• फ़ारसी सीखें-30वां पाठ

ईरान की इस्लामी क्रांति के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी की एक विशेषता यह भी थी कि वे लोगों की समस्याओं पर बहुत अधिक ध्यान देते थे और ईरान व विश्व की सामयिक घटनाओं से अवगत रहते थे।

ईरान की इस्लामी क्रांति के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी की एक विशेषता यह भी थी कि वे लोगों की समस्याओं पर बहुत अधिक ध्यान देते थे और ईरान व विश्व की सामयिक घटनाओं से अवगत रहते थे। उन्हें ईरान पर शासन करने वाली शाही सरकार के अत्याचारों से बहुत अधिक दुख होता था और वे इस स्थिति से संघर्ष करना चाहते थे। वर्ष 1961 में ईरान के तानाशाह मुहम्मद रज़ा पहलवी ने क्षेत्रीय व प्रांतीय परिषदों के क़ानून को पारित करके, ईरानी समाज से इस्लाम को समाप्त करने के मार्ग में एक अन्य क़दम उठाना और ईरान पर विदेशियों के वर्चस्व का मार्ग प्रशस्त करना चाहा किंतु इमाम ख़ुमैनी ने इस षड्यंत्र को विफल बनाने के लिए लोगों को इसके कुप्रभावों से अवगत कराया और इसके परिणाम स्वरूप शाह की सरकार लगभग एक वर्ष बाद इस क़ानून को भंग करने पर विवश हो गई। उन दिनों इमाम ख़ुमैनी के भाषण, लोगों को सच्चाइयों और तथ्यों से अवगत कराते थे और वे समझ जाते थे कि पहलवी शासन किस प्रकार ईरान के साथ विश्वासघात कर रहा है। मुहम्मद और रामीन इस बारे में बात करते हैं। पहले उनकी बातचीत में आने वाले मुख्य शब्दों पर ध्यान दीजिए फिर हम आपको उनकी वार्ता सुनवाएंगे।


 

 

با توجه به

के दृष्टिगत

 صحبتها

बातें

 

 روحانی

धर्मगुरू

 روحانیون

 

धर्मगुरू (बहुवचन)

 فعال

सक्रिय, कार्यकर्ता

 خوش ذوق

 

अच्छे स्वभाव का

 حوزه علمیه

धार्मिक शिकक्षा केंद्र

 قم

 

क़ुम (नगर का नाम)

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ज्ञान प्राप्ति

 ایشان

 

वे

 نزد

निकट

 اساتید

 

शिक्षक (बहुवचन)

 علم

ज्ञान

 علوم 

 

ज्ञान (बहुवचन)

 علوم اسلامی

इस्लामी ज्ञान

 او فرا گرفت

 

उन्होंने सीखा

 دوران

काल

 جوانی

 

युवाकाल

 درجه

दर्जा, स्तर

 اجتهاد

 

क़ुरआन व हदीस से धर्म के आदेश

निकालने की योग्यता

 او رسید

वे पहुंचे

 آن زمان

 

उस समय

 وضعیت

स्थिति

 چگونه

 

किस प्रकार

 آن سالها

उन वर्षों में

 حاکم

 

शासक

او تحت فشار گذاشت

उसने दबाव में डाला

 مجلس

 

बैठक, सभा

 مجالس

बैठकें, सभाएं

 مذهبی

 

धार्मिक

 او تعطیل کرد

उसने बंद कर दिया

 او ممنوع کرد

 

उसने प्रतिबंधित किया

 تدریس

पढ़ाना, शिक्षा देना

 امور دینی

 

धार्मिक मामले

 مدرسه

स्कूल, मदरसा

 مدارس 

 

स्कूल (बहुवचन)

 لابد

अवश्य

 مردم

 

लोग

 آگاهی زیاد

अधिक ज्ञान

 آنها نداشتند

 

उनके पास नहीं था

 بزرگ

बड़ा

 روشن شدن

 

स्पष्ट होना

 حقایق

सच्चाइयां

 تلاش

 

प्रयास

 علاو بر

के अतिरिक्त

 سخنرانی

 

भाषण

 آثار

पुस्तकें, अवशेष

 ارزشمند

 

मूल्यवान

 در زمینه

के बारे में

 معرفی

 

परिचय

 افشا

भांडा फोड़ना

 سیاستها

 

