वर्तमान समय में ईरान में गैस कन्डनसेट का उत्पादन प्रतिदिन 6 लाख तीस हज़ार बैरल है और अनुमान यह लगाया जा रहा है कि वर्ष 2020 तक देश में गैस कन्डनसेट उत्पादन के स्तर को 13 लाख तक पहुंच जाएगा।

मूल्यवान ईंधन स्रोतों में से एक गैस संघनन या गैस कन्डनसेट है। प्राकृतिक गैस के भंडार से लाभ उठाने के समय गेस कन्डनसेट प्राप्त होता है और यह प्राकृतिक गैस का आंशिक उत्पादन समझा जाता है। गैस कन्डनसेट वह हाइड्रोकार्बन है जो गैस भंडार के तापमान और उसकी स्थिति में गैस का रूप धारण करते हैं किन्तु धरती के संतुलित तापमान और स्थिति की वजह से द्रव में परिवर्तित हो जाती हैं। गैस से द्रव बनने की परिघटना को संघनन कहते हैं। यह वाष्पन की उल्टी प्रक्रिया है।

 

ईरान ने तेल व गैस उद्योग के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगायी है। छठे विकास कार्यक्रम में तेल व गैस के विकास की दर 9 दश्मलव 3 फ़ीसद और पेट्रोकेमिकल के क्षेत्र में विकास की दर 18 फ़ीसद हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। छठे विकास कार्यक्रम के तहत, प्रतिदिन तेल के उत्पादन व कन्डनसेट गैस का उत्पादन 53 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंच गया है। तेल के खोजी अभियान में व्यापकता, तेल व गैस के उत्पादन की क्षमता बढ़ाना, तेल के भंडार के रिसाइकल के अनुपात को निरंतर बढ़ाना, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी की उन्नति और तेल उद्योग में ग़ैर सरकारी सेक्टर की भागीदारी बढ़ाना वे पांच अहम सिद्धांत हैं जिन्हें ईरान के तेल के नए समझौतों में प्रमुखता दी गयी है।

इस समय ईरान के पास तेल और गैस का बहुत बड़ा भंडार है। ईरान तेल के भंडार की दृष्टि से चौथा और प्राकृतिक गैस के भंडार की दृष्टि से पहला देश है। ईरान की अर्थव्यवस्था में तेल को मूल स्तंभों में गिना जाता है। तेल के सही इस्तेमाल से आर्थिक विकास का मार्ग समतल किया जा सकता है और इस समय इस लक्ष्य को ईरान के भविष्य के आर्थिक क्षितिज में प्रतिरोधक अर्थव्यवस्था की स्ट्रैटिजी के तहत निर्धारित किया गया है।

गैस फ़ील्ड से निकलने के बाद और रिफ़ाइनरी क्षेत्र में पहुंचाए जाने के बाद प्राकृतिक गैस एक पाइप द्वारा पास की जाती है। प्राकृतिक गैस के भारी हाड्रोकार्बन धरती की सतह के दबाव और तापमान के कारण द्रव में परिवर्तित हो जाते हैं और इस प्रकार पाइप लाइन में दौड़ पड़ती है और भंडारों में पहुंच जाती है। यही कारण है कि गैस कन्डनसेट को एलएनजी के विपरीत ज़मीन की सतह पर बाक़ी रहने के लिए तापमान की कमी या भंडारण के दबाव में वृद्धि की आवश्यकता नहीं होती।  गैस फ़ील्ड में भी हल्के से भारी मिश्रण के अलग होने बाद प्लांट कन्डनसेट के रूप में भारी मिश्रण को बाज़ार में बेचा जाता है।

 

