13 मार्च सन 1940 को भारतीय क्रांतिकारी ऊधम सिंह ने अंग्रेजों से जलियांवाला बाग का बदला लेने के लिए जनरल डायर पर गोलियां चलाईं।

13 मार्च सन 1921 को मंगोलिया ने चीन से स्वतंत्रता हासिल की ।

13 मार्च सन 1940 को भारतीय क्रांतिकारी ऊधम सिंह ने अंग्रेजों से जलियांवाला बाग का बदला लेने के लिए जनरल डायर पर गोलियां चलाईं।

तुर्की ने सन 1964 को साइप्रस के खिलाफ़ हमले की धमकी दी थी।

1997 - सिस्टर निर्मला का चयन नेता के रूप में ईन्डियन मिशनरीज ऑफ चैरिटी में मदर टेरेसा द्वारा किया गया।

1999 - शेख़ हमाज बिन ईसा अल ख़लीफ़ा बहरीन के नये शासक बने, 23 वर्षों के अंतराल के बाद श्रीलंका सरकार ने हत्या एवं मादक द्रव्य तस्करी सदृश अपराधों के लिए मृत्युदंड की सज़ा पुन: बहाल करने का निश्चय किया।

2002 - राबर्ट मुगावे पुन: जिम्बाब्वे के राष्ट्रपति निर्वाचित, पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ़ की जापान यात्रा प्रारम्भ, सी.टी.बी.टी. पर हस्ताक्षर के लिए समय मांगा।

स्‍कॉटलैंड के डनब्लेन के स्कूल में 1996 में एक बंदूकधारी ने घुसकर गोलियों की बौछार कर दी जिसमें लगभग 16 बच्चे और उनके शिक्षक की मौत हो गई।

इराक़ पर ब्रिटेन ने 2003 में रखे प्रस्तावों को फ़्रांस ने नामंज़ूर कर दिया।

सेक्स स्कैण्डल में फंसे न्यूयार्क के गवर्नर एलिमट स्पित्जर ने 2008 में अपने पद से इस्तीफ़ा देने की घोषणा की।

सार्क साहित्योत्सव 2009 में आगरा में शुरू हुआ।

2012 को बंगलादेश की राजधानी ढाका के समीप एक तेल टैंकर और एक नौका के बीच हुई टक्कर में लगभग 100 लोगों की जान गयी।

आंध्र प्रदेश के राजनैतिक नेता बुर्गुला रामकृष्ण राव का 1899 में जन्म हुआ।

हिंदी के प्रसिद्ध कवि आत्मा रंजन का 1971 में जन्म हुआ।

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13 मार्च सन 1751 ईसवी को फ़्रांस के आविष्कारक मारकी डोजरफेरा का जन्म हुआ। उन्होंने फ़्रांस के आविष्कारक और भाप की शक्ति की खोज करने वाले डेनिस पापेन तथा भाप से चलने वाला रेल इंजन बनाने वाले जार्ज इस्टीफ़ेंन्सन के अध्ययनों से लाभ उठाकर भाप से चलने वाला समुद्री जहाज़ बनाया जो इस क्षेत्र में बहुत महत्वपूर्ण परिवर्तन था। इस आविष्कारक के बाद समुद्री जहाज़ के माध्यम से सामान को कम समय में एक स्थान से दूसरे तक पहुंचाया जाने लगा।

13 मार्च सन 1916 ईसवी को फ़्रांस के लेखक पियर गास्कर का पेरिस में जन्म हुआ। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उन्हें जर्मनी के सैनिकों ने गिरफ़तार कर लिया था।

वे एक शांतिप्रिय व्यक्ति थे जो उनकी रचनाओं में पूर्ण रुप से स्पष्ट है।

 

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13 मार्च सन 1930 ईसवी को सौरमंडल के सबसे दूरवर्ती ग्रह प्लेटोन का पता लगाया गया अमरीका के आरीज़ोना नगर की आबज़रवेटरी द्वारा इस ग्रह की खोज से पहले भी कुछ खगोल शास्त्रियों ने 1915 में पलेटोन के अस्तित्व और उसके स्थान का पता लगा लिया था। सूर्य से इस ग्रह की दूरी 5811 मिलयन किलोमीटर है और यह 224 वर्ष में सूर्य का एक चक्कर पूरा करता है।

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13 मार्च सन 1948 ईसवी को फ़िलिस्तीन में उत्तरी जलीला के हुसैनिया गांव पर आतंकवादी जायोनी गुट हागाना ने आक्रमण किया । ज़ायोनियों ने इस आक्रमण में 60 फ़िलिस्तीनियों का जनसंहार किया। ज़ायोनी सैनिकों ने आज ही के दिन बैतुल मुक़ददस में क़तमून भाग के घरों को ध्वस्त कर दिया और कई फ़िलिस्तीनियों की हत्या कर दी। फ़िलिस्तीनी जनता का जनसंहार इस लिए किया गया कि ज़ायोनी गुट फ़िलिस्तीन से ब्रिटेन की सेना के निकलने के बाद ज़ायोनी शासन की स्थापना की घोषणा कर सकें।

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22 इसफ़ंद सन 1358 हिजरी शम्सी को ईरान की इस्लामी क्रान्ति के संस्थापक इमाम ख़ुमैनी ने अपने एक संदेश में आदेश दिया कि क्रान्ति के शहीदों के परिवारों की देख भाल के लिए एक संस्था बनायी जाए।

इमाम ख़ुमैनी ने इस संदेश के एक भाग में कहा था कि हम सब जानते हैं कि इस्लामी आंदोलन और इस्लामी क्रान्ति की सफलता जनता के विभिन्न वर्गों के बलिदान का प्रतिफल है अत: पहले ही चरण में चाहिए कि क्रान्ति के शहीदों और इस मार्ग में अपंग हो जाने वालों की सराहना की जाए और इसके लिए शहीद और अपंग हो जाने वालों के परिवारों की ओर ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सही प्रकार से उनके सम्मान को सुरक्षित रखा जाना चाहिए।

इमाम ख़ुमैनी के इस आदेश के बाद बुनियादे शहीदे इंक़लाबे इस्लामी नामक संस्था  की स्थापना हुई जिसने स्थापना से अब तक अनगिनत सराहनीय कार्य किये हैं।

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24 जमादिस्सानी सन 544 हिजरी क़मरी को मुसलमान धर्मगुरू अहमद बिन अली बैहक़ी सब्ज़वारी का निधन हुआ।

वे अरबी भाषा में दक्ष थे। साथ ही वे क़ुरआन मजीद की आयतों की समीक्षा भी बड़ी कुशलता से करते थे। उनकी अधिकांश पुस्तकें क़ुरआन के बारे में हैं।

24 जमादिस्सानी सन 616 हिजरी क़मरी को अरबी भाषा के प्रसिद्ध साहित्यकार यहया बिन क़ासिम सालेबी का निधन हुआ वे अबू ज़करिया के नाम से प्रसिद्ध हुए। साहित्य के अतिरिक्त वे धार्मिक ज्ञान में भी दक्ष थे। उन्होंने वर्षो तक बग़दाद में शिक्षा दी। उनका पद्य संकलन अरब बुद्धिजीवियों के मध्य विशेष ख्याति रखता है।

 

Mar १३, २०१८ ०२:०० Asia/Kolkata
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