हेंगाम, फ़ार्स की खाड़ी में ईरान के द्वीपों में से एक है और इसका क्षेत्रफल लगभग 50 किलो मीटर है।

यह द्वीप, क़िश्म द्वीप के दक्षिण में स्थित है और इसमें नमक और सीसे की खदानें हैं। हिंगाम द्वीप की लम्बाई नौ किलो मीटर और चौड़ाई छः किलो मीटर है। बंदर अब्बास से हिंगाम द्वीप का फ़ासला लगभग 43 नाटिकल माइल और क़िश्म शहर तक लगभग 29 नाटिकल माइल है। इस द्वीप में चूने के बड़े बड़े टीले भी हैं जिनमें सबसे ऊंचा टीला 106 मीटर है जबकि सबसे चौड़ा टीला नौ किलो मीटर का है।

हेंगाम द्वीप भौगोलिक दृष्टि से हुर्मुज़गान प्रांत का भाग माना जाता है। इस द्वीप की आर्थिक गतिविधि मुख्य रूप से मछली का शिकार है जिसे प्राचीन काल से यहां के लोग अंजाम देते आ रहे हैं। इस के अलावा क़िश्म और हेंगाम द्वीपों की सैर करने वाले पर्यटकों को सेवाएं प्रदान करना भी इस द्वीप के लोगों की गतिविधियों में शामिल है। यहां के लोग इसी तरह मछली और झींगा पालन का भी काम करते हैं। हिंगाम द्वीप की जनसंख्या एक हज़ार से भी कम है और यहां के अधिकतर लोग एक दूसरे के रिश्तेदार हैं। अगर कोई यात्री यहां रात में रुकना चाहे तो द्वीप में बने हुए विश्राम गृहों में रुक सकता है।

यह द्वीप अपनी महत्वपूर्ण भौगोलिक स्थिति और इसी तरह से फ़ार्स की खाड़ी के बीच में और हुर्मुज़ स्ट्रेट व क़िश्म द्वीप के निकट स्थित होने की वजह से हमेशा रणनैतिक व सामरिक महत्व का स्वामी रहा है। इसी लिए सफ़वी शासन काल में पुर्तगालियों और क़ाजारी शासन काल में अंग्रेज़ों ने हिंगाम द्वीप पर क़ब्ज़ा कर लिया था। नवम्बर 1932 में ब्रिटिश सैनिक इस द्वीप से बाहर निकले और इस पर पूरी तरह से ईरानी सरकार का शासन स्थापित हो गया।

हेंगाम द्वीप के निकट डाल्फ़िन मछलियों को देखने का स्थान, अत्यंत रोचक व दर्शनीय स्थानों में से एक है। इस द्वीप के आस-पास का पानी, डाल्फ़िन मछलियों का जीवन स्थल है और क़िश्म द्वीप की सैर को आने वाले बहुत से पर्यटक डाल्फ़िन मछलियों के जीवन को निकट से देखने के लिए इस द्वीप की यात्रा करते हैं। पर्यटन नौकाएं और स्टीमर हर दिन सैलानियों के लिए तैयार रहते हैं लेकिन इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि अगर कोई निकट से और सस्ते में डाल्फ़िन्ज़ के खेल का तमाशा देखना चाहे तो उसे सुबह जल्दी इस द्वीप में पहुंच जाना चाहिए।

 

हेंगाम द्वीप के तटों के निकट तैराकी, समुद्री कछुए और चट्टानी व रेतीले तट इस द्वीप के आस-पास के रोचक समुद्री आकर्षण हैं। इसी तरह से बेजोड़ प्रकृति, विभिन्न प्रकार के हिरन और ईरान में मगरमच्छों के पालन का पहला और सबसे बड़ा पार्क, हिंगाम द्वीप के भीतर के आकर्षणों में शामिल हैं। क्रोकोडाइल पार्क इस द्वीप का सबसे अहम पर्यटन केंद्र है और इसके निकट सैलानियों के ठहरने के लिए कैम्पिंग की स्थायी व्यवस्था भी है। मगरमच्छों का पालन भी अन्य जलजीवों की तरह प्रचलित होता जा रहा है और इसमें पर्यावरण की सुरक्षा का विशेष रूप से ध्यान रखा जाता है।

 

