हमने इलिया कज़ान की फ़िल्म पिंकी के एक भाग की समीक्षा की थी, आज हम इस चर्चा को आगे बढ़ायेंगे।

पिंकी एक अश्वेत और श्वेत मां-बाप की बेटी है, जो अमरीका में अश्वेतों के साथ होने वाले अपमानजनक व्यवहार के कारण, ख़ुद को एक श्वेत व्यक्ति के रूप में परिचित करवाती है। लेकिन श्वेत एम की नर्सिंग करने और उनके साथ समय बिताने के कारण, अश्वेतों के बारे में उसकी राय बदल जाती है और फिर वह ख़ुद को एक श्वेत के रूप में परिचित करवाने पर बल नहीं देती।

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मिस एम जो पिंकी की अश्वेत दादी की पड़ोसन हैं, पिंकी को पसंद करने लगती हैं और अपनी संपत्ति को उसके नाम करने की वसीयत कर देती हैं। एम के परिजन विशेष रूप से उनके मामू की पत्नी वूली इसका कड़ा विरोध करती हैं और मामला अदालत में पहुंचता है, लेकिन अदालत पिंकी के हक़ में फ़ैसला सुनाती है। उसके बाद पिंकी एम की इच्छा के अनुसार, उस ज़मीन में अश्वेतों के लिए एक नर्सरी स्कूल और क्लिनिक खोलती है।

फ़िल्म में इसके बाद वाले भाग में दिखाया गया है कि एम के निधन के बाद, पिंकी गूलबी की दुकान से एम के अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए काली वेशभूषा ख़रीदती है, उसी समय वहां वूली पहुंच जाती हैं। वूली जब पिंकी को शोक के कपड़े ख़रीदते हुए देखती हैं तो सेल्सवुमन वियोला से कहती हैं कि इधर आओ मैं यहां तुम्हारी प्रतीक्षा कर रही हूं। वियोला जो पिंकी के ऑर्डर को पैक कर रही होती है, कहती है कि मिस वूली ज़रा ठहरिए मैं अभी आती हूं। इतने में वूली दुकानदार के मालिक गूलबी को ऊंची आवाज़ में पुकारने लगती हैं। गूलबी उनके पास पहुंचकर वूली से कहते हैं कि मैं आपके लिए क्या कर सकता हूं? वूली कहती हैं, आप क्यों एक श्वेत को एक अश्वेत के लिए इंतेज़ार कराते हैं? गूलबी ने कहा मैं माफ़ी चाहता हूं, मुझे लगता है कि वियोला ने आपको नहीं देखा है। वियोला दौड़कर वूली के पास पहुंचती है और कहती है कि मैं आपकी सेवा में हाज़िर हूं। वूली, वियोला के हाथ में पांच डॉलर देखकर पूछती हैं कि यह क्या है? वियोला पिंकी की ओर देखकर कहती है कि यह पैसे उन्होंने दिए हैं। यहां हम पिंकी को देखते हैं कि जो आश्चर्यचकित होकर अकेली, लेकिन पूरी मज़बूती के साथ खड़ी हुई होती है।

वूली पिंकी से पूछती हैं कि क्या यह पैसे एम के हैं? पिंकी कहती है नहीं। वूली पिंकी के निकट जाकर कहती हैं, क्या मुझे बता सकती हो कि यह कहां से लाई हो? पिंकी जवाब में कहती है कि मुझे नहीं लगता कि मुझे आपको यह बताने की ज़रूरत है कि यह पैसे मैं कहां से लाई हूं। वूली ने कहा कि तुम अपने बाक़ी पैसे लेकर यहां से दफ़ान हो सकती हो। वूली बहुत ही ग़ुस्से में दुकान से बाहर निकल जाती हैं। पिंकी गूलबी को संबोधित करते हुए कहती है, मुझे शोक के वह वस्त्र चाहिएं, लेकिन यह और बात है कि आप अश्वेतों को कपड़े न बेचें। गूलबी कहते हैं, मैं एक व्यापारी हूं, अगर मुझे इन कपड़ो की सही क़ीमत दोगी और वह पैसे नक़ली नहीं होंगे और सही स्रोत से तुम्हारे पास पहुंचे होंगे तो कोई समस्या नहीं है।

पिंकी कहती है कि यह पैसे सही जगह से मेरे पास पहुंचे हैं। मेरी दादी ने बहुत मेहनत से कमाकर यह बचाए थे। क्या आप उन कपड़ो को मुझे बेचेंगे या नहीं? गूलबी कहते हैं, इनकी क़ीमत 4 डॉलर और 98 सेंट है। पिंकी कहती है, ठीक है बाक़ी के पैसे मुझे वापस लौटा दें। गूलबी दो सेंट शोक के कपड़ों के पैकेट की ओर उछाल देते हैं। पिंकी बाक़ी पैसे और कपड़े लेकर दुकान से बाहर चली जाती है।

