• अमरीका धोखा देकर भी चाहता है कि लोग उसे अच्छा समझें, वरिष्ठ नेता

इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनेई ने कहा है कि अमरीका धोखा देता है और शिकवा भी करता है कि हमें उसके बारे में भ्रांति क्यों है।

ईरान में मज़दूर सप्ताह के अवसर पर मज़दूरों के एक समूह ने बुधवार को तेहरान में वरिष्ठ नेता से मुलाक़ात की। 

उन्होंने मज़दूरों को संबोधित करते हुए कहा, “काग़ज़ पर लिखते हैं कि बैंक ईरान के साथ लेन-देन करें किन्तु व्यवहार में ईरानोफ़ोबिया की कोशिश करते हैं ताकि ईरान के साथ लेन-देन न होने पाए। अमरीकी अधिकारी का कहना है कि पाबंदियों के मूल स्वरूप को बाक़ी रखा गया है ताकि विदेशी पूंजि निवेशक डरें और न आएं।”

वरिष्ठ नेता ने स्वदेशी उत्पादन पर बल देते हुए कहा, “आंतरिक उत्पादन को पवित्र विषय समझना चाहिए। जो वस्तु ईरान में मौजूद है उसकी जैसी वस्तु विदेश से आयात न की जाए। विदेशी वस्तुओं की बिक्री व उपभोग को मूल्यों के ख़िलाफ़ समझा जाए। उन्हें केवल एेसी स्थिति में प्रयोग किया जाए जब उस जैसी चीज़ देश में न हो।”

उन्होंने इस मुलाक़ात में कहा कि मज़दूर वर्ग, इस्लामी क्रान्ति व व्यवस्था का ऐसा वफ़ादार वर्ग है जिसकी उपस्थिति क्रान्ति की महत्वपूर्ण घटनाओं और उसके बाद की घटनाओं में सक्रिय रूप से रही है। इस अनुकंपा का आभार व्यक्त करने के लिए मैं सजदा करता हूं और पूरे अस्तित्व से मज़दूरों का आभार व्यक्त करता हूं।

वरिष्ठ नेता ने कहा, “जो भी समाज में किसी भी काम में व्यस्त हैं वह मज़दूर है। उन्होंने कहा कि एक प्रबंधक या यूनिवर्सिटी का प्रोफ़ेसर आदि सबके सब श्रमिक हैं। काम से इंसान और समाज का विकास होता है। हमें काम का दायरा बढ़ाना चाहिए, उसकी गुणवत्ता बढ़ानी चाहिए और काम के प्रति समर्पित रहना चाहिए। अगर एक प्रबंधक समर्पित न हो तो उसने काम का हक़ अदा नहीं किया।”

इस अवसर पर वरिष्ठ नेता ने देश के 21 प्रांतों में इस्लामी क्रान्ति परिषद के दूसरे चरण के चुनावों की ओर इशारा करते हुए कहा कि दो दिन बाद कुछ शहरों में चुनाव हैं। उन्होंने कहा कि इसे महत्वपूर्ण समझते हुए इसमें भाग लीजिए। वरिष्ठ नेता ने कहा कि चुनाव के इस दूसरे चरण का महत्व, पहले चरण से कम नहीं है।

मई १५, २०१६ १४:१८ Asia/Kolkata
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