हमने विज्ञान के क्षेत्र में ईरान में होने वाले विकास के बारे में चर्चा की थी।

ईरानी वैज्ञानिकों ने विश्व में लिखे जाने वाले वैज्ञानिक लेखों के संदर्भ में प्रभावी भूमिका निभाई है।  ईरान में जो वैज्ञानिक लेख लिखे गए हैं उनमे से लगभग 80 प्रतिशत आईएसआई डेटाबेस पर मौजूद हैं।  हमने इस ओर भी संकेत किया था कि ईरानी वैज्ञानिकों के वैज्ञानिक लेख, गुणवत्ता की दृष्टि से उच्च श्रेणी के रहे हैं।  कार्यक्रम में ईरान में चिकित्सा विज्ञान और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किये गए कार्यों की समीक्षा करेंगे और यह देखेंगे कि विश्व स्तर पर इस क्षेत्र में ईरान किस स्थान पर है।
विज्ञान के क्षेत्र में डेटावेस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारियों से पता चलता है कि ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद विज्ञान के क्षेत्र में अधिक तरक़्की हुई है।  आंकड़े बताते हैं कि अन्य दशकों की तुलना में पिछले दो दशकों के दौरान वैज्ञानिक प्रगति का स्तर अधिक रहा है।  आईएसआई डेटाबेस के अनुसार सन 2000 से 2011 के बीच ईरानी वैज्ञानिकों ने 9000 से अधिक वैज्ञानिक लेख लिखकर विश्व में इस क्षेत्र में 43वां स्थान हासिल किया है।  इस हिसाब से पिछले एक दशक की तुलना में ईरान, विश्व स्तर पर 13 पायदान आगे बढ़ा है।  इस प्रकार ईरान, इस दौरान कई देशों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ गया है।

 

वर्तमान काल में साइंटिफिक रेफरेंस की समीक्षा को किसी देश की वैज्ञानिक प्रगति को समझने का महत्वपूर्ण मानदंड माना जाता है।  ईरान में प्रस्तुत किये जाने वाले वैज्ञानिक लेखों से भी यहां की वैज्ञानिक स्थिति को समझा जा सकता है।  ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद के लगभग 37 वर्षों में ईरान में दो लाख पैंतालिस हज़ार शोधपत्र और लेख सामने आए।  इस प्रकार से शिक्षा के क्षेत्र में ईरान में बहुत तेज़ी से विकास हुआ और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ईरान की भागीदारी बढ़कर पचास प्रतिशत हो गई।
विश्व के विश्वसनीय डेटाबेस की रिपोर्टों के आधार पर सन 2016 में ईरानी वैज्ञानिक विज्ञान के क्षेत्र में 4700 लेख लिखकर मध्यपूर्व तथा उत्तरी अफ़्रीका में पहले स्थान पर और विश्व में 16वें स्थान पर पहुंच गए हैं।  यह बात भी उल्लेखनीय है कि अन्य देशों की तुलना में ईरान में विज्ञान के क्षेत्र में लिखे जाने वाले लेखों की गुणवत्ता, प्रशंसनीय रही है।  इस संबन्ध में पता चलता है कि ईरान ने इस क्षेत्र में रूस को भी पीछे छोड़ दिया है।  वर्तमान समय में ईरान में लिखे जाने वाले लेखों में से लगभग 40 प्रतिशत लेखों का संबन्ध विज्ञान से है।  विज्ञान की कुछ एसी शाखाए हैं जिनके क्षेत्र में ईरान की प्रगति, ध्यान योग्य है।  स्कोपस डेटाबेस की रिपोर्ट के अनुसार स्टेम सेल से संबन्धित क्षेत्र में ईरान के लेख, विश्व में दूसरे नंबर पर हैं।  इस रिपोर्ट में बताया गया है कि मान्यता प्राप्त चिकित्सा और स्टेम सेल के संदर्भ में सन 2007 से 2017 के बीच ईरान के वैज्ञानिक लेखों की संख्या में चार गुना वृद्धि हुई है।  इस प्रकार यह 155 की संख्या से बढ़कर 647 हो चुके हैं।  ईरान में इस समय स्टम सेल से संबन्धित दो हज़ार से अधिक क्लीनिकल टेस्ट किये जा रहे हैं जिनमें से दसियों टेस्ट पूरे हो चुके हैं।  ईरान में 40 से अधिक केन्द्र, इस बारे में शोध कामों में व्यस्त हैं जिनके परिणाम आगामी वर्षों में सामने आएंगे।

