Feb २३, २०१६ १२:१९ Asia/Kolkata

23 फ़रवरी सन 1468 ईसवी को छपाई की मशीन का आविष्कार करने वाले यूहेन गोटेनबर्ग का निधन हुआ।

23 फ़रवरी सन 1468 ईसवी को छपाई की मशीन का आविष्कार करने वाले यूहेन गोटेनबर्ग का निधन हुआ। उनका जन्म जर्मनी में हुआ किंतु थोड़े समय बाद वह वर्तमान फ़्रांस के स्टेसबर्ग नगर चले गये और वहॉ वे औद्योगिक तथा तकनीकी कामों में व्यस्त हो गये। 1444 ईसवी में उन्होंने छपाई की मशीन का आविष्कार करके लोगों के बीच ज्ञान और जानकारियों के प्रचार एवं प्रसार की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया। उन्होंने बाइबल सहित कई पुस्तकों को स्वंय प्रकाशित किया।

 

23 फ़रवरी सन 1799 ईसवी को मिस्र पर फ़्रांस के तानाशाह नेपोलियन बोनापार्ट का अधिकार हो जाने के बाद फ़्रांसीसी सेना ने शाम पर आक्रमण आरंभ किया। तत्कालीन शाम में वर्तमान सीरिया, जार्डन, फ़िलिस्तीन और लेबनान शामिल थे। नेपोलियन ने ब्रिटेन के उपनिवेशों को आघात पहुंचाने के उददेश्य से मिस्र पर आक्रमण किया था किंतु शाम पर नेपोलियन के आक्रमण का कारण उसमानी शासक द्वारा उनके विरुद्ध युद्ध की घोषणा थी। इस आक्रमण के आरंभ में तो नेपोलियन को कुछ सफलताएं मिलीं किंतु ब्रिटेन और रुस द्वारा उसमानी शासक की सहायता तथा इसी प्रकार फ़्रांस की बिगड़ती स्थिति के कारण नेपोलियन को अपने देश लौट जाने पर विवश होना पड़ा। इस प्रकार यह युद्ध फ़्रांस के पीछे हट जाने के बाद समाप्त हो गया।

 

23 फ़रवरी सन 1871 ईसवी को इंगलैंड की राजधानी में यारोपीय सरकारों की उपस्थिति में लंदन कॉन्फ़्रेन्स हुई। यह कॉन्फ़्रेन्स ब्रिटेन की पहल से आयोजित हुई और इसका मुख्य कारण फ़्रांस पर जर्मनी की विजय तथा दिन प्रतिदिन उसकी बढ़ती शक्ति थी। इस कॉन्फ़्रेन्स में योरोपीय देशों और विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में उनके उपनिवेशों के महत्वपूर्ण मामलों पर विचार विमर्श किया गया।

 

23 फ़रवरी सन 1886 ईसवी को अमरीका के रसायनशास्त्री और आविष्कारक मार्टिन हेल ने अलम्यूनियम की खोज की। यह सफेद और हल्की धातु है जिसे सरलता से पीट कर पतला किया जा सकता है। यह धातु जो काफ़ी मज़बूत होने के साथ बहुत हल्की है इस समय विभिन्न औद्योगिक और गैर औद्योगिक कामों में प्रयोग की जाती है।

 

23 फ़रवरी सन 1970 ईसवी को गयाना देश गणराज्य बना और आज के दिन को इस देश का राष्ट्रीय दिवस घोषित किया गया। उल्लेखनीय है कि स्पेन के नाविकों ने 15वीं शताब्दी में गयाना के तट की खोज की थी उसके बाद 17 वीं शताब्दी के आरंभ में इस देश पर ब्रिटेन का साम्राज्य स्थापित हुआ। 1966 तक ब्रिटेन ने इस देश को अपने अधिकार में रखा। यहॉ तक कि 1966 में गयाना को स्वतंत्रता मिली। यह देश दक्षिणी अमरीका के उत्तर में एटलांटिक महासागर के तट पर स्थित है।

 

 

23 फ़रवरी सन 1955 ईसवी को प्रसिद्ध लेखक कवि और राजनीतिज्ञ पॉंल लूईस क्लावडल का फ़्रॉंस में निधन हुआ। उन का जन्म 1868 ईसवी में हुआ और उन्होंने राजनैतिक क्षेत्र में शीक्षा ग्रहण की।

 

 

