Jul ३०, २०२१ १२:२२ Asia/Kolkata
  • NEET परीक्षा में आरक्षण के मुद्दे पर केन्द्र सरकार का महत्वपूर्ण फ़ैसला

भारत में सरकार ने मेडिकल कालेजों के नामांकन के मामले में ओबीसी और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के छात्रों की मदद के लिए बड़ा फ़ैसला किया है।

मोदी सरकार ने अखिल भारतीय कोटा के तहत मेडिकल कॉलेजों के नामांकन में ओबीसी और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के छात्रों के लिए आरक्षण को मंज़ूरी दी है।

अब अंडरग्रैजुएट और पोस्टग्रैजुएट के सभी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में अखिल भारतीय कोटा योजना के तहत ओबीसी वर्ग के 27% और ईडब्ल्यूएस वर्ग के 10% छात्रों को आरक्षण मिलेगा।

भारतीय प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा कि हमारी सरकार ने वर्तमान शैक्षणिक वर्ष 2021-22 से अंडरग्रैजुएट और पोस्टग्रैजुएट मेडिकल, डेंटल कोर्स में ऑल इंडिया कोटे के अंतर्गत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27% आरक्षण और आर्थिक रूप से कमज़ोर (ईडब्ल्यूएस) वर्ग के लिए 10% आरक्षण प्रदान करने का ऐतिहासिक फ़ैसला किया है।

इस फ़ैसले से पहले बीते 36 सालों से ओबीसी छात्रों को ऑल इंडिया कोटे पर राज्य के सभी सरकारी कॉलेजों में नहीं, बल्कि सिर्फ़ केंद्रीय संस्थानों में ही नामांकन का लाभ मिलता था।

इस साल 12 सितंबर को देशभर में मेडिकल में दाखिला के लिए नीट की परीक्षा होनी है, इससे पहले एक बार फिर ओबीसी आरक्षण का मुद्दा तूल पकड़ने लगा था। मानसून सत्र से पहले हुई केंद्र की एनडीए सरकार और सर्वदलीय बैठक के दौरान वाणिज्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने यह मामला उठाया था। इसी मंगलवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री रह चुके राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने भी इस मामले को राज्यसभा में उठाया था।

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