नीतियां

 او تالیف کرد

उन्होंने लिखी

 قیام

 

आंदोलन

 آن شکل گرفت

वह आंरभ हुआ

 در زمان

 

के समय में

 حکومت

सरकार

 آن رخ داد

 

वह घटित हुआ

 به دنبال

के पीछे, के बाद

 سرکوبگرانه

 

दमनकारी

 رژیم

शासन

 شاه

 

राजा, शाह

 او بازداشت شد

वे गिरफ़्तार हुए

 در پی آن

 

उसके बाद

 آن به وقوع پیوست

वह घटित हुआ

 او مخالف بود

 

वह विरोधी था

 سلطه

वर्चस्व

 دشمنان

 

शत्रु (बहुवचन)

 راه را باز می کرد

राह खोलता था

 مبارزه

 

संघर्ष

 در

दरवाज़ा

 آگاهی

 

ज्ञान, जानकारी

 بیداری

जागरूकता

 او گشود

 

उसने खोला

 

आइये अब मुहम्मद और रामीन के बीच होने वाली बात चीत सुनते हैं, वे इमाम ख़ुमैनी रहमतुल्लाह अलैह के संघर्ष के बारे में बात कर रहे हैं।

 

محمد - رامین باتوجه به صحبتهای تو ، امام خمینی از روحانیون فعال و خوش ذوق حوزه علمیه قم بود .

मुहम्मदः रामीन! तुमने जो बातें कीं उनके दृष्टिगत इमाम ख़ुमैनी क़ुम के धार्मिक शिक्षा केंद्र के सक्रिय एवं उच्च धर्मगुरुओं में से एक थे।

 

رامین - بله . ایشان نزد اساتید بزرگ مانند آقامیرزا علی ادیب تهرانی و آیت ا... حاج شیخ عبدالکریم حائری یزدی ، علوم اسلامی را فرا گرفت و در دوران جوانی به درجه اجتهاد رسید .

रामीनः हां, उन्होंने आग़ा मीरज़ा अली अदीब तेहरानी और आयतुल्लाह हाज शैख़ अब्दुल करीम हाएरी यज़दी जैसे महान शिक्षकों से इस्लामी ज्ञान अर्जित किए थे और युवाकाल में ही इज्तेहाद के दर्जे पर पहुंच गए थे।

 

محمد - در آن زمان ، وضعیت ایران چگونه بود ؟

मुहम्मदः उस समय ईरान की स्थिति कैसी थी?

 

رامین - در آن سالها رضاخان بر ایران حاکم بود . او روحانیون را تحت فشار گذاشت ، مجالس مذهبی را تعطیل و تدریس امور دینی را در مدارس ممنوع کرد .

रामीनः उन वर्षों में ईरान पर रज़ा ख़ान शासन कर रहा था। उसने धर्मगुरुओं पर दबाव डाला, धार्मिक सभाओं को बंद करा दिया और स्कूलों में धार्मिक मामलों की शिक्षा को प्रतिबंधित कर दिया।

 

محمد - پس لابد مردم ایران آگاهی زیادی درباره اسلام نداشتند .

मुहम्मदः तो फिर निश्चय ही ईरान के लोगों के इस्लाम के बारे में अधिक जानकारी नहीं थी।

 

رامین - البته روحانیون بزرگی مثل آیت ا... مدرس و امام خمینی (ره) برای روشن شدن حقایق ، بسیار تلاش کردند .

रामीनः अलबत्ता आयतुल्लाह मुदर्रिस और इमाम ख़ुमैनी जैसे वरिष्ठ धर्मगुरुओं ने तथ्यों को सामने लाने के लिए बहुत प्रयास किए।

 

محمد - امام خمینی چه تلاش هایی کرد ؟

मुहम्मदः इमाम ख़ुमैनी ने क्या प्रयास किए।

 

رامین - امام خمینی علاوه بر سخنرانی ، آثار ارزشمندی را درزمینه معرفی اسلام و افشای سیاستهای رضاخان تالیف کرد .

रामीनः इमाम ख़ुमैनी ने भाषणों के अतिरिक्त इस्लाम के परिचय और रज़ा ख़ान की नीतियों का भांडा फोड़ने के लिए मूल्यवान पुस्तकें लिखीं।

 

محمد - قیام 15 خرداد چگونه شکل گرفت ؟

मुहम्मदः पंद्रह ख़ुर्दाद का आंदोलन किस प्रकार आरंभ हुआ?