वर्ष 1935 में क्लावडल ने विभिन देशों में फ़्रांस के राजनयिक के रूप में सेवाएं कीं। बाद में उन्होंने लेखन , शायरी और काल्पनिक कथाओं पर काम किया। उन के विचार ईसाई धर्म से प्रभावित हैं।

 

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4 इसफ़ंद सन 1358 हिजरी शम्सी को ईरान में संविधान के पारित होने और संसद शूराए इस्लामी के गठन के बाद इस्लामी क्रान्ति के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी ने आदेश जारी करके डॉक्टर मोहम्मद हुसैन बहिश्ती को क्रान्ति के बाद का ईरान का पहला न्यायपालिका अध्यक्ष नियुक्त किया। ईरान में इस्लामी शासन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के साथ ही इस देश में न्यायपालिका के गठन और उसे इस्लामी गणतंत्र ईरान के अनुकूल बनाने के लिए यह कदम उठाया गया। आयतुल्ला बहिश्ती, जो क्रान्ति के सर्वमान्य लोगों में थे 1360 हिजरी शमसी में आतंकवादी गुट एम. के. ओ. द्वारा शहीद कर दिए गये।

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17 जमादिउस्सानी वर्ष 36 हिजरी क़मरी को जमल नामक युद्ध हुआ। यह युद्ध पैग़म्बरे इस्लाम के निष्ठावान उत्तराधीकारी हज़रत अली अलैहिस्सलाम की सरकार के विरुद्ध उठ खड़े होने वालों ने आरंभ किया था जो हज़रत अली का  न्याय सहन नहीं कर पा रहे थे। इस लिए इस गुट ने हज़रत अली के आज्ञा पालन के वचन को तोड़ कर विद्रोह कर दिया। इस गुट को वचन तोड़ने वाला गुट भी कहा जाता है। इस गुट का नेतृत्व तलहा और ज़ुबैर कर रहे थे। इन लोगों ने अपने अवैध उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए साधारण लोगों और संसार के लोभी पूंजीपतियों को उकसाकर हज़रत अली अलैहिस्सलाम के विरुद्ध खड़ा कर दिया। तलहा और ज़ुबैर ने हज़रत अली अलैहिस्सलाम की आज्ञा पालन का वचन दिया था किन्तु उन्हें जब इस बात का आभास हुआ कि हज़रत अली अलैहिस्सलाम उनकी अवैध मांगों को पूरा करने को तैयार नहीं हैं तो उन्होंने मुसलमानों के तीसरे ख़लीफ़ा के ख़ून का प्रतिशोध लेने के बहाने हज़रत अली अलैहिस्सलाम के विरुद्ध युद्ध छेड़ दिया। तलहा और ज़ुबैर पहले मक्के गये और वहां कुछ प्रसिद्ध लोगों को उकसाकर अपने साथ कर लिया और एक विशाल सेना के साथ इराक़ के नगर बसरे की ओर रवाना हुए। हज़रत अली अलैहिस्सलाम ने भी विद्रोहियों को कुचलने के लिए उनका पीछा किया और अंततः इस्लामी सेना और विद्रोहियों का सामना बसरा में हुआ। हज़रत अली अलैहिस्सलाम ने युद्ध रोकने का हरसंभव प्रयास किया क्योंकि आप शांतिपूर्ण ढंग से समस्या के समाधान के इच्छुक थे। इसी आधार पर आपने विद्रोहियों से कई दिनों तक बात चीत की किन्तु विद्रोही गुट ने जो सत्ता के लोभ में अंधा हो चुका था, हज़रत अली के उपदेशों को नहीं सुना। यह विद्रोही गुट समझ रहा था कि वह हज़रत अली की सेना को पराजित कर देगा किन्तु उसे नहीं मालूम था कि उनका सामना विश्व के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति से है, अंततः इस युद्ध में भी हज़रत अली को विजय हुई।

17 जमादिउस्सानी वर्ष 524 हिजरी क़मरी को प्रसिद्ध अरब साहित्यकार और शायर बारेअ बग़दादी का 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनका पालन पोषण वैज्ञानिक और राजनीतिज्ञ परिवार में हुआ। बारेअ बग़दादी की गिनती अपने काल के अरबी व्याकरण और भाषा विशेषज्ञों में होती थी। उनकी रचनाओं में उनका काव्य संकलन बहुत प्रसिद्ध है जो अभी भी बाक़ी है।

 

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