14 सितम्बर सन 1949  ईसवी को संविधान सभा ने हिंदी को भारत की आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया था।

14 सितम्बर सन 1770 डेनमार्क में प्रेस की स्वतंत्रता को मान्यता मिली।

14 सितम्बर सन  1833  विलियम वेंटिक, भारत में पहला गवर्नर जनरल बनकर आया।

14 सितम्बर सन 1901 अमेरिकी राष्ट्रपति विलियम मैकेंजी की अमेरिका में गोली मारकर हत्या कर दी गई।

14 सितम्बर सन1917    रूस आधिकारिक तौर पर एक गणतंत्र घोषित हुआ।

14 सितम्बर सन 1949  ईसवी को संविधान सभा ने हिंदी को भारत की आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया था।

14 सितम्बर सन1959  लूना- 2 चंद्रमा की सतह पर उतरा। यह चंद्रमा की सतह तक पहुँचने वाली मानव निर्मित पहली वस्तु थी। इसने सोवियत संघ और अमेरिका में अंतरिक्ष स्पर्धा की शुरुआत की।

14 सितम्बर सन 1960 ईसवी को ऑर्गेनाइजेशन ऑफ द पेट्रोलियम एक्‍सपोर्टिंग कंट्रीज ओपेक का गठन किया गया। 

14 सितम्बर सन1999   किरीबाती, नाउरू और टोंगा संयुक्त राष्ट्र में शामिल हुए।

14 सितम्बर सन2000  माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज एम.ई. की लांचिंग की।

14 सितम्बर सन2000   प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अमेरिकी सीनेट के दोनों सदनों की सुयंक्त बैठक को सम्बोधित किया, ओलम्पिक मशाल सिडनी पहुँची।

14 सितम्बर सन2003   गुयाना-बिसाउ में सेना ने राष्ट्रपति कुंबा माला सरकार का तख्ता पलटा।

14 सितम्बर सन2003  एस्टोनिया यूरोपीय संघ में शामिल हुआ।

14 सितम्बर सन2006  परमाणु ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने पर इब्सा में सहमति। तिब्बत के आध्यात्मिक निर्वासित नेता दलाई लामा को संयुक्त राज्य अमरीका के सर्वोच्च न्यायालय सम्मान से सम्मानित करने की घोषणा। विश्व के सबसे बुजुर्ग जयपुर के निवासी 137 वर्षीय हबीब मियां अस्पताल में भर्ती।

14 सितम्बर सन2007  जापान ने तानेगाशिया स्‍थित प्रेक्षेपण केन्‍द्र से पहला चन्‍द्र उपग्रह एच-2ए प्रक्षेपित किया।

14 सितम्बर सन2008  रूस के पेर्म क्राई में पेर्म हवाई अड्डे पर एअरोफ़्लोट विमान 821 के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से विमान में सवार सभी 88 लोग मारे गए।

14 सितम्बर सन2009  भारत ने श्रीलंका को 46 रनों से हराकर त्रिकोणीय सीरीज का कॉम्पैक कप जीता। भारत में लिएण्डर पेस व चेकगणराज्य के लुकास ड्लोही ने महेश भूपति और मार्क नोल्स की जोड़ी को हराकर यू. एस. ओपन के पुरुष युगल का ख़िताब जीता।

14 सितम्बर सन2013  हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य पर आपके भारतकोश का प्रक्षेत्र नाम (डोमेन नेम) और यू.आर.एल अंग्रेज़ी के अतिरिक्त अब हिंदी भाषा में भी उपलब्ध है।

14 सितम्बर सन2016  पैरा ओलंपिक 2016 में भारत के अब तक कुल 4 पदक हुए।

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14 सितम्बर सन 1804 ईसवी को पहली बार बैलून का प्रयोग किया गया। हवा में पायी जाने वाली हल्की गैसों से भरे हुए इस बैलून को फ़्रांस के भौतिक व रसायन शास्त्री जोज़फ़ गे लोसाक ने बनाया था। उनके इस बैलून ने 460 मीटर की उँचाई तक उड़ान भरी।

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14 सितम्बर सन 1812 ईसवी को रुस की राजधानी मॉस्को में जान बूझकर आग लगाए जाने की सबसे भयानक घटना हुई। नेपोलियन बोनापार्ट के सैनिकों द्वारा मॉस्को पर अधिकार कर लिए जाने के बाद इस नगर के शासक ने पूरे नगर को आग लगा देने का आदेश दिया। ताकि फ़्रांस की सेना को इस नगर में रहने के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री तथा अन्य साधन न मिल सके। इस घटना में मॉस्को नगर का तीन चौथाई भाग पूर्ण रुप से जल गया।

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14 सितम्बर 1389 ईसवी को उसमानी शासन के सैनिको ने योरोप में अपनी विजय का आरंभ करते हुए बालकान के क्षेत्र में सरबिया देश पर अधिकार किया। इस देश की जनता ने हालॉकि बाद में कई विद्रोह किए किंतु यह देश लगभग 5 शताब्दी तक उसमानी शासन के अधीन रहा। यहॉ तक कि 19वीं  शताबदी के अंत में उसमानी शासन के विरुद्ध सरबिया और रुस ने आक्रमण किया। इस आक्रमण के बाद सरबिया स्वाधीन हुआ।

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14 सितम्बर सन 1960 ईसवी को तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक के घोषणा पत्र पर ईरान, सउदी अरब, एराक़ कुवैत, और वेनेज़ोएला ने हस्ताक्षर किये। पश्चिम की बड़ी बड़ी तेल कम्पनियों के मुक़ाबले के लिए यह संगठन बनाया गया। तेल के क्षेत्रों की खोज करना उसे निकालना और बेचना अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसी संगठन के अधिकार में है। तेल का मूल्य भी यही संगठन निर्धारित करता है। आरंभ में इस संगठन के पास अधिक शक्ति नहीं थी किंतु बाद में अलजीरिया, लीबिया, नाइजेरिया, क़तर, संयुक्त अरब इमारात सहित दूसरे कुछ देशों की सदस्यता ने इस संगठन को शक्तिशाली बना दिया।

 

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4 मोहर्रम सन 1264 हिजरी क़मरी को मोरक्को के मुसलमान शायर और मंत्री अबू अब्दुल्ला मोहम्मद अमरावी फ़ार्सी का निधन हुआ। वे इब्ने इदरीस के नाम से प्रसिद्ध थे। उन्होंने कुरआन के स्मरण के साथ अपनी शिक्षा आरंभ की। उन्होंने अपने जीवन का एक बड़ा भाग प्रसिद्ध इतिहासकारों की सेवा में रहकर उनकी पुस्तकों को लिखने और इतिहास के विभिन्न पहलुओं का परिचय प्राप्त करने में बिताया। अलजीरिया पर फ़्रांस के आक्रमण के बारे में उन्होंने 111 शेर लिखे, जिनमें उन्होंने मुसलमानों को फ़्रासीसी अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध संघर्ष के लिए प्रेरित किया। उनके शत्रुओं ने उनके विरुद्ध षंडयंत्र रचे जिसके परिणाम स्वरुप मोरक्को के नरेश ने उन्हें जेल में डालकर बुरी तरह प्रताड़ित किया। जेल से छूटने के बाद वे अलग थलग रहकर जीवन बिताने लगे और केवल शायरी में व्यस्त रहने लगे। उन्होंने पैग़म्बरे इस्लाम स की प्रशंसा में बड़े ही सुंदर शेर लिखे हैं।

 

Sep १३, २०१८ ०१:०० Asia/Kolkata
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