इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने अपने कई संबोधनों में यह बात बल देकर कही है कि ईरान निर्मित वस्तुओं के उपयोग व इस्तेमाल को बदावा दिया जाए।

वरिष्ठ नेता ने कहा कि ईरान को तेल पर निर्भर अर्थव्यवस्था से मुक्ति दिलाई जाए।  इस संदर्भ में उनका कहना है कि हमको अपने देश की अर्थव्यवस्था को तेल की आय से इस प्रकार से अलग करना चाहिए कि तेल का अधिकार हमारे हाथ में ही हो न कि दूसरों के हाथों में।  वरिष्ठ नेता का कहना था कि हमें इस बात की अनुमति नहीं देनी चाहिए कि शत्रु, तेल को एक हथकण्डे के रूप में प्रयोग करते हुए काम को कठिन बना दे।  वरिष्ठ नेता ने ईरान की स्वदेश निर्मित वस्तुओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर बल देते हुए कहा कि इसका एकमात्र मार्ग यह है कि ईरान निर्मित वस्तुओं का समर्थन किया जाए।

ईरान की अर्थव्यवस्था इस समय बहुत ही संवेदनशील चरण से गुज़र रही है।  एक हिसाब से यह ईरानी अर्थव्यवस्था की परीक्षा की घड़ी है।  ईरान के पास खदान के क्षेत्र में जो संभावनाए हैं उनसे लाभ उठाकर इस परीक्षा में सफल हुआ जा सकता है।  एसे में आर्थिक रोडमैप तैयार करके घरेलू उत्पादों के इस्तेमाल को बढ़ावा देकर आर्थिक क्षेत्र में बहुत कुछ किया जा सकता है।

अध्धयन से पता चलता है कि ईरान के पास 58 अरब टन खनिज पदार्थ मौजूद हैं जिनका मूल्य लगभग 770 अरब डालर बताया जा रहा है।  इस हिसाब से ईरान के पास संसार में पाए जाने वाले खनिज पदार्थों का सात फ़ीसद भाग मौजूद है।  खनिज पदार्थों की दृष्टि से ईरान संसार में 15वें नंबर पर है।  विशेष बात यह है कि संसार में तांबे की दृष्टि से ईरान दूसरे नंबर पर, लौह की दृष्टि से नवें नंबर पर, यूरेनियम की दृष्टि से दसवें नंबर पर और सीसे की दृष्टि से ग्यारहवें नंबर पर है।

इन सकारात्मक बातों के बावजूद अपूर्ण चक्र श्रंखला या फिर दूसरे शब्दों में खान से कच्चा माल निकालने से लेकर उसकी पैदावार तक की प्रक्रिया के उचित न होने के कारण विदेश को निर्यात किये जाने वाले ईरान के लगभग 90 प्रतिशत खदान पदार्थ की गुणवत्ता उतनी अच्छी नहीं होती जितनी अच्छी होनी चाहिए।  यदि खनिज पदार्थ को खान से निकालने से लेकर उसके निर्यात के बीच की प्रक्रिया को ठीक कर दिया जाए तो देश को उस राशि की तुलना में दस गुना अधिक पैसा मिलेगा जितना इस समय हासिल हो रहा है।  वैल्यू एडेड टेक्स के बिना जो कच्चा माल खानों से निर्यात किया जाता है उसके कारण देश बहुत बड़ी आय से वंचित रह जाता है।  इसकी एक ख़राबी यह भी है कि इसके कारण रोज़गार के बहुत से अवसर हाथ से निकल जाते हैं।

सर्वेक्षणों से पता चलता है कि खदान से निकलने वाली कच्ची धातुओं से बनाई जाने वाली एक टन सिलों या इंगेट के लिए पांच हज़ार से साढ़े सात हज़ार रोज़गार की आवश्यकता पड़ती है लेकिन खदान से कच्चे माल को सिल के रूप में न बेचने के कारण हज़ारों रोज़गार स्वयं ही समाप्त हो जाते हैं।  इस बारे में एक ईरानी सांसद "सलीमी कहते हैं कि विकसित देशों में खदान के क्षेत्र में रोज़गार का एक अवसर, आर्थिक क्षेत्र में रोज़गार के 17 अन्य अवसर पैदा करता है जबकि ईरान में यही एक अवसर, 24 अवसर पैदा करता है।  वे कहते हैं कि ईरान में जो Travertine ट्रेवरटाइन पाया जाता है वह संसार का सबसे अच्छा ट्रेवरटाइन होता है।  क़ानून के अनुसार ट्रेवरटाइन के खदानों के लिए यह नियम निर्धारित है कि वे पहले क्षेत्रीय कारख़ानों के लिए आवश्यकता के पत्थर उपलब्ध कराएं।

