इस फिल्म को टोनी के (TONY KAYE) ने वर्ष 1998 में बनाया था।

यह फिल्म लगभग दो घंटे की है। यह 20वीं शताब्दी के अंतिम दशक की बेहतरीन फिल्म है। अमेरिकी समाज में काले व गोरे लोगों के मध्य जो माहौल है उसे इस फिल्म में दिखाया गया है। "अमेरिकी हिस्ट्री एक्स" फिल्म की कहानी कुछ इस प्रकार है एक घर का अभिभावक व बाप विनियर्ड नाम का एक गोरा इंसान होता है। "विनिर्यड" अग्निशमन दल का एक कर्मचारी होता है। काले लोगों की बस्ती में डियूटी के समय उसे मार दिया जाता है। मादक पदार्थ बेचने वाले एक काले व्यक्ति द्वारा संभवतः उसकी हत्या कर दी जाती है। ड्रिक, विनियर्ड का सबसे बड़ा बेटा होता है। जब काले लोगों की बस्ती में ड्रिक के पिता विनियर्ड की हत्या कर दी जाती है तो वह काले लोगों से नफरत करने लगता है। ड्रिक का छोटा भाई डेनी पूर्णरूप से अपने बड़े भाई के विचारों से प्रभावित होता है और वह एक नस्लभेदी बन जाता है। ड्रिक काले लोगों से बहुत ही नफरत करता है। वह उन दो काले जवानों की हत्या कर देता है जो उसकी गाड़ी चुराना चाहते हैं। इसके बाद ड्रिक को हत्या करने के आरोप में तीन साल जेल की सज़ा हो जाती है। ड्रिक जब जेल में होता है तो वहां वह दो लोगों के व्यवहार को देखता है एक काला व्यक्ति जो उसके साथ प्रेमपूर्ण व्यवहार करता है और एक गोरा जो नस्लभेदी होता है। जब वह जेल में इन दो व्यक्तियों को देखता है तो वह समझ जाता है कि उसने गलत रास्ता चुना है और अमेरिकी समाज में जो नफरत, हिंसा और नस्लभेद व्याप्त है उसके लिए काले और गोरे दोनों ज़िम्मेदार हैं। ड्रिक जब जेल से रिहा होता है तो वह एक नस्लभेदी की तरह ज़िन्दगी नहीं गुज़ारना चाहता। ड्रिक अपने छोटे भाई डेनी को भी समझाता है कि वह नस्लभेद को छोड़ दे परंतु ठीक उस वक्त जब शांति का माहौल होता है तो एक काले नौजवान द्वारा स्कूल की लैट्रिन में ड्रिक के छोटे भाई डेनी की हत्या कर दी जाती है। मानो डेनी अपने बड़े भाई ड्रिक द्वारा की गयी दो काले जवानों की हत्या का बदला होता है।

 

लास एन्जेलस में इस समय नस्लभेद और न्यू नाज़ी की जो भावना है उस संवेदनशील मुद्दे को “अमेरिकन हिस्ट्री एक्स” फिल्म उठाती है। यह फिल्म अमेरिकी जवानों की परेशानी की बात करती है और श्रेष्ठ होने की उस नस्लभेदी भावना और नफरत के निकट पहुंचती है जो 20 वीं शताब्दी के 90 के दशक में अमेरिकी जवानों के मध्य व्याप्त होती है। कुछ युवा जो अपने जीवन में विफल हो चुके होते हैं वह ड्रिक और डेनी की भांति नस्लभेदी गुटों में शामिल हो जाते हैं। अमेरिकी समाज में नस्लभेद की जो जड़ें और उसके दुष्परिणाम हैं यह फिल्म उनकी ओर संकेत करती है। इसी प्रकार यह फिल्म जिस चीज़ को दिखाती है वह एक कटु वास्तविकता है और वह जिन प्रश्नों को उठाती है उनका जवाब कोई आसान नहीं है। वास्तव में फिल्म नस्लभेद को एक एसी समस्या मानती है जिसका अंजाम एक अनअपेक्षित त्रासदी होगा।