पिंकी को एम की विरासत मिलने की वजह से वूली बहुत नाराज़ हैं। वे वूली को बहुत ही नीच और दूसरे दर्जे का शहरी मानती हैं, इसीलिए दुकानदार से कहती हैं कि श्वेतों को क्यों अश्वेतों के पीछे लाइन में लगना पड़े। वूली बार बार पिंकी से पूछती हैं कि 5 डॉलर कहां से आए हैं। इससे पता चलता है कि अश्वेतों की आर्थिक हालत कितनी ख़राब थी। वूली श्वेतों की विचारधारा का प्रतीक हैं, उनका मानना है कि अश्वेतों पर श्वेतों को प्राथमिकता दी जाने चाहिए।

फ़िल्म के एक दूसरे भाग में वह अपने मंगेतर थोमस एडम्स के साथ एम के बंगले में पहुंचती है। थोमस एक श्वेत डॉक्टर हैं, वह चाहते हैं कि एम से विरासत में मिलने वाले फ़ार्म को पिंकी बेच दे और उसके बाद वे विवाह करके दक्षिण से कोलाराडो राज्य के डिनेवर शहर चले जायें। लेकिन पिंकी इसका विरोध करती है। थोमस कहते हैं कि पिंकी तुम डिनेवर शहर में ख़ुश रहोगी। पिंकी कहती है, मैं इस फ़ार्म को नहीं बेच सकती। एम ने यह मुझे बेचने के लिए नहीं दिया था।

थोमस पिंकी से कहते हैं कि मैं जानता हूं कि वह एक अद्भुत व्यक्तिगत की मालिक थीं और उन्होंने तुम्हें काफ़ी प्रभावित किया है, लेकिन अब वह मर चुकी हैं, तुम्हारा जीवन उनके उद्देश्य से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। पिंकी कहती है, वह मेरे बारे में कहती थीं, जहां भी रहूं ख़ुद रहूं और अपने लिए रहूं। थोमस कहते हैं, हां यह अच्छी नसीहत है, लेकिन कल तुमने कहा था कि तुम्हारा अश्वेत संबंध तुम्हें परेशान करता है और हमने यह तय किया था कि हमेशा के लिए इससे छुटकारा हासिल कर लें।

पिंकी कहती है, इस तरह से शादी के बाद मैं पिंकी जॉनसन नहीं रहूंगी। फिर मैं किस तरह से ख़ुद ही रहूंगी। थोमस पिंकी से कहते हैं कि तुम समझ नहीं पा रही हो। पिंकी कहती है कि अभी तो मुझे समझ में आना शुरू हुआ है। एम चाहती थीं कि मैं नहीं जाऊं। वह नहीं चाहती थीं कि मैं किसी और तरह से ख़ुद को परिचित करवाऊं। थोमस कहते हैं कि तुम क्या करना चाहती हो, तुम चाहती हो कि सारी उम्र अकेली रहो।

पिंकी कहती है, मैं किसी चीज़ से दूर नहीं होना चाहती हूं। मैं एक अश्वेत हूं। मैं इसका इनकार नहीं कर सकती और न ही इसे भूल सकती हूं। अफ़सोस, मैं कभी भी तुम्हें भुला नहीं पाउंगी, कृप्या कुछ मत कहो और यहां से चले जाओ। थोमस यह सुनकर हमेशा के लिए वहां से चले जाते हैं और पिंकी इस फ़ार्म में एक स्कूल और नर्सिंग होम खोल लेती है।

पिंकी उन पहली फ़िल्मों में से है, जिन्होंने अश्वेतों और श्वेतों के पारम्परिक संबंधों के लिए बनी परम्परा को तोड़ा है। अश्वेतों को छोटा समझना और श्वेतों को बड़ा मानना, 1915 में बनने वाली फ़िल्म एक राष्ट्र का जन्म और 1927 में बनने वाली फ़िल्म टॉम अंकल की झोपड़ी में काफ़ी हद तक देखा जा सकता है, लेकिन इस फ़िल्म में यह कम देखने को मिलता है।

व्यक्तिगत विशेषताओं के दृष्टिगत, अश्वेत श्वेतों के निकट पहुंच गए हैं, लेकिन आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से विशेषकर काम और पढ़ाई में श्वेतों की पहले की ही तरह वरीयता प्राप्त है और वह अश्वेतों से अकड़कर बात करते हैं। प्रतिरोध और समझदारी के कारण, अश्वेतों के अधिकारों का हनन कम होता है, लेकिन इन अधिकारों में भी वे स्वाधीन नहीं हैं और मिस एम और श्वेत जज की भांति श्वेतों के मोहताज हैं।

इस फ़िल्म में महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि पिंकी की स्किन सफ़ैद होने के बावजूद, अश्वेत और दूसरे दर्जे की नागरिक मानी जाती है, इसलिए कि उसकी रगों में एक अश्वेत का ख़ून दौड़ रहा है। इसका अर्थ है कि अमरीका में रंगभेद की व्यवस्था में केवल रंग का काला होना ही काफ़ी नहीं है, बल्कि उसकी जड़ें नस्ल और जाति में हैं, जो इसके अमानवीय पहलू को और अधिक उजागर करता है।        

                   

 

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Dec १०, २०१७ १६:३७ Asia/Kolkata
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