Sep ०९, २०१८ १६:१२ Asia/Kolkata

प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार दुनिया में जो वैज्ञानिक प्रगतियां हुई हैं उसके एक दशमलव पांच आठ प्रतिशत भाग को ईरानी शोध व अध्ययनकर्ताओं ने अंजाम दिया है।

यह विषय इस बात का सूचक है कि ईरान में जो मानवीय पूंजी है वह वैज्ञानिक प्रगति की योग्यता रखती है और इस क्षमता व वैज्ञानिक प्रगति का प्रयोग अर्थ व्यवस्था के बेहतर बनाये जाने में किया जा सकता है।

देश की जो वैज्ञानिक क्षमता है उसके सही प्रयोग से समाज की अर्थ व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है।

वैज्ञानिक तकनीक से लाभ उठाये जाने को आर्थिक प्रगति का एक महत्वपूर्ण तत्व व स्तंभ समझा जाता है। अध्ययन व शोध को भी आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण कारक समझा जाता है।

बहुत से अर्थशास्त्रियों का मानना है कि आज आर्थिक प्रगति में इस बात की बुनियादी भूमिका नहीं है कि पूंजी निवेश अधिक हो और बाज़ार बड़ा हो बल्कि आज यह भूमिका तकनीक निभा रही है। इसी कारण आर्थिक विकास और ईरानी वस्तुओं के उत्पाद में तकनीक से सम्पन्न कंपनियों की ध्यान योग्य भूमिका है।

ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनई ने प्रतिरोधक अर्थ व्यवस्था के लिए जो २४ सूत्रीय बिन्दु बयान किये हैं उसके दूसरे अनुच्छेद में प्रतिरोधक अर्थ व्यवस्था की व्यापक बातों में तकनीक से लैस कंपनियों की भूमिका को बयान किया गया है। इस अनुच्छेद में देश की अर्थ व्यवस्था को बेहतर बनाने, उत्पाद और निर्यात को अधिक करने के लिए तकनीक से लाभ उठाये जाने और उसे व्यवहारिक बनाने पर बल दिया गया है ताकि ईरान क्षेत्र में पहले स्थान पर पहुंच जाये।

                          संगीत

अभी हाल में नालेज बेस्ड कंपनियों के शोधकर्ताओं और ज़िम्मेदारों के एक गुट ने ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई से मुलाकात की थी जिसमें वरिष्ठ नेता ने प्रतिरोधक अर्थ व्यवस्था को व्यवहारिक बनाने में इन कंपनियों की भूमिका पर बल दिया था।

वरिष्ठ नेता के अनुसार नालेज बेस्ड कंपनियां वे बेहतरीन व प्रभावी चीज़ें हैं जो प्रतिरोधक अर्थ व्यवस्था को मज़बूत बना सकती हैं।

प्रतिरोधक अर्थ व्यवस्था ज्ञान पर आधारित तकनीक और नालेज बेस्ड कंपनियों से मिलकर अधिक मजबूत हो जाती है। यह कंपनियां प्रतिरोधक अर्थ व्यवस्था को व्यवहारिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

कच्चे खनिज पदार्थों की बिक्री विशेषकर तेल की बिक्री पर निर्भरता को समाप्त करना प्रतिरोधक अर्थ व्यवस्था का एक लक्ष्य है। नालेज बेस्ड कंपनियां अपनी अद्वितीय विशेषता के दृष्टिगत कच्चे पदार्थों को मूल्यवान उत्पाद में बदल सकती हैं और इस महत्वपूर्ण स्ट्रैटेजी पर ध्यान केन्द्रित करके दीर्घावधि में तेल से बनने वाली और दूसरी बहुत सी वस्तुओं के निर्माण में देश को आत्म निर्भर बनाया जा सकता है। साथ ही दुश्मनों को धमकी देने के लिए भी तेल का प्रयोग एक हथकंडे के रूप में किया जा सकता है।  