गैस कन्डनसेट को कई प्रकार से प्रयोग किया जा सकता है। इस मिश्रण को पेट्रोकेमिकल या कन्डनसेट की विशेष रिफ़ाइनरी में ईंधन के रूप में प्रयोग किया ज सकता है। इनमें से आधे से मिट्टी का तेल या कैरोसीन बनता है। केरोसीन या मिट्टी का तेल एक तरल खनिज है जिसका मुख्य उपयोग दीप, स्टोव और ट्रैक्टरों में जलाने में होता है। इस काम के लिये तेल की श्यानता कम, दमकांक ऊँचा, रंग साफ़ और हल्का, जलने पर दुर्गंध और धुआँ देने वाले पदार्थों का अभाव रहना चाहिए। औषधियों में विलायक के रूप में, उद्योग धंधों में, प्राकृतिक गैस से पैट्रोल निकालने में तथा अवशोषक तेल के रूप में भी इसका उपयोग होता है।

केरोसीन कच्चे पेट्रोलियम का वह अंश है जो 175 - 275 सेंटीग्रेट तापमान पर आसुत होता है। इसमें पैराफ़ीन, नैफ्थीन और सौरभिक हाइड्रोकार्बन रहता है। इसका भौतिक और रासायनिक गुण उपस्थित हाइड्रोकार्बनों के अनुपात, संघटन और क्वथनांक पर निर्भर करता है। इसका रंग हल्का हरा या पीला से लेकर जल सा स्वच्छ हो सकता है।

 

दुनिया में वर्ष 2013 में कुछ मिलाकर गैस कंडनसेट प्रतिदिन सत्तर लाख बैरल उत्पादित किया जाता था और अनुमान यह लगाया जा रहा है कि यह 2020 तक 90 लाख से अधिक तक पहुंच जाएगी। दुनिया बाज़ार में पेश किए जाने वाले 83 प्रतिशत गैस कंडनसेट गैस फ़ील्ड और तेल के प्रतिष्ठानों के कुओं से हासिल होते हैं। उत्तरी अमरीका और मध्यपूर्व दुनिया के वह दो क्षेत्र हैं जहां पर सबसे अधिक गैस कंडनसेट का उत्पादन होता है।

जैसा कि हमने आपको बताया था कि गैस कंडनसेट का उत्पादन गैस फ़ील्ड्स के विस्तार पर निर्भर होता है और गैस उत्पादन में वृद्धि से इसका सीधा संबंध है।  ईरान के पास 33 ट्रिलियन घन मीटर से अधिक गैस के भंडार है इस प्रकार ईरान दुनिया में सबसे बड़ा गैस संपन्न देश है। ईरान के गैस उत्पादन का एक बड़ा भाग दक्षिणी पार्स गैस फ़ील्ड से विशेष है और दक्षिणी पार्स गैस फ़ील्ड ईरानी गैस का सबसे बड़ा स्रोत समझा जाता है। दक्षिणी पार्स गैस फ़ील्ड, फ़ार्स की खाड़ी में ईरान और क़तर के बीच संयुक्त सीमावर्ती क्षेत्र में ईरन के दक्षिणी तट से 105 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।  ईरान में गैस कंडनसेट के उत्पादन का मुख्य स्रोत, दक्षिणी गैस फ़ील्ड है। शोध से पता चलता है कि इस गैस फ़ील्ड में 18 अरब बैरल गैस कंडनसेट है। हालिया वर्षों में दक्षिणी पार्स के विभिन्न फ़ेज़ों में उत्पादन में ज़बरदस्त वृद्धि हुई है और इस समय प्रतिदिन छह लाख बैरल उत्पादन किया जाता है। इसमें से 4 लाख पचास हज़ार बैरल निर्यात कर दिया जाता है। अब तक दक्षिणी पार्स गैस फ़ील्ड से दस अरब डालर के  20 करोड़ बैरल गैस कंडनसेट का निर्यात किया जा चुका है। ईरान से गैस कंडनसेट ख़रीदने वाले अधिकतर देश जापान, दक्षिणी कोरिया और संयुक्त अरब इमारात हैं। ईरान से सबसे अधिक गैस कंडनसेट दक्षिणी कोरिया ख़रीदता है।