 

यह कहना कोई अतिश्योक्ति नहीं है कि ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता और उसके बाद होने वाले मूलभूत परिवर्तनों के साथ ही साथ देश में मेडिकल साइंस के क्षेत्र में भी एक क्रांति सी आ गई।  ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता और उससे पहले के काल में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करने से पता चलता है कि क्रांति के पूर्व की तुलना में क्रांति के बाद स्वास्थ्य सेवा की दृष्टि से देश में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।  इस प्रगति के कारण विज्ञान के क्षेत्र में ईरान, अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर विशेष महत्व का स्वामी बन गया।  ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता से पहले देश के अधिकांश क्षेत्रों में विदेशी डाक्टर मौजूद थे।  इनमें से एसे डाक्टर भी थे जो अपने पेशे में अधिक अनुभव नहीं रखते थे जिसके कारण बीमारों को समस्याएं होती थीं।  दूसरी ओर तकनीकी दृष्टि से प्रगति न होने के कारण छोटे-मोटे आपरेशनों के लिए देश के नागरिकों को विदेश की यात्रा करनी पड़ती थी।  इसके अतिरिक्त विदेशी चिकित्सकों के भाषा, संस्कृति और परिस्थितियों से उचित ढंग से अवगत न होने के कारण ईरानी बीमारों को नाना प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता था।  लेकिन वर्तमान समय में ईरान, ने चिकित्सा के क्षेत्र में तरक़्क़ी करके न केवल स्वयं को आत्मनिर्भर बना लिया है बल्कि ईरान के बहुत से अस्पताल विदेशी बीमारों के उपचार के लिए तैयार हैं।
विज्ञान के क्षेत्र में भारी पूंजी निवेश करके ईरान, क्षेत्र में तकनीक एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में शोध केन्द्र में परिवर्तित हो चुका है।  ईरान में विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति एसी स्थिति में हुई है कि जब पिछले चार दशकों से ईरान, विभिन्न प्रकार के प्रतिबंधों को सहन कर रहा है।  अमरीकी नेतृत्व में वर्चस्ववादी देशों की ओर से ईरान की प्रगति एवं विकास में तरह-तरह की बाधाएं डालने के बावजूद तेहरान बहुत ही तीव्र गति से बायोटैक्नालिजी, न्यूरोलाजी, एडवांस जेनेटिक मैथेड, इनफर्टीलिटी ट्रीटमेंट, कार्डियोवैस्कयलर, डाइग्नोस्टिक मेज़रस और साफिस्टीकेटेड एंव एडवांस सर्जरी जैसे क्षेत्रों में आगे की ओर बढ़ रहा है।  ईरानी चिकित्सक न केवल यह कि अपने समाज की सेवा कर रहे हैं बल्कि वे विदेशी बीमारों की भी सेवा कर रहे हैं।

 

ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता से पहले उन विश्वविद्यालयों की संख्या 10 से अधिक नहीं थी जिनमें मेडिकल साइंस पढ़ाई जाती थी।  उस काल में देश में मेडिकल साइंस पढ़ने वाले छात्रों की संख्या बहुत कम हुआ करती थी।  उस दौर में उन छात्रों की संख्या न के बराबर हुआ करती थी जो मेडिकल साइंस की पढ़ाई को अंत तक देश में पढ सकें।  इसके विपरीत वर्तमान समय में ईरान में 50 से अधिक विश्वविद्यालयों में मेडिकल की शिक्षा दी जाती है और अब तो अन्य देशों के छात्र भी ईरान में मेडिकल की पढ़ाई के लिए आने लगे हैं।  प्रतिवर्ष लगभग दो हज़ार विशेषज्ञ डाक्टर, देश के विश्वविद्यालयों से शिक्षा प्राप्त करते हैं।  अब हाल यह हो गया है कि ईरान में प्रतिवर्ष डाक्टरों की संख्या में तेज़ी से वृद्धि हो रही है जो अपनी सेवाएं विदेशी बीमारों को भी प्रदान कर रहे हैं।  वर्तमान समय में कुछ दुर्लभ बीमारियों के अतिरिक्त लगभग सारी बीमारियों का उपचार उचित ढंग से किया जाता है।
ईरान में स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रगति के प्रभाव को समाज पर बहुत ही स्पष्ट रूप में देखा जा सकता है।  इस विकास का प्रभाव यह है कि देश में 20 प्रतिशत से अधिक लोगों की जीवन के प्रति आशा 50 वर्षों से 70 वर्ष पहुंची है।  एक लाख से अधिक डाक्टर गावों और छोटे नगरों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।  ईरान के भीतर बहुत सी बीमारियों को समूल नष्ट किया जा चुका है।  पांच साल के कम आयु के बच्चों की बाल मृत्यु दर में कमी के साथ ही गर्भवस्था के दौरान मर जाने वाली महिलाओं की संख्या में भी तेज़ी से कमी हुई है।  देश की जनसंख्या के दृष्टिगत अस्पतालों में बीमारों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।  स्वास्थ्य सेवाएं देने के साथ ही साथ ईरानी वैज्ञानिक, विज्ञान की प्रगति के क्षेत्र में भी सहयोग कर रहे हैं।
ईरानी डाक्टर जल जाने वाले लोगों के लिए कृत्रिम खाल बनाने में सफल रहे हैं।  उन्होंने जल जाने वालों के लिए बायोपामिलर की सहायता से कत्रिम खाल उपलब्ध कराई है।  दस वर्षों के अथक प्रयासों के बाद इन विद्वानों ने कई नई उपलब्धियां अर्जित की हैं।  वर्षों के परिश्रम के बाद लेज़र की सहायता और बायोपालिमर का प्रयोग करते हुए ईरान, पहली बार नए प्रकार के सिंथैटिक विकल्प उपलब्ध कराने में सक्षम रहा है।  ईरानी वैज्ञानिक, चिकित्सा चित्रों की 3-डी माडलिंग के लिए एक नई शैली तैयार करके उसे प्रस्तुत करने में भी सफल रहे हैं।  ईरान के अनुभवी चिकित्सक और फार्मासिस्ट, एमएस जैसी बीमारी के उपचार के लिए विशेष प्रकार की दवा बानने में कामयाब रहे।  यह लोग साथ ही हैपिटाइटिस-सी जैसे रोग के रोगियों के लिए दवाएं बनाने की भी योग्यता रखते हैं।  ईरानी वैज्ञानिक, पांच प्रकार की प्रतिक्रियाएं पैदा करके पांच प्रकार की बीमारियों के उपचार में भी कामयाब दिखाई देते हैं।
जिन बातों का हमने उल्लेख किया वे सब ईरानी विशेषज्ञों की हालिया उपलब्धियों का एक भाग था।  इससे पता चलता है कि ईरान में किस प्रकार से वैज्ञानिक प्रगति हो रही है।  यह एसी प्रगति है जिससे न केवल ईरान लाभान्वित हो रहा है बल्कि इससे पूरा संसार लाभान्वित होगा।

Jun १८, २०१८ १२:२० Asia/Kolkata
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