• फ़ारसी सीखें-34वां पाठ

ईरान की मूल पेंटिंग को मिनियातोर अर्थात मिनिएचर कहते हैं।

ईरान की मूल पेंटिंग को मिनियातोर अर्थात मिनिएचर कहते हैं। इस कला में प्रायः सीधी लाइन का प्रयोग नहीं किया जाता बल्कि घुमावदार चित्र को बहुत ही बारीक नोक वाले क़लम से बड़ी सूक्ष्मता से बनाते हैं। सैकड़ों वर्ष से इस सूक्ष्म व सुंदर कला को बोर्डों और लिखित किताबों पर प्रयोग किया जाता है। विगत में फ़ारसी साहित्य की किताबों में इस कला को किताब में वर्णित कहानी को चित्रित करने के लिए प्रयोग किया जाता था। कभी कभी चित्र के ऊपर या नीचे कुछ शेर से चित्र के विषय की व्याख्या की जाती और उसकी हस्तियों का परिचय कराया जाता था। आज भी ईरान में मिनिएचर कला प्रचलित है और विश्वविद्यालयों और कला के विशेष स्कूलों में यह कला सिखायी जाती है। विश्व के बड़े संग्रहालयों में मिनिएचर कला के बहुत ही सुंदर व मूल्यवान बोर्ड मौजूद हैं। इस कला के समकालीन कलाकारों में से एक उस्ताद महमूद फ़र्शचियान हैं जो इस कला में ईरान में सबसे प्रसिद्ध कलाकार हैं। वे बहुत ही सुदंर कलाकृतिंया पेश कर चुके हैं जो इस समय योरोप और ईरान के प्रतिष्ठित संग्रहालयों की शोभा बढ़ा रहे हैं। मोहम्मद, उस्ताद महमूद फ़र्शचियान के बारे में एक लेख पढ़ता है और इस संबंध में अपने मित्र रामीन से बात करता है। 

शब्द और अर्थ को दो-दो बार पढ़े


 

बातचीत, वार्तालाप,

گفتگو

 

पढ़ो

 

بخوان

पढ़ना

 

خواندن

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حتما

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क्या आपको आनंद आता है

 

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क्या चीज़

 

چه چیزی

पत्रिका

 

مجله

लिखा हुआ, लिखित

 

آن نوشته شده

इतना

 

این قدر

रोचक,

 

جالب

दक्ष, दक्ष कलाकार,

 

استاد

नाम

 

محمود فرشچیان

उनसे साक्षात्कार लिया गया

 

با او مصاحبه شده

चित्र

 

تصویر

पेंटिंग

 

تابلوی نقاشی

वह छपा है

 

آن چاپ شده است

गौरव

 

افتخارات

कला

 

هنر

ईरानी, ईरान का

 

ایرانی

वे सम्मान करते हैं

 

آنها احترام می گذارند

देखो, देखिए

 

ببین

कितना

 

چه قدر

चित्र

 

نقاشی

बारीक, सूक्ष्म

 

ظریف

अस्ली

 

اصیل

मिनिएचर

 

مینیاتور 

पेंटिंग

 

نگارگری

कहा जाता है, उसका नाम है

 

آن نام دارد

सबसे बड़ी या बड़ा

 

بزرگترین

कलाकार

 

هنرمند

समकालीन

 

معاصر

इस संदर्भ में

 

در این زمینه

कई वर्ष

 

چند سال

प्रचलित है

 

آن رواج دارد

हज़ार वर्ष

 

هزار سال

किताब

 

کتاب

किताबें

 

کتاب ها

सजावट

 

تزیین

वे सजाते हैं

 

آنها تزیین می کنند

वास्तव में

 

در اصل

उसे प्रयोग करते हैं

 

آن به کار می رود

विश्व, संसार, दुनिया

 

دنیا

बहुत पुराना या पुरानी

 

بسیار قدیمی

शैली

 

سبک

लिखित या लिखा हुआ

 

نوشته

शिक्षा प्राप्त करना

 