विदेशी सूत्र वर्तमान समय में ईरान से गैस कंडनसेट के निर्यात में कमी की सूचना दे रहे हैं जो तेल, गैस के क्षेत्र और इन स्रोतों से भरपूर लाभ उठाने के बारे इस्लामी गणतंत्र ईरान के अधिकारियों की रणनैतिक राजनीति का चिन्ह है।  कच्चा माल बेचने से बचना, पेट्रोकेमिल उद्योग में विस्तार और रिफ़ाइनरी की क्षमताओं में वृद्धि ईरान के आगामी कार्यक्रम हैं। ईरानी अधिकारियों द्वारा शुरु किए गये कार्यक्रमों के आधार पर तय यह है कि गैस कंडनसेट के सतस्त उत्पादन देश के भीतर रिफ़ाइन्ड होंगे और कच्चे माल के उत्पादन के बजाए देश की रिफ़ाइनरियों में उसे पेट्रोल, कैरोसीन और द्रव गैस जैसे उत्पादों में परिवर्तित करना है।

इसी परिधि में Persian Gulf Star Oil Co और सीराफ़ रिफ़ाइनरियों की परियोजनओं की ओर संकेत किया जा सकता है। परशीयन गल्फ़ स्टार आयल कंपनी की रिफ़ाइनरी क्षमता प्रतिदिन तीन लाख 60 हज़ार बैरल है जबकि सीराफ़ रिफ़ाइनरी की क्षमता 4 लाख 80 हज़ार बैरल है जो ईरान में रिफ़ाइनरी की महत्वपूर्ण सफलता समझी जाती है।

 

परशियन गल्फ़ स्टार आयल कंपनी का ईंधन, वह गैस कंडनसेट है जिसे  380 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन से दक्षिणी पार्स क्षेत्र को पूरा होता है। परशीयन गल्फ़ स्टार आयल कंपनी की रिफ़ाइनरी 700 हेक्टयर में फैला हुआ है जो फैलाव की दृष्टि से दुनिया की सबसे बड़ी रिफ़ाइनरी समझा जाती है। यह अनुमान लगाया जाता है कि यह रिफ़ाइनरी भविष्य में अधिक विस्तृत होगी। ईरान पर पश्चिम के आर्थिक प्रतिबंधों के चरम पर होने के समय परशीयन गल्फ़ स्टार आयल कंपनी का निर्माण स्थानीय विशेषज्ञों, इंजीनीयरों और सलाहकारों द्वारा हुआ। इस कंपनी में लगने वाले 80 प्रतिशत उपकरण ईरान के भीतर ही बने हुए हैं और इस कंपनी के निर्माण के समय लगभग 17 हज़ार लोग सीधे रोज़गार से लगे हुए थे। परशीयन गल्फ़ स्टार आयल कंपनी परियोजना के पूरे होने और 4 और 5 यूरो गुणवत्ता वाले तीन करोड़ साठ लाख लीटर पेट्रोल के उत्पादन से ईरान में प्रतिदिन दस करोड़ लीटर पेट्रोल का उत्पादन होने लगेगा। उत्पादन का यह स्तर, पेट्रोल के आयात को समाप्त करने के साथ ही आंतरिक उपयोग के अच्छे ईंधन में वृद्धि और इसके निर्यात की भूमिका बढ़ाएगा और ईरान को पेट्रोल उत्पादनकर्ताओं की श्रेणी में पहुंचा देगा।

परशियन गल्फ़ स्टार आयल कंपनी के तीन फ़ेज़ में प्रतिदिन तीन लाख साठ हज़ार बैरल गैस कंडनसेट ईंधन के रूप में लगती है और इस कंपनी के रिफ़ाइन सेक्टर के पूरा होने से गैस कंडनसेट के ख़र्च के स्तर में वृद्धि हो जाएगी। दुनिया के सबसे अधिक एरोमैटिसिटी पदार्थ का उत्पादन करने वाली नूरी पेट्रोकेमिकल का ख़र्च भी प्रतिदिन एक लाख बैरल गैस कंडनसेट है। वर्तमान समय में ईरान में गैस कन्डनसेट का उत्पादन प्रतिदिन 6 लाख तीस हज़ार बैरल है और अनुमान यह लगाया जा रहा है कि वर्ष 2020 तक देश में गैस कन्डनसेट उत्पादन के स्तर को 13 लाख तक पहुंच जाएगा। (AK)

Jul १०, २०१८ १३:१५ Asia/Kolkata
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