हमने बताया था कि “सीसिल” के दो बेटे थे, लुइस और चार्ली।

लुइस, अपने दोस्तों के साथ जातिवादी विरोधी प्रदर्शनों और रैलियों में भाग लेता है।  वह हर प्रकार के आयोजनों में बहुत सक्रिय रहता है।  द बटलर फिल्म आरंभ होने के 80 मिनट के बाद हम देखते हैं कि लुइस अपने विश्वविद्यालय के दोस्त के “कैरोल” के साथ अपने घर पर आया है।  फ़िल्म में दिखाया जाता है कि लुइस, अपने छात्र मित्र कैरोल, पिता सीसिल, मां गोरिया और छोटे भाई के साथ खाने की मेज़ पर बैठे हैं।  मेज़ पर लुइस और उसके पिता सीसिल के बीच किसी बात पर बहस हो जाती है।
इसी बीच ग्लोरिया, लुइस को संबोधित करते हुए कहती है कि तुम्हारी दोस्ती कैरोल के साथ कबसे है? लुइस कहता है कि 5 वर्षों से।  इसपर कैरोल कहता है कि हम केवल दोस्त हैं।  ग्लोरिया पूछती है कि क्या दूसरे छात्र भी स्वयं को राजनैतिक मामलों में उलझाते हैं? लुइस कहता है कि मां समाज दो हिस्सों में बंट चुका है।
इसी बीच कैरोल डकार लेता है जिसके कारण सीसिल और ग्लोरिया कुछ नाराज़ हो जाते हैं।  कैरोल कहता है कि मैं जेल जाने से थक चुका हूं।  इसपर सीसिल कहते हैं कि फिर तो हम दो लोग एक जैसे हैं। फिर लुइस कहता है कि डा. किंग की सोच के कारण उनकी हत्या कर दी गई।  इसी बीच लुइस की माता और उसके पिता दोनों को बहुत ही आश्चर्यचकित दिखाया जाता है।  लुइस कहता है कि जब आरंभ किया था तो उपयोगी था लेकिन अब हमें दूसरा क़दम उठाना चाहिए जो राजनीति है।  इसपर लुइस का भाई चार्ली कहता है कि तो इसका मतलब यह है कि तुम इसी समय वाइट हाउस जाना चाहते हो?
लुइस कहता है कि हम यथार्थवादी हैं।  एक-एक करके सब करेंगे।  हमने एक राजनीतिक शाखा भी बनाई है।  चार्ली, कैरोल को संबोधित करते हुए पूछता है कि तुम्हारी राजनीतिक पार्टी कौन सी है? उसका नाम क्या है? इसपर कैरोल कहता है कि “ब्लैक टाइगर”।  मेरी पार्टी का नाम है ब्लैक टाइगर।  सिसिल पूछता है कि यह कैसा नाम है? इससे तुम्हारा उद्देश्य क्या है? कैरोल कहता है कि हम सामाजिक काम भी करते हैं।  हम बच्चों के लिए फ्री में खाने का प्रबंध करते हैं।  फ़्री क्लीनिक चलवाते हैं और बच्चों को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग देते हैं।  ग्लोरिया कहती है कि आत्मरक्षा की ट्रेनिंग की क्या ज़रूरत है? लुइस कहता है कि यह इसलिए है ताकि पिटाई से बच सकें।
ग्लोरिया कहती है कि कुछ दिन पहले मैंने और तुम्हारे पिता ने एक फ़िल्म देखी थी।  जब हमने वह फिल्म देखी तो तुम्हारी बहुत याद आई।  लुइस कहता है कि क्या सही बात है? सीसिल को संबोधित करते हुए ग्लोरिया कहती है कि याद है उस फ़िल्म का क्या नाम था? सीसिल कहता है कि उसका नाम था रात की गर्मी।  ग्लोरिया कहती है कि यह फिल्म “सिडनी प्वाटी” की थी।  मैं उसे बहुत पसंद करती हूं।  लुइस कहता है कि सिडनी प्वाटी, किसी अश्वेत आदमी का एसा कैरेक्टर है जो जो, जो कुछ चाहता है वही करता है।  इसपर सीसिल कहता है कि वह तो इस फिल्म में केवल समानता के लिए युद्ध करता है।  लुइस कहता है कि लेकिन वह एसी समानता के लिए युद्ध करता है जिसे गोरे लोग पसंद करते हैं या जो उन्हें स्वीकार्य हो।
