विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के मामलों के विशेषज्ञ जॉन मीरशाइमर का मानना है कि ईरान क्षेत्र में किसी भी देश के लिए कोई ख़तरा नहीं है।

लॉबेलॉग (lobelog)  नामक वेबसाइट को दिए एक साक्षात्कार अमेरिका के शिकागों विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर जॉन मीरशाइमर ने कहा है कि इस्लामी गणतंत्र ईरान से क्षेत्र क्या दुनिया के किसी भी देश को कोई ख़तरा नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अगर कोई देश आतंकवाद का स्रोत है तो वह सऊदी अरब है। उन्होंने कहा कि ईरान न यह कि सीधे तौर पर अमेरिका के लिए कोई ख़तरा नहीं है बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से भी उससे अमेरिका को कोई ख़तरा नहीं है।

अमेरिका के वरिष्ठ प्रोफेसर ने अपने इस बयान को साबित करने के लिए पांच दलीलें पेश की हैं।

  1. जॉन मीरशाइमर की पहली दलील यह है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हैं और उसने विश्व शक्तियों के साथ एक ऐसे समझौते पर हस्ताक्षर किया है  जिसके बाद निकट भविष्य में उसके लिए परमाणु हथियार बनाना असंभव हो गया है।
  2. अमेरिकी प्रोफेसर अपने दूसरे तर्क में कहते हैं कि ईरान के पास अमेरिका तक मार करने वाले मिसाइल मौजूद नहीं हैं।
  3. अपनी तीसरी दलील में दावा किया है कि ईरान के पास अभी इतनी सैन्य शक्ति नहीं है कि वह अमेरिका या क्षेत्र में उसके समर्थित किसी भी देश पर वह हमला कर सके!
  4. शिकागो विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अमेरिकी प्रोफेसर का अपनी चौथी दलील में कहते हैं कि ईरान इसलिए मध्यपूर्व के किसी देश के लिए सैन्य ख़तरा नहीं हो सकता क्योंकि ईरान ने इस आधुनिक युग में एक बार भी किसी अन्य देश के ख़िलाफ़ युद्ध का मोर्चा नहीं खोला और मौजूदा दौर में भी हमे ऐसे कोई प्रमाण नज़र नहीं आते हैं कि वह अपने किसी पड़ोसी देश पर हमले तैयारी कर रहा हो।
  5. अपनी पांचवी दलील में कहा कि कुछ पश्चिमी देशों, विशेषकर अमरीका द्वारा ईरान पर आतंकवाद के समर्थन का आरोप बिल्कुल अतार्किक है और यदि कोई देश इस प्रकार के आरोपों का पात्र है तो वह सऊदी अरब है। (RZ)

 

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