हेंगाम द्वीप के आस-पास शार्क का शिकार भी अत्यंत दर्शनीय होता है और इसे हाथ से नहीं जाने देना चाहिए। इस द्वीप पर हिरन और एक दुर्लभ जाति का कछुआ भी पाया जाता है और दोनों ही विलुप्त होने के ख़तरे का सामना कर रहे हैं। इसी लिए इस द्वीप के लोग उनकी ओर से बहुत अधिक सतर्क रहते हैं कि वे विलुप्त न होने पाएं। हिंगाम द्वीप में लाल रंग की मिट्टी और पहाड़ हैं जिन्हें गिलक कहा जाता है। इस लाल मिट्टी को इमारतों के निर्माण के लिए सजावटी पत्थर के उद्योग में इस्तेमाल किया जाता है। इस मिट्टी का एक और इस्तेमाल यह है कि इस क्षेत्र के लोग इसे मुरब्बाये सूराख़ नामक मुरब्बा या मीठी चटनी बनाने में इस्तेमाल करते हैं। इसी तरह इस लाल मिट्टी को जेटी और अन्य प्रतिष्ठानों के निर्माण में भी प्रयोग किया जाता है।

 

हेंगाम द्वीप के तट के पानी में तैरना एक रोचक अनुभव है क्योंकि तट के निकट ही एक डूबे हुए समुद्री जहाज़ के अवशेष मौजूद हैं। इस जहाज़ के पास मछलियों के झुंड के झुंड तैरते रहते हैं। यह आकर्षक व सुंदर माहौल तैराकी और अन्य वाटर स्पोर्ट्स के लिए अत्यंत रोचक है। इस द्वीप के तट के एक हिस्से में पानी इतना साफ़ और पारदर्शी है कि जब नौका में बैठ कर वहां से पानी के नीचे देखा जाए तो बड़ी आसानी से चमकीली मछलियां गुज़रते हुए दिखाई देती हैं। अगर आप मल्लाह से कहें तो संभव है कि वह आपको मछली पकड़ कर भी दे दे। इसके अलावा हिंगाम द्वीप में मूंगे भी हैं और सल्फ़ेट भी। यहां तैरने वालों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि सल्फ़ेट के नुकीले भाग उनके पैरों को नुक़सान न पहुंचाएं। इस तट पर रेत के बीच सफ़ेद चमकीले कण भी दिखाई देते हैं और इसी वजह से इसे चमकीला तट भी कहा जाता है।

 

जब रात आ जाती है और लहरें साहिल तक पहुंचने लगती हैं तो प्रकाशमयी हो जाती हैं। यहां तक कि यह चमक रेत में भी दिखाई देती है और फिर धीरे धीरे समाप्त हो जाती है। इस तरह का दृश्य मालदीप, कैलिफ़ोर्निया और दुनिया के कुछ अन्य तटों पर लोगों को आश्चर्यचकित कर देता है। समुद्र विज्ञान के विशेषज्ञों की जांच के अनुसार यह चमक समुद्र के फ़िटोप्लेंकटन्ज़ Phytoplanktons की वजह से होती है। यह छोटे छोटे समुद्री जीव जब खिंचाव की स्थिति में आते हैं तो उनसे प्रकाश निकलता है और लहरों व तट की रेत को प्रकाशित करने लगता है।

हेंगाम द्वीप में तीन गांव हैं जिनके नाम हिंगामे क़दीम या पुराना हिंगाम, हिंगामे नौ या नया हिंगाम और ग़ील हैं। ये तीनों गांव बजरी की सड़क के माध्यम से एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। जब आप कंदालू जेटी से हिंगाम द्वीप की ओर बढ़ें तो नौकाएं ऐसे तट पर जाकर रुकती हैं जो रेतीले हैं। यह हिंगाम के तीन गांवों में से एक है। हिंगामे नौ गांव इस द्वीप की सबसे अच्छी जगह है और यहां जेटी, पुलिस चौकी, मीठे पानी का कारख़ाना, पोस्ट आफ़िस और स्कूल हैं। हिंगामे नौ के तट के किनारे, स्थानीय बाज़ार भी है। अगर आप इस बाज़ार की सैर करें तो यहां के समूसे ज़रूर खाएं जिनका स्वाद आपको हमेशा याद रहेगा।

 

Jul २८, २०१८ ११:३३ Asia/Kolkata
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