दक्षिणी ईरान में स्थित फ़ार्स खाड़ी का क्षेत्रफल 2 लाख 30 हज़ार वर्ग किलोमीटर है।

इस इलाक़े में छोटे बड़े दसियों द्वीप स्थित हैं, जिनकी अपनी सुन्दरता है। जैसे कि लार्क, हुरमुज़, क़िश्म, कीश, लावान, हेंगाम, ख़ारक, ख़रकू, अबू मूसा, तुंबे बुज़ुर्ग और तुंबे कूचक। इनमें से कुछ द्वीपों पर आबादी है और कुछ ग़ैर आबाद हैं। शीदूर द्वीप इन्हीं में से एक द्वीप है। फ़ार्स खाड़ी के तट से इसकी दूरी 9 किलोमीटर है। वर्तमान समय में यह ग़ैर आबाद द्वीप है लेकिन यहां मौजूद खंडहरों से पता चलता है कि प्राचीन काल में यहां लोग बसते थे। मूंगों वाले भाग और शीदूर के तटों को 1378 में रामसर कन्वेंशन के तहत अंतरराष्ट्रीय झील के रूप में औपचारिकता प्रदान कर दी गई।

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भूविज्ञान की दृष्टि से शीदूर द्वीप, ज़ाग्रोस की तलहटी की एक तह है। यह द्वीप मूंगों के टुकड़ों से बना हुआ है और उसके अधिकांश तटों की बनावट चट्टान रूपी है। द्वीप के सबसे ऊंचे स्थान की ऊंचाई 8 मीटर है। द्वीप के दक्षिण पूर्वी कोने में टूटी हुई चट्टानें हैं, जहां बड़े बड़े पत्थरों के टुकड़े हैं। इस द्वीप के बाक़ी तट रेतीली पट्टी के हैं, जो उत्तर पूर्वी भाग तक नाक के आकार में फैले हुए हैं।

शीदूर द्वीप फ़ार्स खाड़ी के सबसे सुन्दर मूंगों के द्वीपों में से एक द्वीप है। यहां समुद्र के किनारे सूर्यास्त के समय रंगों की जगमगाहट को देखा जा सकता है। यह द्वीप एशिया में मूंगे की चट्टानों का एक महत्वपूर्ण स्थान है। यहां पाए जाने वाले मूंगों में अधिकांश दो प्रकार के मूंगें हैं, ब्रेन मूंगा और स्टॉघर्न। इसका कारण फ़ार्स खाड़ी की पारिस्थितिक परिस्थितियां हैं। यहां पाए जाने वाले अन्य प्रकार के मुलायम मूंगों या लहरों के प्रकार के मूंगों में केलकेरियस स्केलेटन का अभाव होता है और यह पानी में इधर से उधर बहते रहते हैं। अब तक फ़ार्स खाड़ी में 70 प्रकार के मूंगों की पहचान हो चुकी है, जिनमें से आधे ईरान के पानियों में पाए जाते हैं।

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शीदूर द्वीप के मूंगों का क्षेत्रफल ध्यान योग्य है। इस प्रकार से कि यह द्वीप, यूसीएन की महत्वपूर्ण मूंगों की चट्टानों की सूचि में पंजीकृत कर लिया गया है। शीदूर द्वीप में पाई जाने वाली वनस्पतियों की अधिक क़िस्में नहीं हैं, लेकिन घनत्व की दृष्टि से यह समृद्ध है। अधिकांश नवस्पतियां खारे पानी और रेत में उगती हैं। यहां स्यूडा और एंट्रिप्लैक्स प्रजातियां अधिकांश मात्रा में पाई जाती हैं, इनकी अधिकांश ऊंचाई 60 सेंटिमीटर होती है। द्वीप के कुछ स्थानों में घास का घनत्व 100 प्रतिशत है, इस प्रकार से कि वहां से गुज़रना असंभव हो जाता है। इस द्वीप में पाई जाने वाली वनस्पतियों में ब्रूमरेप, केमिलीयोन बीच, प्लांटेन और वेरवेन ईस्ट का नाम लिया जा सकता है।

स्थानीय लोग शीदूर द्वीप को जाफ़री सांपों की वजह से मारू द्वीप कहते हैं। जाफ़री सांप जो इस द्वीप में अधिकांश संख्या में पाए जाते हैं, काले रंग के ज़हरीले और छोटे सांप होते हैं। आम तौर से यह सांप रेत के नीचे छुपे होते हैं। इस द्वीप में एकांतवासी केकड़ों, तटीय केकड़ों और रेत की एवं लम्बी दुम वाली छिपकलियों को भी देखा जा सकता है। अभी तक शीदूर द्वीप में सूखे में रहने वाला कोई स्तनधारी जानवर नहीं देखा गया है, हालांकि समुद्री स्तनधारी जैसे कि व्हेल, डोल्फ़िन इत्यादि को देखा जा सकता है।

शीदूर द्वीप पक्षियों के स्वर्ग के रूप में प्रसिद्ध है। इस द्वीप को परिंदों की अंतरराष्ट्रीय संस्था ने मध्यपूर्व में महत्वपूर्ण बर्ड सेंकच्यूरी के रूप में पंजीकृत किया है और पर्यावरण सुरक्षा संस्था इसकी देखभाल करती है। अब तक इस द्वीप में 10 प्रकार के परिंदों की पहचान हो चुकी है, जिनमें केवल दो प्रकार के परिंदों को छोड़कर बाक़ी सब प्रवासी हैं।

इस द्वीप में शांति, सुरक्षा और ताज़गी, परिंदों को आकर्षित करने का मुख्य कारण है। यह द्वीप परिंदों के जीवन के लिए विशेष रूप से अबाबीलों के लिए काफ़ी महत्वपूर्ण है। प्राचीन काल से ही यह द्वीप इस प्रकार के परिंदों के प्रजनन का केन्द्र रहा है। जब प्रवासी परिंदें यहां पहुंचते हैं तो यह समुद्री अबाबीलों से भर जाता है, जो प्रजनन के लिए इस द्वीप में जाते हैं। हर साल अप्रैल के महीने में अबाबील परिंदे यहां पहुंचते हैं और अंडे देने और बच्चे निकालने के बाद, लगभग मई के महीने में वहां से चले जाते हैं। अबाबीलों का सामूहिक रूप में उड़ना, शीदूर द्वीप में एक मनमोहक दृश्य पेश करता है, भौगोलिक परिस्थितियों और किनारे से दूर होने के बावजूद, इस दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग वहां जाते हैं, फ़ोटोग्राफ़र इस दृश्य को अपने कैमरों में भी बंद करते हैं।

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इस द्वीप में अंडे देने और बच्चे निकालने वाले अन्य परिंदों में तटीय और ग्रे बगुले का नाम लिया जा सकता है। शीदूर द्वीप में सफ़ेद समुद्री अबाबीलों, छोटे और बड़े सेरिमा, ग्रीन बगुलों, जलकाग और ओस्प्रे को देखा जा सकता है। इसी प्रकार से यह द्वीप समुद्री कछुओं और ग्रीन कछुओं के अंडे देने के लिए एक उचित स्थान है। द्वीप के शांत तट वसंत ऋतु में कछुओं और अबाबीलों के अंडे देने का उचित स्थान है।     

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Jul ३०, २०१७ १६:०८ Asia/Kolkata
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