1564 को मुग़ल बादशाह सम्राट अकबर ने ग़ैर मुस्लिमों से जिज़िया कर हटा दिया।

1493 को क्रिस्टोफ़र कोलम्बस अपने विश्व भ्रमण के बाद स्पेन लौटे।

1564 को मुग़लबाद शाह ने ग़ैर मुस्लिमों से जिज़िया कर हटा दिया।

1744 को फ़्रांसीसी सम्राट लुईस पंद्रहवें ने ब्रिटेन के विरुद्ध युद्ध की घोषणा की।

1901 को अमरीका के सैन फ़्रांसिस्को में घोड़ों की दौड़ पर प्रतिबंध लगा।

1907 को फिनलैंड महिलाओं को को वोट देने का अधिकार देने वाला पहला यूरोपीय देश बना।

1919 को हैदराबाद में उस्मानिया विश्व विद्यालय का उद्घाटन हुआ।

1943 को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा का जन्म हुआ।

1964 को सोवियत संघ ने पूर्वी क़ज़ाक़िस्तान में परमाणु परीक्षण किया।

1969 को भारतीय नौसेना में पहला हेलीकाप्टर दस्ता गोवा में शामिल किया गया।

1984 को यूरोपीय देश तंज़ानिया में संविधान को अंगीकार किया गया।

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15 मार्च सन 1646 ईसवी को फ़्रांस के विख्यात वास्तुकार हारडोइन मैन्सर का जन्म हुआ। वे लुईस चतुर्थ के काल में पैदा हुए थे। उन्होंने लुईस चतुर्थ के ही आदेश पर वार्सा के महल का निमार्ण पूरा किया। इसका निर्माण एक अन्य वास्तुकार ने आरंभ किया था। वार्सा महल पेरिस के निकट बना हुआ है। यह विश्व के बड़े ऐतिहासिक महलों में है। इस महल में बहुत महत्वपूर्ण घटनाए हुई और ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इनमें सन 1919 में प्रथम विश्व युद्ध का शांति समझौता भी शामिल है।

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15 मार्च सन 1798 ईसवी को आगॅस्ट कैन्ट नामक फ़्रांसीसी दार्शनिक और गणिति का जन्म हुआ। कैन्ट 18 वर्ष की आयु में गणित के शिक्षक बन गये। दर्शनशास्त्र में वे फ़्रांसीसी दार्शनिक सेन साइमन के विचारों से प्रभावि थे। उन्होंने दर्शन शास्त्र के सिद्धान्त साकरात्मवाद की आधार शिला रखी। केंट की विचारधारा के प्रचार प्रसार के परिणाम स्वरुप दर्शनशास्त्र और विज्ञान की दुनिया से निकलकर व्यवहारिक चरण में प्रविष्ट हुआ। सन 1857 में कैंट का निधन हुआ।

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15 मार्च सन 1989 ईसवी को मिस्र के पूर्वोत्तरी भाग में ताबा नामक क्षेत्र ज़ायोनी शासन के वर्षों के अतिग्रहण से मुक्त हुआ। इस शासन ने सीना मरुस्थल को जो ताबा के पूरब में स्थित है 1967 ईसवी के युद्ध के दोरान अपने क़ब्ज़े में कर लिया था। वर्ष 1987 में कैम्प डेविड समझौते पर हस्ताक्षर के बाद ज़ायोनी शासन ने सीना मरुस्थल को मिस्र को लौटाने की हामी भरी। ज़ायोनी शासन ने सीना के कुछ भागों का अतिग्रहण समाप्त कर दिया किंतु ताबा क्षेत्र इस शासन के अधिकार में रहा। बाद में निरंतर वार्ताओं और विश्व जनमत के बढ़ते दबाव के कारण ताबा क्षेत्र स्वतंत्र हुआ। सन 1989 में ज़ायोनी सेनाए इस क्षेत्र से निकलने पर विवश हुई थीं।

 

 

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24 इसफ़ंद सन 1358 हिजरी शम्सी को ईरान में क्रान्ति के बाद संसद मजलिसे शूराए इस्लामी के पहले चुनावों का आयोजन हुआ। इस प्रकार इस्लामी क्रान्ति का एक और लक्ष्य पूरा हुआ। जनता ने पारदर्शी चुनावों में पूरी स्वतंत्रता के साथ अपने प्रतिनिधि चुने। यह चुनाव ऐसी स्थिति में हुए, जब इस्लामी क्रान्ति के शत्रु ईरान की नवस्थापित इस्लामी व्यवस्था का अंत करने के लिए प्रयासरत थे और नित नऐ षडयंत्र रचते थे किंतु ईरानी जनता ने इमाम ख़ुमैनी के नेतृत्व में शत्रुओं की समस्त चालों को विफल बना दिया और मजलिसे शूराए इस्लामी ने अपना काम आरंभ किया। ईरानी संसद में कुल 290 सीटें है। यहॉं सांसदों का चयन चार वर्ष के लिए होता है।

ईरानी संसद के लिए अनिवार्य है कि वह जो भी कानून बनाए वह इस्लामी नियमों के प्रतिकूल न हो।

 

24 इसफ़ंद सन 1363 हिजरी शम्सी को विदेशी शत्रुओं के इशारे पर ईरान में आतंकवादियों ने तेहरान में नमाज़े जुमा में नमाज़ियों के बीच धमाका किया जिसमें बहुत से लोग मारे गये। थोपे गये युद्ध के दौरान ठीक इसी धमाके के समय इराक़ी युद्धक विमानों ने उड़ाने भर कर तेहरान को निशाना बनाया।

आश्चर्यजनक बात यह है कि इस धमाके के बाद भी नमाज़ी नमाज़ पढ़ते रहे और तल्कालीन राष्ट्रिपति और वर्तमान वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिलउज़मा सैयद अली ख़ामेनई ने शांति ओर संतोष के साथ नमाज़ पूरी की।

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26 जमादिस्सानी सन 826 हिजरी क़मरी को मुस्लिम धर्मगुरु शैख़ जमालुददीन हिल्ली असदी का इराक़ के नजफ़ शहर में निधन हुआ। वे इराक़ के हिल्ला नगर में जन्म थे।

धर्मगुरुओं के बीच वे फ़ाज़िले मेक़दाद के नाम से प्रसिद्ध थे। उन्होंने इस्लामी विषयों पर कई पुस्तकें लिखीं। उनकी पुस्तकों में आदाबुल हज और आयातुल-अहकाम का नाम लिया जा सकता है।

 

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Mar १५, २०१८ ०२:०० Asia/Kolkata
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