تحصیل

फ़िरदौसी का शाहनामा

 

شاهنامه فردوسی

शिक्षा या प्रशिक्षण

 

آموزش

क्षेत्र, विषय

 

رشته

योरोप

 

اروپا

वह गए है

 

او رفته است

कहानी

 

داستان

ऐसा ही है

 

همین طور است

मैं जानना चाहता हूं

 

من دوست دارم بدانم

जीवन

 

زندگی

लेख

 

مقاله

विषय

 

مطلب

और कुछ

 

چیزهای بیشتری

प्रस्तुत किया है

 

او عرضه کرده است

सुदंर

 

زیبا

और अब मोहम्मद और रामीन के बीच बातचीत पेश है।

 

नोटः फ़ारसी वाक्य और अनुवाद को दो-दो बार पढ़ा जाए

मोहम्मदः रामीन! इस सारक्षात्कार को पढ़ो, तुम्हें अवश्य इसे पढ़ कर मज़ा आएगउ

 

محمد - رامین ! این گفتگو را بخوان ، حتما ً تو هم مانند من از خواندن آن لذت می بری

रामीनः इस पत्रिका में क्या लिखा है जो तुम्हें इतना रोचक लग रहा है?

 

رامین - چه چیزی در این مجله نوشته شده که این قدر برای تو جالب است ؟

मोहम्मदःइस पत्रिका में उस्ताद मोहम्मद फ़र्शचियान से साक्षात्कार और उनकी कुछ पेंटिंग छपी है।

 

محمد - در این مجله با استاد محمود فرشچیان مصاحبه شده و تصویر چند تابلوی نقاشی هم از استاد چاپ شده است

रामीनः उस्ताद फ़र्शचियान ईरानी कला का गौरव हैं। सभी ईरानी उनका सम्मान करते हैं।

 

رامین - استاد فرشچیان از افتخارات هنر ایرانی است . همه ایرانی ها به او احترام می گذارند

मोहम्मदः यह देखो! उनकी पेंटिंगों में कितनी बारीकी है

 

محمد - ببین چه قدر نقاشی های او ظریف است

रामीनः इस मौलिक ईरानी कला को मिनिएचर या पेंटिंग कहते हैं और उस्ताद फ़र्शचियान इस कला में समकालीन सबसे बड़े कलाकार माने जाते हैं।  

 

رامین - این هنر نقاشی اصیل ایرانی ، مینیاتور یا نگارگری نام دارد و استاد فرشچیان بزرگترین هنرمند معاصر در این زمینه است

मोहम्मदः ईरान में पेंटिंग का इतिहास कितना पुराना है?

 

محمد - چند سال است که نگارگری در ایران رواج دارد ؟

रामीनः हज़ार वर्ष से ईरानी अपनी किताबों को इस सुदंर कला से सुशोभित करते हैं।

 

رامین - هزار سال است که ایرانی ها کتاب هایشان را با این هنر زیبا تزیین می کنند 

मोहम्मदः तो वास्तव में इस कला को किताबों को सजाने में प्रयोग किया जाता है।

 

محمد - پس در اصل این هنر برای تزیین کتاب ها به کار می رود ؟

रामीनः नही! फ़िरदौसी के शाहनामे जैसी प्राचीन किताबों में कहानियों को मिनिएचेर शैली में चित्रित किया गय है।

 

رامین - نه ! در کتاب های بسیار قدیمی مثل شاهنامه فردوسی ، داستان ها به سبک مینیاتور نقاشی شده است

यहां लिखा है कि उस्ताद फ़र्शचियान पेंटिंग की शिक्षा-प्रशिक्षण के लिए योरोप जा चुके हैं। उस्ताद फ़र्शचियान ने मिनिएचर कला को विश्व के सामने प्रस्तुत किया है।

 

  محمد -در اینجا نوشته که استاد فرشچیان برای تحصیل و آموزش در رشته نقاشی به اروپا رفته است . استاد فرشچیان هنر مینیاتور را به دنیا عرضه کرده است

रामीनः ऐसा ही है। मैं उनके जीवन के बारे में और जानना चाहता हूं

 

