Sep १९, २०२१ २०:२५ Asia/Kolkata
  • विरोधियों का मुंह बंद कराने के लिए केन्द्र की सरकार उनका दमन कर रही हैः ह्यूमन राहट्स वाच

मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वाच का कहना है कि भारत की केन्द्र सरकार अपने विरोधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को ख़ामोश करने के लिए उनपर टैक्स चोरी और वित्तीय अनियमितताओं जैसे आरोप लगाकर उनको परेशान कर रही है। 

द वायर के अनुसार मानवाधिकार संगठन एचआरडबल्यू ने कहा कि अपने विरोधियों का दमने करने जैसे काम, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने के अर्थ में है।

ह्यूमन राइट्स के अनुसार सरकार के आलोचकों, पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को चुप कराने के लिए राजनीति से प्रेरित आरोप लगाए जाते हैं जैसे कर की चोरी और वित्तीय अनियमितताएं आदि।

मानवाधिकारों के इस अन्तर्राष्ट्रीय संगठन ने मानवाधिकार कार्यकर्ता हर्ष मंदर, कलाकार सोनू सूद, आनलाइन न्यूज़ पोर्टल न्यूज़लान्ड्री और न्यूज़ क्लिक के कार्यालयों, घरों और परिसरों पर आईटी विभाग की छापेमारी का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी एजेन्सियों की इन कार्यवाही का मुख्य उद्देश्य, सरकार के आलोचकों को डराना-धमकाना लगता है।

ह्यूमन राइट्स वाच की दक्षिण एशिया की निदेशक मीनाक्षी गांगुली का कहना है कि इस कार्यवाहियों से एसा लगता है कि जैसे यह काम, सरकार के आलोचकों को शांत कराने के प्रयास के एक व्यापक कार्यक्रम का हिस्सा हैं।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कामों से भारत के लोकतांत्रिक संस्थान कमज़ोर हो रहे हैं और मौलिक स्वतंत्रता बाधित होती जा रही है।  मीनाक्षी गांगुली कहती हैं कि मौलिक स्वतंत्रता का गला घोटने से वैश्विक स्तर पर भारत का प्रभाव कम हो रहा है।

उनका कहना था कि भारत की सरकार को चाहिए कि वह अपना रवैया बदले और जनता के मूलभूत अधिकारों को बनाए रखने की दिशा में काम करे।

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