ईरान का हुर्मुज़गान प्रांत पर्यटन की दृष्टि से बहुत अहम है।

हर साल 40 लाख से ज़्यादा सैलानी फ़ार्स खाड़ी के तटों की प्राकृतिक ख़ूबसूरती ख़ास तौर पर द्वीपों को देखने जाते हैं। क़िश्म, हुर्मुज़, कीश, हेन्गाम, अबू मूसा और लार्क को पर्यटक ज़्यादा देख़ते हैं। लार्क बायोल्यूमिनिसेंस तट है जिसकी बहुत ही सुंदर तस्वीर नेश्नल ज्योग्रफ़ी ने वर्ष 2015 में अपने दर्शकों के लिए प्रकाशित की थीं। लार्क द्वीप का तटवर्ती पानी नीले रंग का चमक्ता हुआ नज़र आता है। इसका कारण फ़ाइटोप्लैंक्टन है। ये वनस्पति जैसे ऑर्गनिज़्म हैं। ये ख़ुद बख़ुद उगते हैं और दुनिया की 50 से 80 फ़ीसद ऑक्सीजन का उत्पादन करते हैं। इसे जलचरों के खाद्य पदार्थ के स्रोत में गिना जाता है। यह बहुत छोटे ऑर्गनिज़्म हैं और ख़ाली आंखों से दिखाई नहीं देते लेकिन जब इनकी संख्या पानी में बहुत ज़्यादा हो तो इन्हें देखना मुमकिन है। इनकी मौजूदगी से पानी का रंग हरा या दूसरे रंग का बदला हुआ नज़र आता है।

यह दृष्य हमेशा नहीं रहता। जब समुद्र में लहरें न उठें और हवा न चले तो लार्क द्वीप के तटों पर फ़ाइटोप्लैंक्टन की वजह से रौशनी का प्रतिबिंबन नज़र आता है। यह ऐसा फ़िनोमिना है शायद एक महीने तक घटित ही न हो।               

 

लार्क द्वीप का क्षेत्रफल 7 दश्मलव चार आठ वर्गकिलोमीटर है। यह द्वीप बंदर अब्बास से 18 नॉटिकल मील दूर हुर्मुज़ जलडमरूमध्य में स्थित है। इस द्वीप में पहाड़ हैं। इस द्वीप का सबसे ऊंचा क्षेत्र समुद्र तट से 138 मीटर ऊपर है और इसका सबसे बड़ा व्यास 10 किलोमीटर का है। इस द्वीप में कृषि नहीं होती और इसके रहने वाले ज़्यादातर लोग शिकार और ग़ोताख़ोरी के ज़रिए आजीविका हासिल करते हैं।

इस द्वीप के लोगों के लिए पीने का पानी बंदर अब्बास से पहुंचता है। इसी तरह कुओं से भी पानी निकाला जाता है। लार्क द्वीप की आबादी लगभग 700 लोगों पर निर्भर है। इस द्वीप के लोग फ़ारसी भाषा से निकले कुमज़ारी लहजे में बात करते हैं।      

 

लार्क द्वीप में नादिर शाह के शासन काल में बना एक मज़बूत क़िला है। इस समय इस द्वीप में 200 परिवार रहते हैं। लार्क द्वीप में दो गांव हैं। एक का नाम तियाब और दूसरे का नाम कूहे बाला है। इसके निवासी फ़ार्सी भाषा में बात करते हैं।

लार्क द्वीप में दक्षिणी ईरान के दूसरे क्षेत्रों की तरह हवा में नमी रहती है। छह महीने मौसम बहुत गर्म रहता और छह महीने संतुलित रहता है। लार्क द्वीप हालांकि छोटा है लेकिन इसमें घाटियां हैं और घाटियों में हिरण और ख़रगोश पाए जाते हैं। इस द्वीप के एक तट पर ऐसे कछुए होते जिन्हें एक्वेरियम में रखा जाता है। इसी तरह इस द्वीप के सभी तटों पर रंग बिरंगी मछलियों और मूंगे की प्रजातियों के दृष्य को देख कर पर्यटक सम्मोहित हो जाता है।