एसे में लुइस मज़ाक उड़ाता है तो सीसिल कहता है कि यह तुम क्या कह रहे हो? प्वाटी ने अभी हाल ही में आस्कर पुरुस्कार जीता है।  वह हम सबके मार्ग की बाधाएं हटा रहा है।  लुइस कहता है कि सिडनी प्वाटी, अंकल टाम से बढ़कर तो नहीं है।  इसी बीच सीसिल गुस्से में लुइस से कहता है कि ख़ुद पर एक बार नज़र डालो।  तुम बहुत घमण्डी हो गए हो।  यह तिरछी कैप लगाकर तुम अपने आप को क्या समझने लगे हो? तुम्हारे मुंह में जो भी आता है बक देते हो।  तुम्हारा दोस्त कैरूल, खाने की मेज़ पर बैठकर डकार लेता है।  तुम्हारी हालत से तो एसा लग रहा है कि तुम यूनिवर्सिटी जाने के मूड में नहीं हो।  उठो जाओ।  लुइस उठो और मेरे घर से निकल जाओ।  लूइस कहता है कि क्या हुआ? सिसल, लुइस की ओर झपटते हुए कहता है कि निकलो मेरे घर से बाहर निकलो।  इसी बीच ग्लोरिया उन दोनों के बीच आकर कहती है कि सीसिल यह तुम क्या कर रहे हो?
सीसिल कहता है कि उसे यहां से निकल जाना चाहिए।  मैं अब उसे अधिक सहन नहीं कर सकता।  ग्लोरिया कहती है कि मैंने बहुत दिनों से इस लड़के को नहीं देखा है।  लुइस बड़े घमण्ड से कहता है कि क्षमा कीजिएगा सेवक महोदय।  मैं आपके हीरो का मजाक़ उड़ाना नहीं चाहता था।  ग्लोरिया, लुइस के गाल पर एक थप्पड़ रसीद करते हुए कहती है कि तुम जो कुछ भी हो और तुम्हारे पास जो कुछ भी है वह सब उसी सेवक की वजह से है।  उठो अपने दोस्त को लो और इस घर से फौरन निकल जाओ।
लुइस और कैरोल घर से निकल आते हैं।  लुइस लंबे समय तक अपने पिता से संपर्क स्थापित नहीं करता है और अपने पिता के विपरीत पूरी क्षमता से प्रदर्शनों में भाग लेता है।  हालांकि वह अपनी मां के संपर्क में है और उससे ख़र्चे के पैसे भी लेता है।  लगभग बीस साल के अनंतराल के बाद सीसिल, दक्षिणी अफ्रीका के लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष में नैलसन मंडेला के नेतृत्व में लुइस और उसके समर्थकों से जा मिलता है।  अब लुइस में वह घमण्ड नहीं है जो किसी ज़माने में हुआ करता था।
“द बटलर” फिल्म के इस सीन की समीक्षा में यह कहना चाहिए कि अश्वेतों की नई पीढ़ी के विपरीत पुरानी पीढ़ी का मानना था कि समाज के गोरे और कालों के बीच समानता के लिए समय की आवश्यकता है जबकि नई नस्ल इसे फौरन हासिल करना चाहती है।  इस काम के लिए अर्थात समाज से भेदभाव समाप्त करने के लिए संचार माध्यमों विशेषकर हालीवुड की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है।  इसमें सिडनी प्वाटी जैसे अश्वेत मूल के कलाकार अश्वेतों की आवाज़ के रूप में उभर सकते हैं।
