हालिवुड में बनाई जाने वाली फ़िल्मों में से एक का नाम है, The Hateful Eight “द हेटफुल एट”। 

इसके निर्देशक हैं “क्वेंटिन जेरूम टेरंटीनो जबकि संगीतकार हैं एनियो मोरिकोन।  "द हेटफुट एट" 168 मिनट लंबी फिल्म है।  इस फ़िल्म की स्टोरी अमरीका के गृहयुद्ध के बाद की स्थिति को प्रदर्शित करती है।  इसमें सन 1861 से 1865 के बीच अमरीका में घटने वाली घटनाओं का चित्रण किया गया है।  “द हेटफुल एट” के आरंभ में दिखाया गया है कि जान रथ और डेज़ी डामेर्ग्यू ने कुछ अपराधियों को गिरफ़्तार किया है।  यह लोग इन अपराधियों को गिरफ़्तार करके यामिंग मार्ग से रेड राक नामक नगर ले जाना चाहते हैं।  रास्ते में मारकोस वारेन और क्रिस मैनिक्स, जान वर्थ से आ मिलते हैं।  मारकोस वारेन को रेड राक नगर में तीन शव पहुंचाने होते हैं।  क्रिस मैनेक्स कहता है कि वह शहर का नया कोतवाल है।  तेज़ बर्फबारी के कारण रास्ते में डेलजान, माइनी मिंक नामक एक धर्मशाला में ठहरते हैं।  उनका मक़सद होता है कि यहां पर यात्री कुछ आराम कर लें।

इससे पहले कि डेलजान, धर्मशाला पहुंचें एक ख़तरनाक गिरोह के चार बदमाश वहां पर पहुंचते हैं जिनके नाम इस प्रकार हैं।  जौडी डोमेर्ग्यू, मार्को, पीटर हीकाक्स और ग्रच डागलस।  इन्होंने अपने लिए अलग-अलग उपनाम चुन रखे हैं।  यह लोग धर्मशाला के अश्वेत मालिक और छह अन्य लोगों की बहुत ही निर्मम ढंग से हत्या कर देते हैं।  इस ख़तरनाक गिरोह का मुखिया, डेज़ी डामेग्यू का भाई होता है।  उनका उद्देश्य, जान राथ के चंगुल से डेज़ी डामेग्यू को निकालना होता है।  इसके लिए वे योजना बनाते हैं।  अपनी इस योजना को पूरा करने के उद्देश्य से ही यह लोग जिस एकमात्र व्यक्ति की हत्या नहीं करते वह जनरल पेरी हैं जो सेनफोर्ड स्मिथर्स के नाम से जाने जाते हैं।

डेलीजान वर्थ धर्मशाला पहुंचता है।  जेडी नाम के ख़तरनाक गुट को इस बात की आशा नहीं थी कि वारेन और क्रिस मैनिक्स भी डेलीजान के साथ होंगे।  यह देखकर वे अपनी योजना बदल देते हैं।  अश्वेत वारेन, जिसने कुछ समय पहले पुलिस अधिकारी स्मिथज़ के भाई की बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी थी, उसके बाप की भी हत्या कर देता है।  उस समय से कि जबसे जान गेज, काफ़ी में ज़हर मिलाता है, और उसके कारण वर्थ और ओबी की मौत हो जाती है, कहानी अपने चरम को पहुंचती है।  इस प्रकार से उनकी योजना भी छिप नहीं पाती। अश्वेत वारेन, मैनेक्स के साथ अपनी बुद्धिमानी से जेडी गुट के सभी सदस्यों की हत्या कर देता है।  इस काम में वह बुरी तरह से घायल हो जाता है।  डेज़ी चाहता है कि वारेन और मैनेक्स के संबन्धों को तोड़ दे ताकि मैनेक्स, अश्वेतों के प्रमुख की हत्या कर दे।  लेकिन फिलहाल एसा कुछ नहीं हो पाता।  आख़िरकार वारेन और मैनेक्स, डेज़ी को फांसी दे देते हैं।  हालांकि यह दोनों भी बहुत बुरी तरह से घायल हो चुके होते हैं जिसके कारण उनके शरीर से बहुत ख़ून निकल चुका होता है।