हुर्मुज़ स्ट्रेट में लार्क और हुर्मुज़ द्वीपों के बीच स्थित जलमार्ग में हर दिन दसियों नौकाएं और तेल के टैंकर गुज़रते हैं। यह जलमार्ग लगभग 20 किलोमीटर चौड़ा है और इसे समुद्र के सबसे संवेदनशील और व्यस्त जलमार्गों में गिना जाता है।    

लार्क द्वीप की रणनैतिक स्थिति की वजह से अतीत में विदेशियों की इस पर ललचायी नज़रें रही हैं। लार्क द्वीप सोलहवीं और उसके बाद की शताब्दियों में नेदरलैंड, पुर्तगाल और ब्रिटेन के नियंत्रण में रहा। इस द्वीप के क़िलों में आज भी तोप और वॉच टॉवर मौजूद हैं। इस द्वीप के एक क़िले को पुर्तगाली क़िला कहते हैं। यह इस द्वीप के ऐतिहासिक आकर्षणों में गिना जाता है। यह क़िला सारूज नामक ईरानी मसाले से मूंगे की चट्टान और समुद्री पत्थर से बना है। यह क़िला हुर्मुज़ तथा क़िश्म द्वीप में पुर्तगालियों द्वारा बनाए गए क़िलों जितना पुराना है, सिर्फ़ इस अंतर के साथ कि लार्क द्वीप का क़िला उन दोनों क़िलों से बड़ा है और इस क़िले में लकड़ी के लगे खंबे अभी भी मौजूद हैं।

बड़े बड़े पेड़, पहाड़ों के बीच 800 साल पुरारे घर, जली हुयी कश्तियां और नमक की गुफाएं वे आकर्षण हैं जो सैलानियों को लार्क द्वीप के भ्रमण के लिए आकर्षित करते हैं। समुद्री लाइट हाउस और रेतीले तट के किनारे बने मंडप पर्यटकों को घंटों प्रकृति से आनंदित होने का मौक़ा मुहैया करते हैं। लार्क द्वीप के लोगों की एक रोचक रीति है। वे छोटे छोटे गुलदान जैसे मिट्टी के बने विशेष बर्तन को ताज़ा मरने वाले या जवान मुर्दे की क़ब्र पर रखते हैं। इस बर्तन को आतिशदान कहते हैं। इसमें धिका हुआ कोयला रख कर उस पर इस्पन्द और कुंदुर डालते हैं। गुरुवार की रात लोग क़ब्रों पर चिराग़ जलाते हैं।       

 

लार्क द्वीप पर दो समुद्री घाटों से पहुंचा जा सकता है। पहला रास्ता बेहतर है। पहला समुद्री घाट ज़ाकेरी है जहां से फ़ेरी द्वारा पहुंचा जा सकता है और दूसरा रास्ता क़िश्म के दोहा समुद्री घाट से है जहां से मोटरबोट से जाते हैं।

लार्क में ठहरने के लिए होटल नहीं है इसी वजह से ज़्यादातर पर्यटक इस द्वीप में आधा दिन बिताते हैं और अगर रुकना चाहें तो तट पर समुद्री लाइट हाउस के पास टेंट लगाकर रात गुज़ार सकते हैं। लेकिन बेहतर है कि रात बिताने के लिए द्वीप के सरपंच से समन्वित करें क्योंकि इस द्वीप में सैन्य अभ्यास होते रहते हैं।

 

इस द्वीप में टहलने के लिए एकमात्र साधन मोटरसाइकिल है। इस पूरे द्वीप में सिर्फ़ दो कारें हैं। इनमें से एक कार सरपंच की और दूसरी नौसेना की है। अगर किसी पर्यटक को द्वीप का चक्कर लगाना हो, या ज्वालामुखी वाले पहाड़ों या नमक के गुंबद, तथा ऐतिहासिक खंडहरों तक जाना हो तो उसे पैदल जाना पड़ेगा।

 

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Aug २५, २०१८ १३:२२ Asia/Kolkata
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