जनसंख्या में वृद्धि और शहरों में बसने की प्रक्रिया में वृद्धि के बाद बड़े शहरों को विशेष सांस्कृतिक व मनोरंजक स्थलों की ज़रूरत है जो लोगों के अवकाश के समय के एक भाग को भर सकें।

सांस्कृतिक व मनोरंजक स्थलों के निर्माण का लक्ष्य सार्वजनिक रूप से लोगों की सृजन शक्ति को मज़बूत बनाना और उन्हें स्वस्थ मनोरंजन प्रदान करना है। दूसरे शब्दों में इस प्रकार के स्थान, लोगों की क्षमताएं बाहर लाने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बनाए जाते हैं। तेहरान प्रांत विशेष कर तेहरान शहर में लोगों के अवकाश के समय के लिए बनाए जाने वाले सांस्कृतिक व मनोरंजक स्थलों में से एक सांस्कृतिक केंद्र हैं। इन सांस्कृतिक केंद्रों का सबसे महत्वपूर्ण क्रियाकलाप किशोरों व युवाओं के लिए मनोरंजन व शिक्षा को जोड़ कर स्वस्थ मार्ग पर लाना है। हमने उचित समझा कि सपनों का देश ईरान की इस कड़ी में आपको तेहरान के कुछ सांस्कृतिक केंद्रों से परिचित कराएं।

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ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद लोगों के विभिन्न वर्गों के अवकाश के समय के लिए बेहतर कार्यक्रम तैयार करने और बच्चों, किशोरों व युवाओं की कला व संस्कृति संबंधी गतिविधियों को निखारने के उद्देश्य से तेहरान के विभिन्न क्षेत्रों में अनेक सांस्कृतिक केंद्र बनाए गए। तै लक्ष्यों के दृष्टिगत, तेहरान के सांस्कृतिक केंद्रों में कई भाग हैं जिनमें पुस्तकालय, अध्ययन का हॉल, एम्फ़ी थियेटर और रंगमंच, कला की शिक्षा की क्लासें और गैलरी इत्यादि शामिल हैं। अलबत्ता कुछ सांस्कृतिक केंद्रों में उनकी गुंजाइश और विशेष कार्यक्रमों के अनुसार सिनेमा हॉल, स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, प्रकाशन और क्रय-विक्रय के स्टॉल इत्यादि भी बनाए गए हैं। यह बताना भी आवश्यक है कि कुछ सांस्कृतिक केंद्रों को लोगों की आवश्यकता और उनके द्वारा प्रोत्साहन पर विशेष विषयों से सुसज्जित किया गया है। जैसे क़ुरआनी सांस्कृतिक केंद्र को, समाज के विभिन्न वर्गों को क़ुरआनी संस्कृति से अवगत कराने, क़ुरआने मजीद के विभिन्न विषयों के बारे में अध्ययन, कलात्मक चीज़ों के सृजन के लिए कलाकारों के समर्थन जैसे लक्ष्यों के साथ वर्ष 2000 में बनाया गया है। दूसरे शब्दों में क़ुरआन का सांस्कृतिक केंद्र विचार व कर्म के क्षेत्र में क़ुरआने मजीद के स्थान को मज़बूती प्रदान करने और विभिन्न स्तरों पर क़ुरआनी संस्कृति को बढ़ावा देने की कोशिश करता है। तय सांस्कृतिक केंद्र भाषण, सिनेमा और रंगमंच के हॉलों के अलावा पुस्तकालय, कंप्यूटर युक्त क़ुरआन की लेबॉरेटरी और क़ुरआन के संग्रहालय जैसे विभागों से भी सुसज्जित है। इस संग्रहालय में क़ुरआने मजीद की दुर्लभ प्रतिया रखी गई हैं।

