Sep २६, २०२१ १०:०१ Asia/Kolkata
  • कृषि क़ानूनों के विरोध में 27 सितंबर को भारत बंद

कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा ने 27 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया है। 

भारतीय संचार माध्यमों के अनुसार दिल्ली पुलिस ने केंद्र सरकार के नये तीन कृषि कानूनों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा 27 सितंबर को आहूत ‘भारत बंद’ को देखते हुए कड़े कदम उठाए हैं।  पुलिस ने भारत बंद को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर सुरक्षा का पुख्ता बंदोबस्त किया गया है।

किसान आंदोलन में हिस्सा ले रहे 40 किसान संगठनों के संयुक्त किसान मोर्चा ने लोगों से बंद में शामिल होने की अपील की है।  संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि भारत बंद, किसान विरोधी मोदी सरकार के खिलाफ मनाया जा रहा है।

इसी बीच दिल्‍ली सरकार ने भारत बंद का समर्थन करने का ऐलान किया है।  संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद का दिल्‍ली की आम आदमी पार्टी ने समर्थन का ऐलान किया है।  आप की तरफ से बयान में कहा गया कि वे किसानों के भारत बंद का समर्थन करेंगे।  आप के अनुसार सत्ताधारी भाजपा, ‘अन्नदाता’ की आवाज को दबाने के लिए तानाशाही रवैया अपना रही है और भाजपा को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली की सीमाओं पर तीन जगह प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों में से किसी को भी दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी।  भारत बंद सोमवार 27 सितंबर को सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक रहेगा। इस दौरान सरकारी और निजी कार्यालय, शैक्षणिक और अन्य संस्थान, दुकानें, उद्योग और कमर्शियल प्रतिष्ठान के साथ-साथ सार्वजनिक कार्यक्रम बंद रहेंगे। साथ ही अस्पताल, मेडिकल स्टोर, राहत और बचाव कार्य सहित आपातकालीन सेवाओं को छूट दी जाएगी।

ज्ञात रहे कि पिछले साल 26 नवंबर से तीन कृषि कानूनों के खिलाफ बहुत से किसान संगठन लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इन किसान संगठनों से जुड़े किसान नेताओं की मांग है कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए और उन्हें फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानूनी गारंटी दी जाए।  हालांकि भारत की केंद्र सरकार बार-बार यह दोहरा रही है कि नए कानून, किसान समर्थक हैं।

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