رامین - همین طور است . من دوست دارم درمورد زندگی او چیزهای بیشتری بدانم 

मोहम्मदः तो फिर इस लेख को ज़रूर पढ़ो जिसमें फ़र्शचियान के बारे  लिखा हुआ है।

محمد - پس حتما ً این مقاله را بخوان چون در آن درمورد فرشچیان مطلب نوشته شده است 

 

और अब मोहम्मद और रामीन के बीच केवल फ़ारसी में वार्तालाप सुनिए



محمد - رامین ! این گفتگو را بخوان ، حتما ً تو هم مانند من از خواندن آن لذت می بری .

رامین - چه چیزی در این مجله نوشته شده که این قدر برای تو جالب است ؟ 

محمد - در این مجله با استاد محمود فرشچیان مصاحبه شده و تصویر چند تابلوی نقاشی هم از استاد چاپ شده است .

رامین - استاد فرشچیان از افتخارات هنر ایرانی است . همه ایرانی ها به او احترام می گذارند .

محمد - ببین چه قدر نقاشی های او ظریف است .

رامین - این هنر نقاشی اصیل ایرانی ، مینیاتور یا نگارگری نام دارد و استاد فرشچیان بزرگترین هنرمند معاصر در این زمینه است .

محمد - چند سال است که نگارگری در ایران رواج دارد ؟

رامین - هزار سال است که ایرانی ها کتاب هایشان را با این هنر زیبا تزیین می کنند .

محمد - پس در اصل این هنر برای تزیین کتاب ها به کار می رود ؟

رامین - نه ! در کتاب های بسیار قدیمی مثل شاهنامه فردوسی ، داستان ها به سبک مینیاتور نقاشی شده است .

محمد - در اینجا نوشته که استاد فرشچیان برای تحصیل و آموزش در رشته نقاشی به اروپا رفته است . استاد فرشچیان هنر

مینیاتور را به دنیا عرضه کرده است .

رامین - همین طور است . من دوست دارم درمورد زندگی او چیزهای بیشتری بدانم .

محمد - پس حتما ً این مقاله را بخوان چون در آن درمورد فرشچیان مطلب نوشته شده است .

मोहम्मद रामीन को पत्रिका देता है और वह उस्ताद फ़र्शचियान के साथ हुए साक्षात्कार को पढ़ता है। लेख में लिखा है कि वह वर्ष 1929 में इस्फ़हान में एक ऐसे परिवार में जन्मे जिसका कला से पुराना लगाव था। उनके पिता क़ालीन की डिज़ाइन बनाते थे और अपने बेटे को उन्होंने इस्फ़हान में पेंटिंग के दक्ष कलाकारों के पास भेजा। फ़र्शचियान, इस्फ़हान के सुंदर कला स्कूल से शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात योरोप गए और वहां उन्होंने अनेक कला केन्द्रों में शिक्षा प्राप्त की और फिर स्वदेश लौट आए। उस्ताद फ़र्शचियान ने बहुत ही उत्कृष्ट व अमर कलाकृतियां बनाई हैं। उन्होंने अपनी कुछ कलाकृतियां मशहद में इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के रौज़े और ईरान तथा योरोप के कुछ संग्रहालयों को भेंट की हैं। उन्हें न केवल ईरान बल्कि इटली और बेल्जियम जैसे देशों में अनेक पुरस्कार दिए गए। उनकी कलाओं का एक संग्रह ईरान और युनेस्को के सौजन्य से प्रकाशित हुआ है। उस्ताद फ़र्शचियान पेंटिंग के क्षेत्र में विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं। उस्ताद फ़र्शचियान का मानना है कि कलाकार को अपनी रचनाओं में अपनी संस्कृति के गहरे अर्थों को प्रस्तुत करना तथा मौलिकता पर ध्यान देना चाहिए। इस समय वह पेंटिंग के छात्रों को शिक्षा दे रहे है

Nov ०३, २०१५ १५:२८ Asia/Kolkata
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