कीश द्वीप को विश्व के मूंगों के सुन्दर द्वीप के रूप में जाना जाता है। 

कीश में प्रकृति सुन्दर एवं अद्भुत है। इसके शांत तटों पर मूँगिया रेत एवं साफ़ पानी पाया जाता है जिसकी पारदर्शिता अद्वितीय है।  इसी पारदर्शिता के कारण समुद्र के भीतर कई मीटर नीचे तक के जलीय जंतु देखें जा सकते हैं।

कीश द्वीप में एक क्षेत्र है जिसका नाम है "क़नाते कारीज़"।  कीश द्वीप का यह एक एतिहासिक और पर्यटन स्थल है।  इसके बारे में कहा जाता है कि यह क्षेत्र लगभग 2500 साल पुराना है।  क़नात को भूमिगत नाला भी कहा जा सकता है।  क़नात, वास्तव में धरती के भीतर पाया जाने वाला एसा जल है जिसे खेती-किसानी और पीने के लिए प्रयोग किया जाता है।  क़नाते कारीज़, फ़ार्स की खाड़ी में स्थित सुन्दर द्वीपों में से एक पर स्थित है जिसकी छत प्राकृतिक सीपों और मूंगे की है।  तो अब आप इसके बारे में जानने के लिए तैयार हो जाइए।

 

कारीज़ या कहरीज़ फ़ारसी भाषा का शब्द है।  इसका अर्थ होता है धरती के भीतर मौजूद पानी।  कारीज़ वास्तव में ईरानियों की खोज है।  कहते हैं कि इसकी प्राचीनता, ईरान की सभ्यता से जुड़ी है।  ईरान के अधिकांश क्षेत्रों में क़नातें मौजूद हैं।  वर्तमान समय में भी क़नातें पाई जाती हैं।  ईरान के गर्म और शुष्क क्षेत्रों की जनता के जीवन का आधार क़नातें बताई जाती हैं।  क़नात या भूमिगत जल स्रोतों का आरंभिक स्रोत, गहरे कुओं का आरंभिक बिंदु होता है।  इसी स्थान से पानी उबलकर बाहर आता है।

कारीज़े कीश एक प्राचीन भूमिगत जलस्रोत है।  इसको अश्कानियान काल में बनाया गया था।  कारीज़े कीश, 15 किलोमीटर लंबी है।  क्षेत्रीय लोगों के पीने के पानी का यह मुख्य स्रोत है।  इसका पानी शीतल और स्वच्छ है।  कहते हैं कि यहां का पानी इतना अधिक स्वच्छ दिखाई देता है कि एसा पानी कम ही स्थानों पर मिलता है।  इसकी स्वच्छता का मुख्य कारण है कि इसका पानी धरती की तलछट से होकर गुज़तरा है जहां पर प्रदूषण के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता।  वर्षा का पानी होने के कारण यह मीठा भी होता है।  पुराने ज़माने में इस क्षेत्र के लोग क़नात के पानी से सिंचाई किया करते थे और यहां का पानी, पानी के जहाज़ से दुबई, शारजा और ओमान भेजा जाता था।

कारीज़े कीश के माध्यम से जो पानी आता है वह लगभग 274 भूमिगत कुओं से निकलता है जिनमें से 74 कुंए, कारीज़ भूमिगत नगर में प्रयोग किये जाते हैं।  इसकी गहराई लगभग 12 मीटर है जो कहीं-कहीं पर 16 मीटर तक है।  यह भूमिगत जलस्रोत, समुद्र तल से लगभग 8 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

 

क़नात या भूमिगत पानी के नालों में पानी की गतिशीलता एसी है जिसे देखने से लगता है कि पानी अपनी जगह पर स्थिर है हांलाकि वास्तविकता यह है कि पानी बहुत ही हल्की गति में गतिशील है।  कारीज़े कीश के पानी का एक मूल कुंआ है जो सफ़्फ़ीन क्षेत्र से आरंभ होता है।  इसका दूसरा भाग, बाग़ू नामक गांव की ओर है।  बाद में यह दोनों सिरे आगे जाकर मिल जाते हैं जो हरीरे नगर की ओर जाते हैं।  क़नात का मुख्य कुंआ, प्राचीन नगर हरीरे में स्थित है।