अमेरिकी समाज में जो नस्लभेदी नफरत व्याप्त है उसके बारे में “अमेरिकन हिस्ट्री एक्स” हालिया दशकों की हालीवुड की सबसे अच्छी फिल्म है। अमेरिकी समाज में जो नफरत व्याप्त है उसकी कोई सीमा नहीं है। वह इतनी विस्तृत है कि जिन्दगी की हर चीज़ को तबाह कर देगी। काले गोरों से और गोरे कालों से नफरत करते हैं। यही अमेरिकी समाज और उसका इतिहास है।

फिल्म जिस नफरत को दिखाती है उसके बहुत अधिक प्रभाव हैं। अमेरिकी समाज में जो नफरत व घृणा है उसके लिए काले और गोरे दोनों ज़िम्मेदार हैं। यह नफरत अमेरिकी समाज में मौजूद है और कोई चीज़ इसे अमेरिकी समाज से खत्म नहीं कर सकती। यह फिल्म अमेरिकी समाज में मौजूद एक कटु वास्तविकता को दिखाती है। यह नफरत है जो अमेरिकी युवाओं के स्थान पर ज़िन्दगी कर रही है। नफरत को खत्म करने के लिए यह फिल्म जो रास्ता पेश करती है वह यह है कि काले और गोरे दोनों नफरत को छोड़ दें।

यह सीन विनियर्ड के घर का होता है जो फिल्म में 98वें मिनट से आरंभ होता है। ड्रिक तीन साल के बाद जेल से छूटता है और जेल में जो कुछ उसके साथ हुआ रहता है वह उसे अपने छोटे भाई डेनी को बताता है और उससे कहता है कि वह अपने स्कूल के शिक्षक सोइनी,,, की बात सुने और अमेरिकी इतिहास पर एक लेख लिखे। डेनी आलेख लिखता है और उसमें वह उस हिंसा व गुमराही की जड़ को ढ़ूढ़ता है जिसकी ओर वह और उसके भाई चले गये होते हैं। इसी तरह फिल्म में अतीत की बात और ड्रिक के बाप का समय दिखाया जाता है जिसमें सब एक साथ खाना खा रहे होते हैं। यह ड्रिक के बाप के मरने से पहले का समय होता है। उस वक्त की स्थिति ड्रिक के समय से बहुत भिन्न भी जब ड्रिक और डेनी अपने समय में नस्लभेद से प्रभावित हो चुके हैं। यह सीन विनियर्ड के एक सामान्य परिवार के सदस्यों के दृष्य को पेश करता है जो एक साथ मेज़ पर खाना खा रहे हैं। मेज़ के एक सिरे पर बाप और दूसरे सिरे पर मां और उसके बीच में बच्चे बैठ कर खाना खा रहे हैं।

 