अमरीका में काले लोगों की ओर से समानता की मांग का इतिहास बहुत पुराना है।  इस दौरान विभिन्न काल खण्डों में अलग-अलग अवसरों पर विभिन्न अश्वेत लोगों ने समानता के हित में उल्लेखनीय कार्य किये हैं।  यदि हम यह देखते हैं कि 1960 के दशक में अश्वेत युवाओं ने सड़कों पर प्रदर्शन करके राजनैतिक दलों का गठन किया तो हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि उसकी भूमिका अंकल टाम, मार्टिन लूथर किंग और सिडनी प्वाटे जैसे लोगों ने प्रशस्त की है।
हमने यहां पर फिल्म का एक अन्य सीन आपके लिए चुना है जिसमें दिखाया गया है कि सीसिल अब रिटायर हो चुका है।  यह वह समय है कि जब बराक ओबामा, अमरीका के राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन कर चुके हैं।  यह सीन फ़िल्म शुरू होने के 115 मिनट के बाद आरंभ होता है।  इस सीन में दिखाया गया है कि सीसिल/ ग्लोरिया, लुइस और लुइस की बेटी के साथ उस स्थान पर पहुंचते हैं जहां पर वोटों की गिनती होनी है।  बहुत से स्थानों पर विभिन्न आयुवर्ग के अश्वेत अपने हाथों में अमरीका का झंडा और बराक ओबामा का चित्र लिए हुए खड़े हैं।  थोड़ी देर में लुइस और उसकी बेटी भी उन्हीं लोगों के साथ जा मिलती हैं।  अंततः बराक ओबामा चुनाव जीतकर अमरीका के राष्ट्रपति बन जाते हैं।  सीसिल, बराक ओबामा से मिलने वाइट हाउस पहुंचते हैं और इसी सीन पर फिल्म समाप्त हो जाती है।
इस दृश्य की समीक्षा में कहा जा सकता है कि सीन में अमरीकी झंडे, बराक ओबामा के चित्र, अश्वेतों की प्रसन्नता और वहां पर कुछ श्वेतों की उपस्थिति, यह बताने के लिए है कि अमरीका के राष्ट्रपतियों की सूचि में एक अश्वेत व्यक्ति भी शामिल हो रहा है।  यहां पर सीसिल के भीतर पाया जाने वाला आश्चर्य, जिसे स्पष्ट रूप में देखा जा सकता है, यह बताने के लिए काफ़ी है कि सीसिल को यह विश्वास नहीं हो रहा है कि कोई अश्वेत भी वाइट हाउस में जा सकता है।  उसका यह अविश्वास, वास्तव में अमरीका में रहने वाले काले लोगों की जीवन गाथा का परियाचक है जो भांति-भांति की असमानता का शिकार हैं।  सन 2008 में बराक ओबामा के रूप में एक अश्वेत का वाइट हाउस में प्रवेश, यह बता रहा है कि यहां पर पहुंचने के लिए अमरीका में रहने वाले अश्वेतों ने कितनी क़ुर्बनानियां दी हैं।  दृष्य में सीसिल के साथ उसकी संतान और नवासे की उपस्थिति यह बता रही है कि अमरीकी समाज में असमानता को समाप्त करने वाला संघर्ष, पीढ़ियों पुराना है।
द बटलर फ़िल्म में जहां पर श्वेत दुष्टों को दिखाया गया है वहीं पर कुछ अच्छे स्वभाव के श्वेतों को भी पेश किया गया है।  फ़िल्म में हम देखते हैं कि अधिकतर अश्वेत/ विनमर् स्वभाव वाले, दूसरों का सम्मान करने वाले, तार्किक, वीर, संगठित और कृपालु होते हैं।  यह लोग समाज में हिंसा फैलाने वाले नहीं बल्कि समाज के हितैषी हैं।   यह लोग क़ानूनी ढंग से अपने अधिकारों की मांग करते आए हैं।  

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Apr १७, २०१८ १५:५४ Asia/Kolkata
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