सर्वेक्षण बताते हैं कि लेड और ज़िंक या सीसा तथा जस्ता की खदानों के हिसाब से ईरान, एशिया में चौथे नंबर पर है।  इस क्षेत्र में ईरान का नंबर चीन, क़ज़ाक़िस्तान और भारत के बाद आता है।  संसार में प्रयोग होने वाले खनिज पदार्थों में लोहा, अल्मूनियम और तांबे के बाद ज़िंक का प्रयोग होता है जिसे जस्ता कहा जाता है।  एशिया में जस्ते की सिलें बनाने में ईरान छठे नंबर पर और सीसे की सिलें बनाने में पांचवे स्थान पर है।

वर्तमान समय में ईरान के पास विश्व के जस्ते का 9 प्रतिशत भाग मौजूद है।  इस समय ईरान लगभग 140 हज़ार टन जस्ते का वार्षिक उत्पादन करता है जिन्हें सात बड़े और पैंतालिस छोटे कारख़ानों में बनया जाता है।  कार्यक्रम के अनुसार ईरान ने सन 2025 तक 3 लाख टन जस्ते की पैदावार का लक्ष्य निर्धारित किया है।

सीसे तथा जस्ते का उद्योग उन उद्योगों में शामिल है जिसमें तुल्नात्मक लाभ है लेकिन यह उद्योगों के विकास में बहुत सहायक है।  ईरान में प्रतिवर्ष जस्ते की पलाख 450 हज़ार टन सिलें और सीसे की पलाख 20 हज़ार टन सिलें बनाई जाती हैं जबकि जस्ते और सीसे के गाढ़े सार का निर्माण प्रतिवर्ष बीस लाख टन से अधिक है।  इस प्रकार अपने पड़ोसी देशों की तुलना में ईरान अधिक संख्या में जस्ते और सीसे का उत्पादन करता है।

देश के भीतर जस्ते के उत्पादन के उद्देश्य से 1994 में शोध कार्य आरंभ किया गया था जिसके परिणाम स्वरूप जस्ता बनाने के लिए कारख़ाने का निर्माण किया गया।  इस काम को ईरान के भीतर जस्ते के उद्योग को बढ़ावा देने के मार्ग में महत्वपूर्ण क़दम मना जा रहा है।  यहां पर विशेष बात यह है कि ईरानी विशेषज्ञों ने विदेशियों से सहायता लिए बिना जस्ते के उत्पादन की तकनीक विकसित की।

ईरान की महत्वपूर्ण जस्ते की खदान ज़ंजान नगर से 135 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में माहनशान में है जिसका नाम अंगूरान है।  यह खदान पर्वतांचल में स्थित है।  वर्तमान समय में ईरान की जस्ते और सीसे की राष्ट्रीय कंपनी, मध्यपूर्व में जस्ते और सीसे की ईंटें या सिलें बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है।

ईरान का पड़ोसी देश तुर्की, खदान पदार्थ पैदा करने वाले देशों में विश्व में दसवें नंबर पर है।  तुर्की में इस समय खदानों से लगभग 60 प्रकार के खनिज निकाले जाते हैं।  तुर्की की इच्छा यह है कि वह सन 2030 तक संसार की दस बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो जाए।  यही कारण है कि उसको सस्ते कच्चे माल की बहुत ज़रूरत है।  विभिन्न देशों से माल आयात करने के लिए तुर्की ने अलग-अलग प्रकार के टैक्स या टैरिफ़ निर्धारित किये हैं।

खदान से निकलने वाले पदार्थों के उत्पादन में विस्तार, अर्थव्यवस्था तथा खदान के बीच एक पुल का काम कर सकता है। संसार के कई देशों विशेषकर औद्योगिक देशों ने खान से धातुओं या पत्थरों को निकालने और उनकी खोज के लिए बहुत बड़े पैमाने पर पर पूंजी निवेश कर रखा है।  यही कारण है कि यह देश, खदान के उत्पादों और खदान से संबन्धित तकनीक को पेश करके जहां देशों को लाभ पहुंचा रहे हैं वहीं पर इससे अकूत धन भी पैदा कर रहे हैं।

खान से संबन्धित व्यवसाय को विकसित करने के लिए उससे धातुओं को निकालने तथा मूलभूत ढांचे को मज़बूत बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण मार्ग, इस क्षेत्र में व्यापक स्तर पर पूंजी निवेश करना है ताकि स्टील, अल्मूनियम, जस्ते, तांबे और सीमेंट के रूप में इसके उत्पादों का व्यापक स्तर पर निर्यात किया जा सके।  ईरान में पाई जाने वाली खदानों  को विस्तृत करने की भरपूर क्षमता पाई जाती है।  ऐसे में यह बात पूरे विश्वास के साथ कही जा सकती है कि खान से कच्चा माल निकालने से लेकर उसकी पैदावार तक की प्रक्रिया को पूरा करने से उच्च स्तर के उत्पाद पैदा किये जा सकते हैं।  एसा करने से निश्चित रूप में देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति बेहतर होगी।  निश्चित रूप में योजनाबद्ध ढंग से इस उद्देश्य को प्राप्त किया जा सकता है।

 

 

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Sep ०९, २०१८ १४:१४ Asia/Kolkata
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