• फ़ारसी सीखें-31वां पाठ

आज के कार्यक्रम में हम आपको ईरान के रेलमार्ग के एक एतिहासिक एवं रोचक पुल से अवगत करायेंगे।


आज के कार्यक्रम में हम आपको ईरान के रेलमार्ग के एक एतिहासिक एवं रोचक पुल से अवगत करायेंगे। यह पुल, जिसे विश्व ख्याति प्राप्ति है, पुले वरसक के नाम से प्रसिद्ध है। पुले वरसक को अपने निर्माणकाल में ईरान में आबादी व विकास के महत्वपूर्ण कार्यों में समझा जाता था। इस पुल का निर्माण आस्ट्रियाई इंजीनियर वाल्टर इंगर और ईरान के तकनीकी कर्मचारियों ने मिलकर किया है। पुले वरसक का निर्माण दो पहाड़ों के बीच मौजूद दर्रे में किया गया है और यह सुन्दर वास्तुकला का एक उत्कृष्ट नमूना है। इस पुल को सीमेंट, रेत और ईंटों से बनाया गया है। इसके निर्माण में लोहे से बनी वस्तुओं का प्रयोग नहीं किया गया है। यह पुल ७३ दशमलव दो मीटर लम्बा है और समुद्र की सतह से इस पुल की ऊंचाई २०० मीटर है तथा दर्रे में ज़मीन से इस पुल की ऊंचाई लगभग ११० मीटर है। इस पुल के पास वरसक नामक गांव स्थित है और इस पुल का नाम इसी गांव से लिया गया है। मोहम्मद और मसऊद हुसैनी, जो ईरान के रेलमार्ग के इंजीनियर हैं, इस पुल के बारे में एक दूसरे से वार्ता करते हैं।

सबसे पहले आज के कार्यक्रम में प्रयोग होने वाले शब्दों पर ध्यान दीजिये।

 


 

پل

 

पुल

 

پل ورسک

वरसक पुल

 

شاهکار 

नमूना,

 

راه آهن

रेलमार्ग

 

کجا

कहां

 

شکاف

दर्रा, दराड़ या खाई

 

بین

मध्य या बीच

 

کوه

पहाड़ या पर्वत

 

رشته کوه

पर्वतमाला

 

البرز 

अलबुर्ज़

 

آن ساخته شده است

उसका निर्माण किया गया है

 

جنوب

दक्षिण

 

شهرستان

उपनगर

 

قائم شهر

क़ायेम शहर

 

آن قرار دارد

वह है

 

دور

दूर

 

نه خیلی

बहुत अधिक नहीं

 

حدود

लगभग

 

ویست و پنجاه کیلومتر

२५० किलोमीटर

 

در چه زمانی

किस समय में

 

آن ساخته شده است

उसका निर्माण किया गया है

 

سال1936

वर्ष १९३६

 

توسط

माध्यम या द्वारा

 

مهندس 

इंजीनियर

 

مهندسان

बहुत सारे इंजीनियर

 

خارجی

विदेशी

 

ایرانی

ईरानी

 

آن ساخته شده

उसे बनाया गया

 

آنها می گویند

वे कहते हैं

 

روستا 

गांव

 

کنار

पास या समीप

 

به نظر شما

आपकी दृष्टि में

 

معمولی

सामान्य

 

مصالح

इमारत निर्माण करने की सामग्री

 

مثل

जैसे

 

شن 

बालू या रेत

 

سیمان 

सीमेंट

 

آجر 

ईंट

 

آن ساخته شده

उसका निर्माण किया गया

 

110 متر

११० मीटर

 

بالاتر

अधिक या ऊपर

 

کف

तल या तह

 

   دره

दर्रा या घाटी

 

هنوز

अभी

 

قطار

रेल

 

 آن عبور می کند

वह गुज़रती या गुज़रता है

 

تو دوست داری

तुम पसंद करते हो

 

یک روز

एक दिन

 

زیبا

सुन्दर

 

ما بازدید می کنیم

हम देखते हैं

 

ما می توانیم بازدید کنیم



मोहम्मद और मसऊद की बात- चीत पर ध्यान दीजिये।

 

مسعود : یکی از شاهکارهای راه آهن ایران ، پل ورسک است

मसऊदः ईरान के रेलमार्ग का एक उत्कृष्ट नमूना वरसक

पुल है

محمد : پل ورسک ؟ این پل کجاست ؟

 

मोहम्मदः वरसक पुल, यह पुल कहां है?

مسعود : این پل در شکاف بین دو کوه از رشته کوه های البرز ساخته شده است و در جنوب شهرستان قائم شهر قرار دارد .