 

“द हेटफुल एट” वास्तव में अमरीका के जारी गृहयुद्ध और उसके बाद की परिस्थितियों को उजागर करती है।  इस फ़िल्म में बहुत से किरदार हैं जिनमे से हरएक, किसी न किसी रूप में अमरीका के गृहयुद्ध के बाद की परिस्थिति से जुड़ा हुआ है।  फ़िल्म में दिखाया गया है कि अमरीका में गृहयुद्ध के दौरान कितने बुरे हालात थे जो उसके बाद के काल तक जारी रहे।  “द हेटफुल एट” में अमरीका के भीतर पाए जाने वाले नस्लभेद को लक्ष्य बनाय गया है।  नस्लभेदी विचार धारा के कारण वहां पर समाज मे द्वेष, अविश्वास की भावना, भय, आतंक, हिंसा, अपमान और जातिवाद को स्पष्ट रूप में देखा जा सकता है।  अमरीका में गृहयुद्ध समाप्त हो जाने के वर्षों बाद भी वहां पर नफरत और घृणा दिखाई देती है।–

“द हेटफुल एट” में अमरीका में गृहयुद्ध के बाद जातिवादी गुटों के कामों के दुष्परिणामों को बताती है।  इसमें जो सीन दिखाए गए हैं वे अमरीका में जारी गृहयुद्ध के काल से पहले और उसके बाद की घटनाओं को बताते हैं जो एक-दूसरे से अलग हैं।  अन्य फ़िल्मों की तुलना में इस फ़िल्म में जिस अश्वेत हीरो वारेन को दिखाया गया है उसे अलग ढंग से पेश किया गया है।  यह हालिवुड के हीरो या नायक का एक नया अंदाज़ है।  यह एसा हीरो है जो गोरों से बदला लेकर नायक नहीं बल्कि खलनायक बन जाता है।  इसमें अधिकतर प्रतिरोध को दिखाया गया है।  दिखाया गया है कि अश्वेत किस प्रकार से श्वेतों से बदला ले रहे हैं।  “द हेटफुल एट” ने पुरस्कार भी अर्जित किये हैं।  इसने सन 2015 का संगीत पुरुस्कार भी हासिल किया है।  आइए अब इस फिल्म के एक दृश्य की समीक्षा करते हैं।

 

हमने “द हेटफुल एट” नामक फिल्म का जो दृश्य समीक्षा के लिए चुना है वह फ़िल्म आरंभ होने के 29 मिनट के बाद शुरू होता है।  फ़िल्म में दिखाया जा रहा है कि वारेन और मेनिक्स, (डेलिजान) पर सवार हैं और वे वर्थ एवं डेज़ी के सामने बैठे हुए हैं।  एसे में मेनेक्स, वारेन के विगत के बारे में बात शुरू करता है।  उसकी बात को सुनकर पता चलता है कि एक समय में वारेन पर 30 हज़ार डालर का इनाम रखा गया था।  बाद में 5 हज़ार और बढ़ा दिया गया।  वर्थ कहता है कि तुमपर क्यों इनाम रखा गया था? वारेन कहता है कि हत्याओं के कारण दक्षिणी राज्य मुझसे नाराज़ थे।  बाद में जब मैं जेल से निकल भागा तो दक्षिणी राज्यों ने इसे अपना अपमान समझा।  यही कारण था कि उन्होंने मुझपर हज़ारों डालर का इनाम रखा था।