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कला सांस्कृतिक केंद्र या अरसबारान सांस्कृतिक केंद्र तेहरान के सक्रिय सांस्कृतिक केंद्रों में से एक है। इसका निर्माण वर्ष 1995 में किया गया था और अरसबारान सांस्कृतिक केंद्र को कला व संस्कृति के क्षेत्र में एक अहम व प्रभावी केंद्र के रूप में बड़े बड़े कलाकारों, उस्तादों, अध्ययनकर्ताओं और कलाप्रेमियों के स्वागत का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। यह सांस्कृतिक केंद्र अपने जन संपर्क विभाग, पुस्तकालय, गैलरी इत्यादि के सहारे फ़िल्मों व नाटकों के प्रदर्शन, संगीत, साहित्य, वास्तुकला के माध्यम से राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सेवाएं प्रदान कर रहा है।

कला संस्कृति केंद्र चित्रकारिता, क़ालीन की बुनाई, किताबों पर चित्रकारी, सुलेख, क़हवा ख़ानों की चित्रकारी, कहानी लेखन, संपादन, डिज़ाइनिंग और इसी प्रकार के ईरानी कला के पारंपरिक व नए क्षेत्रों में प्रशिक्षण की क्लासें आयोजित करके युवाओं की क्षमताओं को निखारने का प्रयास कर रहा है। इस सांस्कृतिक केंद्र का एक अहम भाग इसका पुस्तकालय है जो 300 वर्ग मीटर पर फैला हुआ है और इसमें महिलाओं व पुरुषों के लिए दो अलग-अलग अध्ययन हॉल हैं। पुस्तकालय में वास्तुकला, चित्रकारी, ग्राफ़िक, सिनेमा, रंगमंच, मूर्तिकला और मिट्टी के बर्तन बनाने जैसे कला के विभिन्न विषयों और इसी प्रकार साहित्य, इतिहास, मनोविज्ञान इत्यादि विषयों पर लगभग 17 हज़ार पुस्तकें फ़ारसी व अन्य भाषाओं में मौजूद हैं।

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क़ानून या इब्ने सीना सांस्कृतिक केंद्र का उद्घाटन वर्ष 1994 में हुआ। संस्कृति व कला के विस्तार के उद्देश्य से इन दोनों क्षेत्रों में हो रही गतिविधियों को संगठित करना, संस्कृति व कला के क्षेत्र में कलाकारों की सहायता व समर्थन करना, उनकी क्षमताओं का पोषण करना और घरानों की उपस्थिति के लिए उचित स्थान तैयार करना इस सांस्कृतिक केंद्र के गठन के मुख्य लक्ष्य थे जिसने इब्ने सीना सांस्कृतिक केंद्र के नाम से अपनी गतिविधियां आरंभ कीं। वर्ष 2000 में इस सांस्कृतिक केंद्र का नाम ईरान के प्रख्यात दार्शनिक व चिकित्सक इब्ने सीना की चिकित्सा शास्त्र की मशहूर किताब क़ानून के नाम पर क़ानून सांस्कृतिक केंद्र रखा गया। वर्ष 2006 में फिर इसका नाम बदल कर इब्ने सीना सांस्कृतिक केंद्र रख दिया गया। इस समय यह दो मंज़िला सांस्कृतिक केंद्र 1250 वर्ग मीटर पर फैला हुआ है और इसमें एम्फ़ी थियेटर, गैलरी, हस्तकला उद्योग की चीज़ों का बिक्री केंद्र और ट्रेनिंग की क्लासें बनी हुई हैं।

इब्ने सीना सांस्कृतिक केंद्र की अधिकतर गतिविधियां कला, संस्कृति व शिक्षा के क्षेत्रों में विभिन्न क्लासों के आयोजन और पेशावराना दक्षता की प्राप्ति पर आधारित हैं। बच्चों व बड़ों के लिए नाटकों का मंचन, संगीत कंसर्टों व फ़िल्मों का प्रदर्शन, कला व संस्कृति के फ़ेस्टिवलों का आयोजन, विभिन्न धार्मिक, वैज्ञानिक व सांस्कृतिक अवसरों पर कार्यक्रमों का आयोजन, गर्मी की छुट्टियों के विशेष कार्यक्रम इत्यादि इस सांस्कृतिक केंद्र की गतिविधियों में शामिल हैं। इब्ने सीना सांस्कृतिक केंद्र में इसी प्रकार शहर की प्रतिष्ठित हस्तियों के सम्मान में भी अनेक कार्यक्रम आयोजित हो चुके हैं जबकि यहां विभिन्न प्रकार के समारोह भी आयोजित होते हैं।

