हमने इस्लामी सभ्यता के स्वर्णिम काल का उल्लेख करते हुए उसकी गहन समीक्षा की थी। 

हमने महान विद्धानों फ़ाराबी, इब्ने सीना, ख़ाजा नसीरुद्दीन तूसी, ज़करया राज़ी और इसी प्रकार के कई विद्धानों का उल्लेख किया था।  हमने आपसे कहा था कि अगले कार्यक्रम में हम ईरान के भीतर वर्तमान काल में शिक्षा और विज्ञान के बारे में चर्चा करेंगे और देखेंगे कि ईरान में शिक्षा का विकास किस प्रकार से हुआ है। 

निःसन्देह, ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता ने ईरान के भीतर व्यापक स्तर पर न केवल राजनैतिक और सामाजिक स्तर पर बड़े प्रभाव डाले बल्कि इस क्रांति ने देश में शिक्षा के क्षेत्र को भी प्रभावित किया।  ईरान की इस्लामी क्रांति, देश के भीतर एक ऐसे आन्दोलन की भूमिका बनी जिसके परिणामों ने हालिया दो दशकों के दौरान ईरान को बहुत कुछ दिया।  इसी आन्दोलन के नतीजे में ईरान ने शिक्षा के क्षेत्र में विश्व स्तर पर बहुत प्रगति की है।

 

ज्ञान और शिक्षा को हर समाज में विशेष महत्व हासिल रहा है।  किसी भी देश या राष्ट्र का विकास शिक्षा के बिना संभव ही नहीं है।  विश्व के जिन देशों ने प्रगति की है उन देशों ने पहले शिक्षा के क्षेत्र में विकास किया बाद में वे संसार के विकसित देशों की सूचि में आ गए।  बहुत से विद्वानों का कहना है कि शिक्षा के बिना मनुष्य का जीवन अधूरा है।  ईरान की इस्लामी क्रांति के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी सदैव ही शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते रहे हैं।  वे इसे क्रांति की कुंजी कहा करते थे।  उनका यह मानना था कि यदि क्रांति के लक्ष्यों को प्राप्त करना है तो पहले ज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ना होगा।  इमाम ख़ुमैनी कहा करते थे कि ज्ञान की प्राप्ति के बाद राजनैतिक, आर्थिक और वैज्ञानिक हर क्षेत्र में विकास बहुत ही सरलता से संभव है।  स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी, ईरान से निरक्षरता को मिटाने पर बहुत बल देते थे।  उनका कहना था कि समाजों के पिछड़ेपन का मुख्य कारण उनकी अज्ञानता है।  वे कहते थे कि ज्ञान प्राप्त करने से अज्ञानता का अंधकार दूर हो जाता है और जीवन से कड़ुवाहट मिट जाती है।

ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता के तुरंत बाद देश से अज्ञानता और निरक्षरता को दूर करने के लिए तेज़ प्रयास आरंभ किये गए।  इस्लामी क्रांति को सफल हुए अभी एक वर्ष का भी समय नहीं हुआ था कि स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी ने ईरान के भीतर साक्षरता अभियान आरंभ करने का आदेश जारी कर दिया।  अपने संदेश में इमाम ख़ुमैनी ने कहा था कि कितने अफ़सोस की बात है कि उस देश में जो इस्लाम की छत्रछाया में जीवन व्यतीत कर रहा है और जो एक समय में ज्ञान का केन्द्र रहा है वहां पर कुछ लोग एसे भी हों जो साक्षर न हों।  उन्होंने कहा था कि इस्लाम हमें शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है।  स्वर्गीय इमाम ख़ुमेनी ने कहा था की एक दीर्घकालीन योजना बनाकर देश से निरक्षरता को सदा के लिए समाप्त किया जा सकता है।  उन्होंने कहा कि देश के साक्षर युवा और युवतियां, निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने के लिए आगे आएं।  इस अभियान के अन्तर्गत समाज के हर वर्ग के लोगों को दृष्टिगत रखकर उसे राष्ट्र व्यापी स्तर पर चलाया गया।  इमाम ख़ुमैनी के इस आदेश का पूरे देश में व्यापक स्तर पर स्वागत किया गया और साक्षर लोगों ने अपनी पूरी क्षमता के साथ निरक्षर लोगों को पढ़ाने के उद्देश्य से प्रयास तेज़ कर दिये।

 

इमाम ख़ुमैनी के आदेश से आरंभ होने वाले साक्षरता अभियान से बहुत तेज़ी से देश से निरक्षरता समाप्त होने लगी।  इसके अप्रत्याशित परिणाम सामने आने लगे।  इस प्रकार देश के बहुत से निरक्षर अब साक्षर हो गए।  उस समय के सर्वेक्षण के अनुसार ईरान में सन 1979 में आने वाली इस्लामी क्रांति के समय देश की लगभग आधी जनसंख्या निरक्षर थी।  थोड़े ही समय में ईरान में साक्षररता का प्रतिशत 75 हो गया और इस्लामी क्रांति की सफलता के मात्र दो दशकों के बाद ईरान में 1996 में साक्षरों की संख्या 80 प्रतिशत से अधिक हो चुकी थी। 

ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता से पहले समाज के हर वर्ग के लिए शिक्षा प्राप्त करना संभव नहीं था।  समाज के वंचित लोग विशेषकर ग़रीब और देहातों मे जीवन व्यतीत करने वालों के लिए शिक्षा प्राप्ति के उचित अवसर नहीं थे।  उस काल में शिक्षा के बारे में न्यायपूर्व ढंग से काम नहीं किया जा रहा था।  इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद सामाजिक न्याय के आधार पर सबके लिए शिक्षा का प्रबंध किया गया चाहे वह शहर का रहने वाला हो या देहात का।  क्रांति से पहले ईरान के देहातों में साक्षरता का अनुपात बहुत कम था जबकि क्रांति के बाद किये जाने वाले प्रयासों से अब यह 70 प्रतिशत से अधिक हो चुका है।  यहां पर विशेष बात यह है कि साक्षरता के क्षेत्र में यह उल्लेखनीय प्रगति ऐसी स्थिति में है कि जब क्रांति के बाद ईरान की जनसंख्या में तेज़ी से वृद्धि भी हुई है।  सामान्यतः बढ़ती जनसंख्या को सुविधाएं उपलब्ध कराना एक कठिन काम होता है लेकिन ईरान में साक्षरों की संख्या को बढ़ाया गया।  देश में साक्षरता बढ़ाने में केवल किसी एक वर्ग को दृष्टिगत नहीं रखा गया बल्कि महिलाओं को भी इसमें शामिल किया गया।

 

ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद देश की आधी जनसंख्या अर्थात महिलाओं के लिए हर क्षेत्र में विकास और प्रगति के अवसर उपलब्ध करवाए गए।  ईरानी समाज के जिन क्षेत्रों में महिलाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है वह शिक्षा का क्षेत्र है।  इस्लामी क्रांति की सफलता के समय जहां ईरान में मात्र 35 प्रतिशत महिलाएं साक्षर थीं वहीं पर सन 1996 यह संख्या बढ़कर 75 प्रतिशत हो गई।  ईरान के साक्षरता विभाग के प्रमुख के अनुसार क्रांति की सफलता के समय देश में अधिक निरक्षरता महिलाओं में पाई जाती थी किंतु वर्तमान समय में ईरान में महिलाएं, समाज के हर क्षेत्र में सक्रिय दिखाई देती हैं चाहे वह आर्थिक क्षेत्र हो, या सामाजिक, या राजनैतिक।  इस समय ईरान में एसी बहुत सी महिलाएं हैं जिन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलताएं अर्जित की हैं।

ईरान में शिक्षा के विस्तार के क्षेत्र में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में ही बहुत विकास हुआ है।  किसी भी देश के विकास में मेधावियों की बहुत अहमियत होती है।  उस देश के उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले लोग आगे चलकर अपने प्रयासों से देश को आगे बढ़ाते हैं।  इन्ही बातों के दृष्टिगत ईरान में विभिन्न क्षेत्रों में विश्वविद्यालयों का निर्माण किया जाने लगा।  इन विश्वविद्यालयों में छात्रों और छात्राओं ने उच्च शिक्षा प्राप्त करनी आरंभ की।  विश्वविद्यालयों ने युवाओं को अपनी ओर खींचा जिसका परिणाम यह निकला कि बड़ी संख्या में युवा इस ओर गए और शिक्षित होकर देश के विकास में लग गए। इस्लामी क्रांति के आरंभिक काल में ईरान में यूनिवर्सिटी के छात्रों की संख्या लगभग 16 हज़ार थी जो 1999 में बढ़कर एक लाख बीस हज़ार से अधिक हो गई थी।  इस समय चालीस लाख से अधिक छात्र, ईरान में विश्वविद्यालयों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।  ताज़ा आंकड़ों के अनुसार ईरान वैज्ञानिक क्षेत्र में तेज़ रफ़्तार विकास की दृष्टि से दुनिया में पहले नंबर पर है।  ईरान की दुनिया के 25 देशों के साथ वैज्ञानिक प्रतिस्पर्धा है और इन देशों की तुलना में ईरान 14 प्रतिशत आगे है। इनवेशन सहित दूसरे क्षेत्रों में ईरान 113 स्थान से 78वें स्थान पर पहुंच गया है। क्षेत्र सहित इस्लामी जगत में ईरान पहले स्थान पर है।  ईरान में उच्च शिक्षा का स्तर दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।  विश्व के बहुत से देशों से छात्र, उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए ईरान आ रहे हैं।

 

 

Feb ०५, २०१८ १६:०३ Asia/Kolkata
कमेंट्स