                        संगीत

ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता नालेज बेस्ड कंपनियों को तेल से होने वाली आय के विकल्प के रूप में याद करते हैं। वे कहते हैं कि जो अवसर मौजूद है अगर हम उससे लाभ उठा सकें और आर्थिक गतिविधियां करके तेल से बनने वाली वस्तुओं को आय का वैकल्पिक दूसरा स्रोत बना सकें तो इस संबंध में हमने बहुत बड़ा आर्थिक कार्य अंजाम दिया है।

आज नालेज बेस्ड कंपनियों का उद्योग उन कार्यो में से है जिसके माध्यम से काफी सीमा तक इस शून्य की भरपाई की जा सकती है।

वास्तव में स्ट्रैटेजिक उत्पादों में टिकाऊ आत्म निर्भरता का एक बुनियादी मार्ग यह है कि आर्थिक प्रगति की दिशा में तकनीक और उसके प्रयोग को बेहतर बनाया जाये। उत्तम व बेहतर कार्यक्रम बनाकर दूसरे देशों को स्ट्रैटेजिक उत्पादों का निर्यात भी किया जा सकता है। देश की जो शैक्षिक व वैज्ञानिक क्षमता है हालिया वर्षो में उसमें ध्यान योग्य प्रगति हुई है और उसका लाभ उठा कर निश्चितरूप से समाज की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाया जा सकता है।

ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई ने प्रतिरोधक अर्थ व्यवस्था का अर्थ इस प्रकार बयान किया। प्रतिरोधक अर्थ व्यवस्था का अर्थ यह है कि हमारे पास एक अर्थ व्यवस्था हो और उसमें देश में अर्थ व्यवस्था की प्रगति की प्रक्रिया सुरक्षित रहे और वह दबावों से कम से कम प्रभावित हो यानी देश व व्यवस्था की आर्थिक स्थिति एसी हो जो दुश्मनों के षडयंत्रों के मुकाबले में कम प्रभावित हो और उसमें विघ्न उत्पन्न न हो। इसी प्रकार वरिष्ठ नेता एक अन्य स्थान पर प्रतिरोधक अर्थ व्यवस्था के अर्थ को इस प्रकार बयान करते हैं प्रतिरोधक अर्थ व्यवस्था एसी नहीं है जिसमें केवल नकारात्मक पहलु हों। एसा नहीं है कि प्रतिरोधक अर्थ व्यवस्था का अर्थ अपने इर्द- गिर्द दीवार खींच देना है और किसी से कोई लेन- देन नहीं करना है। प्रतिरोधक अर्थ व्यवस्था यानी वह अर्थ व्यवस्था जो एक राष्ट्र को यह संभावना देती है और इस बात की अनुमति देती है कि दबाव की परिस्थिति में भी प्रगति करे और वह फलती- फूलती रहे।

देश में शिक्षित युवाओं की संख्या और मूल्यवान मानवीय श्रमबल की पूंजी बहुत अधिक है और इस बात के दृष्टिगत देश में नालेज बेस्ड कंपनियों को सक्रिय बनाने और दुश्मनों की हर प्रकार की चुनौती एवं आर्थिक प्रतिबंध की धमकी से मुकाबला करने की क्षमता मौजूद है।

इस समय ईरान में तकनीक के विस्तार के लिए ध्यान योग्य संभावना मौजूद है और नालेज बेस्ड कंपनियों से लाभ उठाकर निजी क्षेत्रों में पूंजी निवेश के लिए बड़े पैमाने पर भूमि प्रशस्त है। ईरान में नालेज बेस्ड कंपनियों के उत्पाद इस समय विश्व के ६० से अधिक देशों में निर्यात होते हैं। पिछले वर्ष चालिस करोड़ डालर के ईरान की नालेज बेस्ड कंपनियों के उत्पाद निर्यात किये गये थे। आशा है कि अगले दो वर्षों में इस निर्यात में एक अरब डालर की वृद्धि हो जायेगी। प्रिय श्रोताओ आज के कार्यक्रम का समय यहीं पर समाप्त होता है। अगले कार्यक्रम तक अनुमति दें। खुदा हाफिज़।   

 

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