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बहमन सांस्कृतिक केंद्र, ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद बनाया जाने वाला पहला और सबसे सांस्कृतिक केंद्र है। तेहरान नगर के दक्षिण में 50 हज़ार वर्ग मीटर पर वर्ष 1991 में इस सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण किया गया था। इसी केंद्र में विभिन्न संस्थाओं और संगठनों के कला व संस्कृति के क्षेत्र के अधिकांश कार्यक्रम आयोजित होते हैं। इस सांस्कृतिक केंद्र ने बड़े ही कम समय में अत्यधिक मूल्यवान सेवाएं प्रदान कीं और जल्द ही तेहरान व दूसरे शहरों के अन्य सांस्कृतिक केंद्रों के लिए आदर्श में परिवर्तित हो गया। इस सांस्कृतिक केंद्र में कला, संस्कृति, धार्मिक व शैक्षिक मामलों से जुड़ी सभी संभावनाएं मौजूद हैं और हर आयु वर्ग का आदमी इससे लाभान्वित हो सकता है। प्रतिदिन इसके विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में लोग आते हैं और इसकी संभावनाओं से लाभ उठाते हैं।

पच्चीस साल से अधिक के अनुभव के साथ बहमन सांस्कृतिक केंद्र में कला के विभिन्न विषयों की शिक्षा भी दी जाती है और इसके हर टर्म में 5 से 7 हज़ार लोगों को ट्रेनिंग दी जाती है। हस्तकला, सजावट की कला, मूर्तिकला, संगीत, भाषा, कंप्यूटर, क़ुरआनी ज्ञान, साहित्य और विज्ञान इत्यादि विषयों की शिक्षा इस सांस्कृतिक केंद्र में दी जाती है। इस केंद्र में कला व संस्कृति से जुड़े विषयों के राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मुक़ाबलों का भी आयोजन किया जाता है।

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विज्ञान सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण वर्ष 2002 में किया गया। इसका उद्देश्य नागरिक संस्कृति का विकास था और इसने तेहरान के लोगों को कला व संस्कृति के क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की सेवाएं प्रदान करके अपनी गतिविधियां आरंभ कीं। इस समय यह सांस्कृतिक केंद्र नागरिकों के रोज़मर्रा के जीवन में वैज्ञानिक दृष्टि के प्रचलन, साधारण भाषा में विज्ञान के प्रसार, शिक्षा के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों के लिए उचित वैज्ञानिक मालूमात उपलब्ध कराने, लोगों की क्षमता व समय के अनुसार उनके लिए उचित वैज्ञानिक वातावरण में उपस्थिति का मार्ग समतल करने और विज्ञान व तकनीक संबंधी योग्यताओं को सामने लाने और उन्हें निखारने के जैसे काम कर रहा है। विज्ञान सांस्कृतिक केंद्र की कोशिश है कि समाज में मौजूद शून्यों और इसी प्रकार क्षमताओं व योग्यताओं को पहचान कर तथा उन्हें परवान चढ़ा कर नई पीढ़ी और युवा नस्ल को ज्ञान-विज्ञान के मार्ग पर तेज़ी से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करे। इसी परिप्रेक्ष्य में यह केंद्र विज्ञान के क्षेत्र की प्रतिष्ठित हस्तियों के सम्मान में हर कुछ समय बाद कार्यक्रम आयोजित करता है ताकि युवाओं को विज्ञान के क्षेत्र में देश की अहम हस्तियों से मिलने और उनसे लाभ उठाने का अवसर मिल सके।

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Dec १२, २०१६ ११:१६ Asia/Kolkata
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