बाप कहता है ठीक है आज रात को खेल के समय सब एक दूसरे से मिलेंगे। ड्रिक खाना खाने के साथ साथ किताब भी पढ़ता रहता है। उसका बाप एक नज़र उस पर डालता और कहता है तुम खेल की वजह से उतावले हुए हो। ड्रिक कहता है मेरा इम्तेहान है। इसलिए मैं पढ़ रहा हूं मैं परेशान हूं। इम्तेहान की मेरी तैय्यारी नहीं है। बाप कहता है इस बात से डरते हो कि नंबर कम आयेंगे। शायद अच्छे नंबर आयें क्या पता। इस पर ड्रिक कहता है स्विनिय बहुत अच्छे शिक्षक हैं। विश्वास करें कि अब तक उनके जैसा शिक्षक हमें नहीं मिला है। उनके पास डाक्ट्रेड की डिग्री है पर नहीं पता कि वह किस तरह हाईस्कूल वालों को पढ़ाते हैं। वह दूसरे शिक्षकों की भांति नहीं हैं। बाप कहता है उसने कौन सा लेख पढ़ने के लिए कहा है? ड्रिक कहता है” इस बार का इम्तेहान “स्थानीय लड़के” किताब के बारे में है। बाप कहता है स्थानीय लड़का क्या है? उसे मैं नहीं जानता, किस बारे में है? ड्रिक कहता है यह किताब एक काले के बारे में है। हम इस पूरे टर्म में कालों का साहित्य पढ़ रहे हैं। बाप कहता है क्या यह टर्म कालों के इतिहास के बारे में है? ड्रिक कहता है नहीं। यह सुझाव स्विनिय का था। यह हमारे टर्म का भाग है। बाप कहता है अजब क्या बात है। ड्रिक कहता है क्या? बाप कहता है कुछ नहीं। जानते हो जहां भी देखता हूं यही है। ड्रिक कहता है क्या? बाप कहता है कालों का पक्षपात! किताब पढ़ो और अच्छा नंबर ले आओ। केवल एक बात याद रखना कि जो कुछ तुमसे कहा जाये उसे आंख बंद करके मान मत लेना। ड्रिक कहता है जानता हूं परंतु बात क्या है? बाप कहता है यह सारी बातें काले और गोरों को बराबर व समान करने के लिए हैं परंतु यह आसान नहीं हैं। अब तुम यह किताब पढ़ रहे हो तो इस टर्म की दूसरी किताबें क्या होंगी? वह अच्छी नहीं हैं क्योंकि यह बात तुमसे डाक्ट्रेड की डिग्री प्राप्त महोदय ने कही होगी। कालों के साहित्य के बारे में किताब की वजह से दूसरी किताबों को न पढ़ो, क्या यह सही है? यह प्रश्न तुम खुद अपने आप से करो। तुम्हें चाहिये कि पूरी बात को समझो। हम इस वक्त किताब के बारे में बात कर रहे हैं परंतु हम अपने काम के बारे में बात कर रहे हैं। हमारे गुट में दो काले हैं जिन्हें दो गोरों के स्थान पर काम पर रख लिया गया है। ड्रिक अपने बाप की बातों से प्रभावित हो जाता है। बाप कहता है इसके पीछे एक चाल है क्या सही नहीं कह रहा हूं? इस पर ड्रिक कहता है हां इस तरह से मैंने इसके बारे में नहीं सोचा था। बाप कहता है ठीक है। ड्रिक कहता है नहीं जानता। डाक्टर स्विनिय कड़ाई से पेश आते हैं। यह कठिन है कि इंसान उनकी बात न माने। शायद वह जो बातें करते हैं उनमें से कुछ। इतना कह कर ड्रिक चुप हो जाता है और उसके आगे कुछ नहीं बोलता। उसके बाद बाप कहता है बेकार की बात न करो। इस पर ड्रिक कहता है हां शायद। बाप कहता है उससे सावधान रहना। ड्रिक कहता है जी हां जो बात आपने कही है वह मैं समझ गया। बाप कहता है शाबाश! मेरे अच्छे बेटे। मुझे तुम पर गर्व है। इसके बाद फिल्म का फ्लैश बैक खत्म हो जाता है।

“अमेरिकी हिस्ट्री एक्स” फिल्म के जिस भाग में उसका निचोड़ बयान किया गया है वह रंगीन है परंतु फिल्म का फ्लैश बैक काला और सफेद है। रंग के इस प्रकार का प्रयोग इस बात का सूचक है कि अतीत में ड्रिक, डेनी और उसके परिवार वाले अतीत में दुनिया को काले और सफेद रंग में देखते थे। उस सफेद और काले ने जिसने उनकी दुनिया को तबाह कर दिया है परंतु डेनी अब दुनिया को रंगीन व वास्तविक देखता है यानी उसने समस्त रंगों, जातियों और समुदायों व राष्ट्रों को स्वीकार कर लिया है।

अगर आपने इस फिल्म को देखा हो तो आपको अवश्य याद होगा कि ड्रिक अपने माता- पिता विशेषकर पिता के आचरण और उसके विचारों से बहुत प्रभावित होता है। यह ड्रिक का बाप है जो द्वेष का बीज अपने बेटों ड्रिक और डेनी के दिल में बोता है। फिल्म का यह सीन इस बात का सूचक है कि नस्लवाद की जड़ अतीत के लोगों और पहले की पीढ़ियों की सोच में थी और वही पुराने लोगों व पीढ़ियों का व्यवहार है जो नई पीढ़ी में नस्लवाद को अमेरिकी समाज में हस्तांतरित कर रहा है।

 

Dec १६, २०१७ १७:२४ Asia/Kolkata
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