वर्थ, वारेन को संबोधित करते हुए कहता है कि वास्वत में तुम जेल से निकल भागे थे? इसपर मेनेक्स कहता है कि उसका काम इससे भी बड़ा था।  उसके दिमाग़ में एक बहुत ही अनोखी योजना थी।  वह इतनी अजीब थी कि तुम आश्चर्य करोगे कि क्यों किसी दूसरे के मन में यह बात इससे पहले नहीं आई? मैनेक्स ने वारेन को संबोधित करते हुए कहा कि तुम बताओ की वह अनोखी सोच थी क्या? वारेन ने बहुत ही घमण्ड के साथ मुस्कुराते हुए कहा कि वह पूरा क्षेत्र सफेद रंग की लकड़ियों से बना हुआ था।  यही कारण है मैंने उसमें आग लगा दी।  47 लोग जलकर कोयला हो गए।  वारेन ने कहा कि मैंने मन ही मन सोचा कि इन्हें जलने दो।  अब क्या मैं इनके मारे जाने पर क्षमा मांगूं?

वारेन, मैनेक्स को संबोधित करते हुए कहता है कि तुम युद्ध पर गए थे ताकि कालों को अब भी ग़ुलाम बनाकर रखा जाए? मैं युद्ध पर इसलिए गया था ताकि दक्षिणी गोरों की हत्या करूं।  उन पागलों को मारूं।  जो भी मेरे हाथ लगे उसका सफाया कर दूं।  जिस प्रकार से भी हो मैं उनकी हत्या करूंगा।  गोरों को मारने के लिए मैं सबकुछ कर सकता हूं।  इसीलिए मैंने युद्ध में भाग लिया और जो कुछ किया वह तुमको बता दिया।

जिस सीन का हमने उल्लेख किया उससे यह बात समझ में आती है कि अमरीकी समाज में कालों ने गोरों के हाथों बहुत दुख सहन किये हैं।  इसका यह परिणाम निकला कि जो भी अश्वेत किसी योग्य था उसने अपनी क्षमता के अनुसार गोरों का मुक़ाबला किया और उनकी हत्याएं कीं।  इस फ़िल्म में दिखाया गया है कि वारेन ने आग लगाकर कई लोगों की हत्या कर दी।  अबतक की फ़िल्मों में अधिकतर किसी गोरे को बहुत शक्तिशाली और प्रभावशाली दिखाया जाता था जो कालों पर अत्याचार करता था किंतु यहां पर एक एसे अश्वेत व्यक्ति को दिखाया गया है जो बहुत अधिक शक्तिशाली है और उसने अकेले ही कई लोगों को जला दिया।  उसकी शक्ति का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि गोरे उसको पकड़ने में नाकाम रहे जबकि वारेन पर तीस हज़ार डालर का इनाम रखा जा चुका है।

दूसरे शब्दों में अश्वेतों पर बनने वाली फ़िल्मों के विपरीत “द हेटफुल एट” में गोरों को कालों के मुक़ाबले में कमज़ोर दिखाया गया है।  एसा लगता है कि वारेन इस फ़िल्म में अत्याचारग्रस्त अश्वेतों की ओर से प्रतिशोध लेने वाले व्यक्ति के प्रतीक के रूप में उभरा है।  मेरा भी यह मानना है कि वारेन की प्रतिशोधात्मक कार्यवाही, दर्शकों के मन को इस ओर ले जाता है कि मानो “द हेटफुल एट” फिल्म, वर्तमान काल में कि जब आज जनमत श्वेतों की अश्वेत विरोधी कार्यवाही की निंदा कर रहा है, यह एक प्रकार से अमरीकियों से प्रतिशोध के समान है।  इसी फ़िल्म में आगे यह भी दिखाया गया है कि वारेन यह दावा करता है कि युद्ध के दौरान उसने अब्राहम लिंकन से एक पत्र हासिल किया था।  हालांकि यह विषय समीक्षा योग्य है। 

 

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Apr २२, २०१८ १३:२८ Asia/Kolkata
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