2 मार्च सन 1525 ईसवी को हंग्री की राजधानी पर उसमानी सेना का अधिकार हो गया।

उल्लेखनीय है कि इस नगर पर अधिकार होने से पहले उसमानी सेना ने हंग्री के नरेश को मूहाक नामक युद्ध में पराजित कर दिया था। इस प्रकार से उसमानी शासन के अधिकार क्षेत्र की सीमा ऑस्ट्रिया की राजधानी वियाना के द्वार तक पहुंच गयी।

 

2 मार्च सन 1896 ईसवी को फ़्रांस के भौतिकशास्त्री हेनरी बेकरल ने रेडियो एक्टिव पदार्थों की प्रतिबिंबन विशेषता का पता लगाया। उन्होंने अपनी इस खोज के लिए कड़े परिश्रम किये। बेकरल ने रोन्टगन के उस चित्र को देखा जिसे उन्होंने एक्स किरण से बनाया था तो उनके मन में ऐसा पदार्थ खोजने की बात बैठ गयी जिसमें प्रकाश के माध्यम से एक्स किरणे उत्पन्न की जा सकती हों। बेकरल ने यह विशेषता यूरेनियम में देखी और फिर वे अपने उद्देश्य में सफल हो गये। सन 1903 ईसवी में बेकरल को नोबल पुरस्कार प्राप्त हुआ।

 

2 मार्च सन 1956 ईसवी को अफ़्रीक़ा महाद्वीप के अत्यंत प्राचीन देश मोरक्को को स्वाधीनता मिली। यह देश उत्तरी अफ़्रीक़ा में भूमध्य सागर और एटलांटिक महासागर के तट पर स्थित है। अलजीरिया और पश्चिमी सहरा से इसकी सीमाएं मिलती हैं। 7 वीं शताब्दी ईसवी के अंत में मुसलमानों ने इस देश पर अधिकार किया और फिर इस देश पर कई शासन श्रृंखलाओं का राज रहा। 15 वीं शताब्दी ईसवी से इस देश पर योरपीय देशों का अतिक्रमण आरंभ हुआ किंतु 1912 तक यह देश किसी सीमा तक स्वाधीन रहा। 1912 में फ़्रांस समझौते के अनुसार यह देश फ़्रांस और स्पेन के अधीन हो गया जिसके बाद से अब्दुल करीम रीफ़ी नामक मोरक्को के नेता के नेतृत्व में स्पेन और फ़्रांस के विरुद्ध संघर्ष आरंभ हुआ किंतु 1926 में अतिक्रमणकारियों के व्यापक आक्रमण से यह संघर्ष कुचल दिया गया लेकिन इसके बाद भी लोगों ने स्वतंत्रता की लड़ाई को जारी रखा अंतत: दो मार्च सन 1956 ईसवी को यह देश स्वतंत्र हो गया।

 

2 मार्च सन 1972 को ऊर्दू भाषा के प्रसिद्ध कवि नासिर काज़मी का देहान्त हुआ। वह 8 दिसम्बर सन 1925 को अंबाला में जन्मे थे। उन्होंने आरंभिक शिक्षा शिमला और अंबाला में प्राप्त की। वे लाहौर के इस्लामिया कालेज से बीए करने के बाद किसी कारणवश शिक्षा के क्रम को जारी न रख सके।

नासिर काज़मी की शायरी का आरंभ लगभग 1940 से हुआ।  उन्होंने SONNET और पद्य से अपनी शायरी आरंभ की, फिर वे ग़ज़लें कहने लगे जिसमें उनका मार्गदर्शन हफ़ीज़ होशियारपूरी ने किया। वर्ष 1954 में पहला पद्य संकलन बर्गे नय प्रकाशित हुआ जिसके प्रकाशित होने के बाद वे ऊर्दू ग़ज़ल में पहली पंक्ति के कवियों में शामिल हो गए। उनकी ग़ज़लों का दीवान नामक पद्य संकलन उनकी मृत्यु के बाद प्रकाशित हुआ। पहली बारिश, निशाते ख़वाब और सर की छाया उनके अन्य पद्य संकलन हैं जबकि गद्य संकलन " ख़ुश्क चश्मे के किनारे" के नाम से प्रसिद्ध है।

 

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11 इसफ़ंद सन 1301 हिजरी शम्सी को ईरान के विख्यात संगीतकार मुर्तज़ा हन्नाने का जन्म हुआ। हन्नाने ने आरंभिक शिक्षा प्राप्ति के बाद संगीत फैकेल्टी में प्रवेश ले लिया और कुछ समय बाद उन्होंने तेहरान रेडियो के साथ सहकारिता आरंभ की। हनाने ईरान के संगीत उस्तादों में थे जिनका 1368 हिजरी शम्सी में 67 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके द्वारा लिखी गयी पुस्तकों में मकासिदुल अलहान, जो संगीत के विषय में है  अति महत्वपूर्ण है, इसी प्रकार उनके द्वारा संकलित पुस्तकों में सब्र व ज़फ़र और गामहाए गुमशुदे का नाम लिया जा सकता है।

 

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13 जमादिस्सानी सन 430 हिजरी क़मरी को मिस्र की राजधानी क़ाहेरा में इस्लामी जगत के विख्यात विद्वान, गणितज्ञ और भौतिकशास्त्री इब्ने हैसम का निधन हुआ। वे सन 354 हिजरी क़मरी में इराक़ के बसरा नगर में पैदा हुए थे। व्यापक प्रयासों और कठिन परिश्रम से वे कुशल गणितज्ञ बने। इसी प्रकार उन्होंने भौतिकशास्त्र चिकित्सा विज्ञान,दर्शनशास्त्र और खगोलशास्त्र आदि का भी व्यापक ज्ञान प्राप्त किया और फिर इन विषयों की शिक्षा दूसरों को दी। उन्होंने प्रकाश के बारे में गहन अध्य्यन किया और सराहनीय शोध  कार्य किये। प्रकाश के बारे में अध्ययन के समय उन्होंने बड़ी कुशलता से यह पता लगाया कि प्रकाश और उसके प्रतिबिम्बन के कोणों में एक संपर्क है। इब्ने हैसम ने इसी प्रकार गणित के क्षेत्र में बहुत से नियम व सिद्धांत पेश किए । इब्ने हैसम ने माइक्रोस्कोप का भी आविष्कार किया। उनकी खोज से कैपलर और गैलीले जैसे खोजकार्ताओं ने भी लाभ उठाया।

इब्ने हैसम ने गणित और ,चिकित्सा विज्ञान आदि क्षेत्रों में बहुत सी पुस्तकें लिखी हैं। उनकी एक महत्वपूर्ण पुस्तक का नाम अलमनाज़िर है जिसका अंग्रेज़ी में भी अनुवाद हो चुका है। कैपलर ने खगोलशास्त्र के क्षेत्र में इस पुस्तक से बहुत लाभ उठाया।

 

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Feb २१, २०१७ १७:१५ Asia/Kolkata
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