5 मार्च सन 1558 ईसवी को फ़्रांसिस्को फ़रनैन्डिज़ ने यूरोप में सिगरेट पान की शुरुआत करवाई।

5 मार्च सन 1934 ईसवी को पहली बार मादर इन ला डे अथवा सास का दिन मनाया गया।

5 मार्च सन 1968 ईसवी को सूर्य से संबंधित जानकारियां प्राप्त करने के लिए अमरीका ने सोलर एक्सप्लोरर-2 को विकसित किया।

5 मार्च सन 1815 को मिस्मेरिज़्म का सबसे पहले प्रयोग करने वाले फ़्रांज़ मिस्मर का देहान्त हुआ। वे वर्ष 1733 में जन्मे थे। उन्होंने वर्ष 1766 में विएना विश्वविद्यालय से चिकित्सा की शिक्षा पूरी की। शिक्षा प्राप्ति के दौरान उन्होंने मनुष्यों पर तारों के चुंबकीय प्रभाव के बारे में एक आलेख लिखा और मनुष्यों के समस्त रोगों का उपचार चुंबक द्वारा करने का दावा किया। वह यह कल्पना करते थे कि चुंबकीय पदार्थ पूरे संसार पर छाया हुआ है। मिस्मर के इस दृष्टिकोण के कुछ सफल परिक्षण के कारण जल्द ही वे दूर दूर तक प्रसिद्ध हो गए और असाध्य रोगी उपचार के लिए उनके पास आने लगे। विएना के चिकित्सकों के विरोध के कारण उन्हें विएना छोड़कर पेरिस जाना पड़ा जहां उनकी उपचार शैली को बहुत ख्याति प्राप्त हुई। मिस्मर ने अपनी उपचार शैली को एनीमल मैग्नीटीज़्म या हैप्नाटीज़्म का नाम दिया। मिस्मर को पेरिस में भी चिकित्सकों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा जिससे आहत होकर उन्होंने पेरिस भी छोड़ दिया और अपनी शेष आयु एकांत में गुज़ारी।

 

 

5 मार्च वर्ष 1827 ईस्वी को इतालवी भौतिक शास्त्री एलेकज़ेन्डेर वोल्टा का 82 वर्ष की आयु में निधन हुआ। वे विश्वविधयालय में पढ़ाने के साथ साथ शोध कार्य भी करते रहे। अन्तत: उन्होंने एलेक्ट्रोमीटर का आविष्कार किया। कुछ समय पश्चात वोल्टा ने एलेक्ट्रिक सेल का भी अविष्कार किया जिस का नाम वोल्टा सेल रखा गया।

इस समय विधुत मापक इकाई का नाम उन्हीं के नाम पर वोल्ट रखा गया है।

 

5 मार्च सन 1953 ईसवी को पूर्व सोवियत सेघ के कुख्यात नेता जोज़ेफ़ स्टालिन का चौहत्तर साल की आयु में निधन हुआ। वह वर्ष 1889 में जार्जिया में पैदा हुए थे। सन 1913 तेरह में उन्हें रूसी शासक के ख़िलाफ़ राजनीतिक गतिविधियों में लिप्त होने के कारण साइबेरिया भेज दिया गया और सन 1917 में सोवियत संघ की क्रांति की सफलता तक वह वहीं रहे। वह लेनिन के सत्ताकाल में पूर्व सोवियत संघ में बड़े बड़े पदों पर रहे और लेनिन की मौत के बाद वह दो अन्य लोगों के साथ सोवियत संघ के नेता बने किंतु वर्ष 1927 में पर्टी में अपने प्रतिस्पर्धियों को हटा कर पार्टी और देश में अपनी एकछत्र सत्ता बनाने में सफल हुए और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख का पद भी उन्होंने अपने पास रखा। स्टालिन ने मरते दम तक पूर्व सोवियत संध पर अत्याधिक हिसक रूप में शासन किया।

 

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14 इसफ़ंद सन 1346 हिजरी शम्सी को ईरान के प्रधान मंत्री व वरिष्ठ राजनीतिज्ञ डॉक्टर मोहम्मद मुसद्दिक़ का निधन हुआ। वे सन 1261 हिजरी शम्सी में तेहरान में जन्मे थे। मुसद्दिक़ सन 1299 हिजरी शम्सी में वित्त मंत्री, और फिर संसद में तेहरान की जनता के प्रतिनिधि के रुप में चुने गये किंतु इसके बाद वे कुछ दिनों तक राजनीति से अलग हो गये। मुसद्दिक़ सन 1322 हिजरी शम्सी में दोबारा राजनीति में लौटे और उन्होंने ईरान में तेल के राष्ट्रीकरण के लिए प्रयास किये। 29 इसफ़ंद सन 1329 हिजरी शम्सी को वे संसद में तेल के राष्ट्रीयकरण के क़ानून को पारित करवाने में सफल हुए। इसी क़ानून को लागू करने के प्रयास के दौरान उन्हें गिरफ़तार करके तीन वर्ष की जेल की सजा सुनाई गयी। बाद में तेहरान के पश्चिम में अहमदाबाद नामक एक गांव की ओर उन्हें देश निकाला दे दिया गया। देशनिकाले में कुछ वर्ष बिताने के बाद उनका निधन हो गया।

 

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16 जमादिस्सानी सन 421 हिजरी क़मरी को स्पेन के कवि और लेखक इब्ने दर्राज क़स्तली का निधन हुआ। उनका जन्म 347 हिजरी क़मरी में हुआ। वे अरबी भाषा में शेर कहते थे। उन्होंने अरबी शायरी में एक नयी शैली आरंभ की। उनकी शायरी का, साहित्य और कला की दृष्टि से विशेष महत्व है साथ ही उनके शेर तत्कालीन घटनाओं का लिखित प्रमाण समझे जाते हैं।

 

 

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Feb २५, २०१७ ११:२५ Asia/Kolkata
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