Sep १८, २०२१ ०८:४९ Asia/Kolkata
  • शंघाई सहयोग संगठन में ईरान के सदस्य बनने का पीएम मोदी ने किया स्वागत, अफ़ग़ानिस्तान की स्थिति पर जताई चिंता

शुक्रवार को भारतीय प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन के देशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अफ़ग़ानिस्तान की सरज़मीन का इस्तेमाल आतंकवाद के प्रसार के लिए नहीं हो।

उन्होंने कहा कि भारत सेंट्रल एशियाई देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और यह लैंडलॉक्‍ड देश ईरान के चाबहार बंदरगाह से जुड़ कर अपार आर्थिक संभावनाएं हासिल कर सकते हैं।

मोदी का कहना था कि कनेक्टिविटी की कोई भी पहल वन-वे स्‍ट्रीट नहीं हो सकती। आपसी विश्‍वास सुनिश्चित करने के लिए कनेक्टिविटी प्रॉजेक्‍ट्स को पारदर्शी और सहभागी होना चाहिए। इनमें सभी देशों की राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान निहित होना चाहिए।

शंघाई सहयोग संगठन के मंच से पहली बार मोदी ने अफ़ग़ानिस्तान की स्थिति पर बोलते हुए कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में राजनीतिक परिवर्तन किसी समावेशी प्रक्रिया के तहत नहीं हुआ है और न ही इसके लिए बातचीत का रास्ता चुना गया है।

भारतीय प्रधान मंत्री का कहना था कि क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौतियां शांति, सुरक्षा और भरोसे की कमी से संबंधित हैं। इन समस्याओं का मूल कारण बढ़ता हुआ चरमपंथ है। अफ़ग़ानिस्तान में हाल के घटनाक्रम ने इस चुनौती को और स्पष्ट कर दिया है।

उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन में ईरान की सदस्यता का स्वागत किया और इसके लिए तेहरान को बधाई दी। msm

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