Sep ३०, २०२१ १८:०६ Asia/Kolkata
  • भारत में मुसलमानों के ख़िलाफ़ दरिंदगी, अरब जगत में भारी आक्रोश, भारतीयों को नौकरी से निकालने और भारत के बने सामान के बहिष्कार की मांग

भारत में मुसलमानों पर होने वाले बर्बर हमलों की तसवीरें अरब जगत में वायरल हो रही हैं और इस पर व्यापक प्रतिक्रिया देखने में आ रही है।

मुसलमानों पर हमलों की तसवीरों को लेकर अरब इंटरनेट उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश देखा गया और लोगों ने अभिव्यक्ति और आस्था की आज़ादी को लेकर सवाल उठाए।

अरब सोशल मीडिया में इस संदर्भ में कई हैशटैग ट्रेंड करने लगे और लोगों ने यह सवाल किया कि मिस्र का अलअज़हर विश्वविद्यालय इस मामले में ख़ामोश क्यों है।

ओमान के मुफ़्ती अहमद बिन हमद अलख़लीली ने कहा कि भारत में चरमपंथी संगठनों की ओर से मुसलमानों पर खुले आम हमलों की जो घटनाएं हो रही हैं और जिन्हें सरकारी संस्थाओं का समर्थन हासिल है वह हर इंसान को सोचने पर मजबूर करती हैं। ओमान के मुफ़्ती ने शांति के लिए काम करने वाले देशों से मांग की कि वह तत्काल हस्तक्षेप करें और मुसलमानों पर होने वाले हमलों को रुकवाएं।

फ़ार्स खाड़ी के लोगों ने सोशल मीडिया पर यह मांग तेज़ कर दी है कि इन देशों काम करने वाले भारतीयों को बाहर निकाला जाए ताकि भारत अपनी इस हरकत से बाज़ आए।

एक उपभोक्ता ने लिखा कि भारत में मुसलमानों को भयानक हिंसा और दरिंदगी का सामना है उन्हें चरमपंथी तत्व क़त्ल कर रहे हैं और यह हालत मोदी सरकार में बहुत ज़्यादा बिगड़ गई है।

कुछ लोगों ने यह मांग की कि भारत की बनी चीज़ों का बहिष्कार किया जाए यानी इस मामले में भी वही किया जो फ़्रांस में पैग़म्बरे इस्लाम के अनादर के मामले में किया गया था।

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