 

رامین - این قیام در زمان حکومت محمد رضا پهلوی رخ داد . به دنبال سخنرانیهای امام خمینی درباره سیاستهای سرکوبگرانه رژیم شاه ، ایشان بازداشت شد و در پی آن ، قیام 15 خرداد به وقوع پیوست .

रामीनः यह आंदोलन मुहम्मद रज़ा पहलवी के शासन में आरंभ हुआ। शाह की सरकार की दमनकारी नीतियों के बारे में इमाम ख़ुमैनी के भाषणों के बाद, वे गिरफ़्तार हो गए और फिर पंद्रह ख़ुर्दाद का आंदोलन आरंभ हुआ।

 

محمد - چرا امام با سیاستهای شاه مخالف بود ؟

मुहम्मदः इमाम ख़ुमैनी शाह की नीतियों के क्यों विरोधी थे?

 

رامین - چون این سیاستها ، راه را برای سلطه دشمنان بر ایران باز می کرد .

रामीनः क्योंकि ये नीतियां, ईरान पर शत्रुओं के वर्चस्व का मार्ग खोलती थीं।

 

محمد - پس امام با مبارزات خود ، درهای آگاهی و بیداری را بر مردم گشود .

मुहम्मदः तो इमाम ख़ुमैनी ने अपने संघर्ष में लोगों के समक्ष जानकारी व जागरूकता के मार्ग खोले।

 

 

आइये अब एक बार फिर रामीन और मुहम्मद की वार्ता सुनते हैं किंतु इस बार बिना अनुवाद के।

 

محمد - رامین باتوجه به صحبتهای تو ، امام خمینی از روحانیون فعال و خوش ذوق حوزه علمیه قم بود .


رامین - بله . ایشان نزد اساتید بزرگ مانند آقامیرزا علی ادیب تهرانی و آیت ا... حاج شیخ عبدالکریم حائری یزدی ، علوم اسلامی را فرا گرفت و در دوران جوانی به درجه اجتهاد رسید .


محمد - در آن زمان ، وضعیت ایران چگونه بود ؟


رامین - در آن سالها رضاخان بر ایران حاکم بود . او روحانیون را تحت فشار گذاشت ، مجالس مذهبی را تعطیل و تدریس امور دینی را در مدارس ممنوع کرد .


محمد - پس لابد مردم ایران آگاهی زیادی درباره اسلام نداشتند .


رامین - البته روحانیون بزرگی مثل آیت ا... مدرس و امام خمینی (ره) برای روشن شدن حقایق ، بسیار تلاش کردند .


محمد - امام خمینی چه تلاش هایی کرد ؟


رامین - امام خمینی علاوه بر سخنرانی ، آثار ارزشمندی را درزمینه معرفی اسلام و افشای سیاستهای رضاخان تالیف کرد .


محمد - قیام 15 خرداد چگونه شکل گرفت ؟


رامین - این قیام در زمان حکومت محمد رضا پهلوی رخ داد . به دنبال سخنرانیهای امام خمینی درباره سیاستهای سرکوبگرانه رژیم شاه ، ایشان بازداشت شد و در پی آن ، قیام 15 خرداد به وقوع پیوست .


محمد - چرا امام با سیاستهای شاه مخالف بود ؟


رامین - چون این سیاستها ، راه را برای سلطه دشمنان بر ایران باز می کرد .


محمد - پس امام با مبارزات خود ، درهای آگاهی و بیداری را بر مردم گشود .

 

जैसा कि आपने सुना इमाम ख़ुमैनी युवाकाल के आरंभ से ही जुझारू प्रवृत्ति के थे। उन्होंने रज़ा ख़ान और उसके पुत्र मुहम्मद रज़ा के काल में अपना संघर्ष जारी रखा। शाह चाहता था कि भूमि सुधार और सफ़ेद क्रांति जैसी बातें करके विदेशी शक्तियों पर ईरान की अधिक से अधिक निर्भरता का मार्ग प्रशस्त कर दे किंतु इमाम ख़ुमैनी उसका कड़ा विरोध किया। मार्च 1963 में शाह के एजेंटोंने क़ुम नगर के प्रमुख

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Oct ०६, २०१५ १५:४७ Asia/Kolkata
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