मसऊदः यह पुल अलबुर्ज़ पर्वतमाला के मध्य दो पहाड़ों

के बीच में बनाया गया है

محمد : آیا این پل از تهران خیلی دور است ؟

 

मोहम्मदः क्या यह पुल तेहरान से बहुत दूर है?

مسعود : نه خیلی . حدود 250 کیلومتر .

 

मसऊदः बहुत दूर नहीं, लगभग २५० किलोमीटर

محمد : این پل در چه زمانی ساخته شده است ؟

 

मोहम्मदः इस पुल को किस समय बनाया गया?

مسعود : این پل در سال 1936 م . توسط مهندسان خارجی و ایرانی ساخته شد .

 

मसऊदः इस पुल का निर्माण वर्ष १९३६ में ईरानी और

विदेशी इंजीनियरों के माध्यम से किया गया।

محمد : چرا به این پل ورسک می گویند ؟

 

मोहम्मदः इस पुल को वरसक क्यों कहते हैं?

مسعود : ورسک نام روستایی است که در کنار پل قرار دارد .

मसऊदः वरसक एक गांव का नाम है जो इस पुल के पास

है

محمد : چرا به نظر شما این پل یک شاهکار است ؟

 

मोहम्मदः आपकी दृष्टि में क्यों यह पुल एक नमूना है?

مسعود : چون از مصالح معمولی مثل سیمان و شن و آجر ساخته شده و 110 متر بالاتر از کف دره است .

मसऊदः चूंकि सीमेंट,बालू और ईंट जैसी सामान्य चीज़ों से इसे बनाया गया है और दर्रे की ज़मीन से इस पुल की

ऊंचाई ११० मीटर है।

محمد : آیا هنوز هم قطاری از روی این پل عبور می کند ؟

 

मोहम्मदः क्या अब भी इस पुल से रेल गुज़रती है?

مسعود : البته . اگر دوست داری ، می توانیم یک روز با هم از این پل زیبا بازدید کنیم .

मसऊदः जी हां यदि चाहते हो तो एक दिन साथ में हम

दोनों इस सुन्दर पुल को देख सकते हैं

 

अनुवाद के बिना

 

مسعود : یکی از شاهکارهای راه آهن ایران ، پل ورسک است

محمد : پل ورسک ؟ این پل کجاست ؟
مسعود : این پل در شکاف بین دو کوه از رشته کوه های البرز ساخته شده است و در جنوب شهرستان قائم شهر قرار دارد .


محمد : آیا این پل از تهران خیلی دور است ؟


مسعود : نه خیلی . حدود 250 کیلومتر .


محمد : این پل در چه زمانی ساخته شده است ؟


مسعود : این پل در سال 1936 م . توسط مهندسان خارجی و ایرانی ساخته شد .


محمد : چرا به این پل ورسک می گویند ؟


مسعود : ورسک نام روستایی است که در کنار پل قرار دارد .


محمد : چرا به نظر شما این پل یک شاهکار است ؟


مسعود : چون از مصالح معمولی مثل سیمان و شن و آجر ساخته شده و 110 متر بالاتر از کف دره است .


محمد : آیا هنوز هم قطاری از روی این پل عبور می کند ؟


مسعود : البته . اگر دوست داری ، می توانیم یک روز با هم از این پل زیبا بازدید کنیم .

जैसा कि आप जानते हैं कि मसऊद ने कहा कि जो रेलगाड़ियां तेहरान से ईरान के उत्तर की ओर जाती हैं वे सब इसी पुल से गुज़रती हैं। इस पुल को देखने के बाद मनुष्य का ध्यान, उसके निर्माण में मौजूद आश्चर्यजनक बात की ओर जायेगा। यह पुल दो पहाड़ों के बीच में और गहरी व सीधी ढ़लान के ऊपर बनाया गया है। विशेषज्ञ इस पुल को देखकर आश्चर्य में पड़ जाते हैं कि पुल का निर्माण करने वाले किस प्रकार पुल निर्माण की वस्तुओं को इतने ऊपर ले गये। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इस पुल से बहुत लाभ उठाया गया। उस समय से लेकर आज तक तेहरान के उत्तर की रेलगाड़ियां, यात्री और बहुत सारी वस्तुएं इस पुल से गुज़रती हैं। आस्ट्रियाइ इंजीनियर वाल्टर इंगर वरसक गांव की प्रकृति का इस सीमा तक प्रेमी हो गया था कि उसने वसीयत की थी कि मरने के बाद उसे वरसक पुल के समीप दफ्न किया जाये।


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Oct १४, २०१५ १५:४२ Asia/Kolkata
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