Sep २५, २०२१ ०८:२९ Asia/Kolkata
  • भारत में मुसलमान नागरिक की लाश पर कूदने की वीडियो, विविधताओं वाले देश में इतनी नफ़रत, ऐसी ख़ून की प्यास?!

भारत के पूर्वोत्तरी राज्य असम में ग़ैर क़ानूनी अतिक्रमण हटाने के लिए सरकार की ओर से कार्यवाही किए जाने के दौरान झड़प में मारे गए मुसलमान व्यक्ति की लाश के अपमान की वीडियो सामने आने के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं और प्रशासन ने मामले की जांच का आदेश दिया है।

असम के ज़िला दरांग के इलाक़े सीपा झार में गत गुरुवार को सैंकड़ों हथियारबंद पुलिसकर्मी एक बस्ती ख़ाली कराने के लिए भेजे गए। झोंपड़ियों पर आधारित इस बस्ती के हज़ारों लोगों ने ज़मीन ख़ाली कराने के इस अभियान के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया। इस अवसर पर पुलिस की फ़ायरिंग में दो लोग मारे गए और कई घायल हो गए।

मारे गए लोगों की पहिचान सद्दाम हुसैन और शैख़ फ़रीद के रूप में हुई। इस झड़प की वीडियो में देखा गया कि पुलिस टीम के साथ हाथ में कैमरा लिए गया स्थानीय फ़ोटोग्राफ़र दिलीप शर्मा मारे गए व्यक्ति की लाश पर कूद रहा था।

इस घटना की वीडियो वायरल हो जाने के बाद अब प्रशासन ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जज से मामले की जांच कराने का वादा किया है।

ज़िला दरंग में अखिल असम छात्र संघ के एनुद्दीन अहमद ने बताया कि पुलिस द्वारा बस्ती तोड़ने के अभियान के ख़िलाफ़ पांच हज़ार लोग एकत्रित हुए थे।

प्रशासन के लोग घरों को ध्वस्त कर रहे थे कि इस बीच झड़पें हुईं और पुलिस ने फ़ायरिंग कर दी जिसमें दो लोग मारे गए और 20 से अधिक घायल हो गए। इस बस्ती में रहने वाले सभी मुसलमान हैं।

असम में भाजपा की सरकार है और वह पूरे राज्य में कई जगहों पर इस तरह की कच्ची बस्तियां ताक़त का इस्तेमाल करके ख़ाली करा रही है। सरकार इन बस्तियों के लोगों को घुसपैठिया कहती है।

विपक्षी कांग्रेस पार्टी के नेता अब्दुल बातिन का कहना है कि एनआरसी के बाद अब यह नया सिलसिला शुरू किया गया है, असम को सांप्रदायिक राजनीति की प्रयोगशाला बना दिया गया है, सरकार कोशिश कर रही है कि मुसलमानों को इतना बेबस और लाचार बना दिया जाए कि वह आवाज़ न उठा सकें।

लाश पर कूदने का वीडियो सामने आने के बाद इसकी कड़ी आलोचना की गई है। टीकाकार अंकुर भारद्वाज ने कहा कि एक फ़ोटो जर्नलिस्ट का एक मृत व्यक्ति की लाश पर कूदना जिसे अभी सुरक्षा बलों ने क़त्ल किया हो यह बिल्कुल उसी बात के बराबर है जैसा हम न्यूज़ एंकर्ज़ को पिछले कई वर्षों से स्टूडियो में करते हुए देख रहे हैं, यह मौत का नाच है।

शिव सेना की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि हम ख़ून का प्यासा समाज बन चुके हैं, इस नागरिक के साथ जो रवैया इस कैमरा मैन और पुलिसकर्मी ने किया वह कोई और नहीं हम ही में से है।

कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि असम में सरकार की निगरानी में आग लगी है, मैं अपने भाइयों और बहनों के साथ खड़ा हूं।

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