क़नात या भूमिगत जलस्रोतों के भीतर तापमान सामान्यतः 22 से 25 सेंटीग्रेड तक होता है।  गर्मियों के दौरान यहां की आद्रता बढ़ जाती है।  इनकी ऊंचाई लगभग आठ यतः 22 से 25 सेंटीमीीहोता है।  इसका दूसरा भाग, बाग़ू नामक गांव की ओर है।  बाद मेंमीटर होती है।  इसकी छत पर मूंगों और सीपों को देखा जा सकता है।  भूमिगर नगर के जिम्मेदारों का मानना है कि दो कारणों से क़नात को विश्व की धरोहरों की सूचि में रखा गया है।  इसका एक कारण यह है कि कारीज़, केवल मूंगे के द्वीपों पर ही पाई जाती हैं।  इसकी दूसरी विशेषता यह है कि इसकी छत शुद्ध मूंगे और सीपों की होती है।  मूंगों और सीपियों को निकट से देखने के दो ही रास्ते हैं या तो इनके संग्रहालय में जाकर उन्हें देखना या फिर गहरे समुद्र में डुबकी लगाकर उनको निकट से देखना।  कारीज़ वास्तव में प्रकृति प्रेमियों के लिए उपयुक्त स्थल है जहां पर जाकर बहुत ही निकट से प्रकृतिक और शुद्ध मूंगों को देखा जा सकता है।

 

यहां पर इस बात का उल्लेख आवश्यक है कि "कारीज़" कोई भूमिगत नगर नहीं है बल्कि वास्तव में भूमिगत पानी का एक चैनेल है जिसे प्राचीन काल में ईरानियों ने खोदकर बनाया था।  कारीज़ में भूमिगत जल संरक्षण का नक्शा बनाकर दर्शकों को यह दिखाने का प्रयास किया गया है कि इसका संचालन किस प्रकार से होता है।  यही कारण है कि इसे भूमिगत नगर का नाम दिया गया है।  इस नक्शे में केवल पानी के गुज़रने के मार्ग को दर्शाया गया है जबकि इसका पानी उतना स्वच्छ नहीं है जितना पहले हुआ करता था।

कीश द्वीप के विभिन्न आकर्षणों में भूमिगत नगर कारीज़ का विशेष महत्व है। कारीज़ नगर वास्तव में कीश की प्राचीन बड़ी भूमिगत नहरों में से एक है कि जो 2500 साल पुरानी है।  यही नहर, द्वीप में रहने वालों के लिए मीठा पानी उपलब्ध कराती थी। आज यह नहर एक आश्चर्यचकित भूमिगत शहर में परिवर्तित हो गई है जिसका क्षेत्रफल 10000 वर्ग मीटर है। कारीज़ नगर ज़मीन के 16 मीटर नीचे है।  उसका अधिकांश भाग छोटे पत्थरों, मोतियों और मूंगों से भरा हुआ है।  विशेषज्ञों का मानना है कि यह बहुत पुराने हैं और उनमें से एक-एक का औपचारिक पहचानपत्र है।

 

कारीज़ की मिट्टी में भी उपचारिक क्षमता पाई जाती है जिसका उपचार में काफ़ी प्रयोग होता है। भूमिगत नगरों के विशेषज्ञों का मानना है कि कारीज़ की यह विशेषताएं ही उसे विश्व धरोहरों की सूची में शामिल कर सकती हैं। वर्तमान परिस्थितियों में भूमिगत नगर कारीज़ में ईरान एवं विश्व के हस्तशिल्पों के कमरे, पुराने और आधुनिक रेस्टोरेंट, संग्राहलय, ड्रामा प्रेक्षागृह, ऑडिटोरियम और आर्ट गैलरियां हैं।

कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि कीश भूमिगत नगर, एसा संग्रहालय है जहां पर जर्मनी के म्यूनिख नगर में जीवाश्म पर किये गए शोध के आधार पर बहुत से प्रमाण रखे गए हैं।  यहां पर रखे हर जीवाश्म पर उसके बारे में विस्तार से लिखा गया है या दूसरे शब्दों में उनका औपरचारिक पहचानपत्र रखा हुआ है।  कहते हैं कि यहां पर जो जीवाश्म रखे गए हैं उनमें से एक का संबन्ध 570 मिलयन वर्ष पहले से है।  इसके अतिरिक्त यहां पर फ़ार्स की खाड़ी और कीश द्वीप के संबन्धित पूरा इतिहास मौजूद हैं जिसमें कीश द्वीप की उत्पत्ति, यहां की संस्कृति, इतिहास, वनस्पतियों, जलवायु और जल स्रोतों के बारे में विस्तार से बात की गई है।

 

 

 

टैग्स

Jul १०, २०१८ १४:२९ Asia/Kolkata
कमेंट्स