Oct २०, २०२१ १६:०७ Asia/Kolkata
  • भारत और नेपाल में बारिश और बाढ़ ने मचाई तबाही, 100 से अधिक लोगों की मौत

भारत और नेपाल में भारी बारिश की वजह से भूस्खलन और बाढ़ ने बड़ी तबाही मचाई है।

भारत के उत्तराखंड, केरल से लेकर नेपाल में आफत की बारिश, भूस्खलन और बाढ़ की वजह से अब तक 100 से अधिक लोगों की मौतें हो चुकी हैं और दर्जनों लापता बताए जा रहे हैं।

भारत के उत्तराखंड राज्य के कुमाऊं क्षेत्र में मूसलाधार बारिश होने से मंगलवार को 42 और लोगों की मौत हो गई तथा कई मकान ढह गए। कई लोग अब भी मलबे में फंसे हुए हैं। इसके साथ ही वर्षाजनित घटनाओं में अब तक मरने वालों की संख्या 47 हो गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को स्थिति का जायजा लेने के लिए कुमाऊं का दौरा किया, जो राज्य के सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि राज्य भर में भारी क्षति हुई है और सामान्य स्थिति में लौटने में समय लगेगा। धामी ने राहत प्रयासों के लिए प्रत्येक ज़िलाधिकारियों को 10-10 करोड़ रुपये मंज़ूर किए हैं।

अपने पूर्वानुमान में भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा है कि बुधवार से बारिश में काफ़ी कमी आएगी। राज्य के बाकी सप्ताह में बारिश न होने की संभावना है। उत्तराखंड में इस सप्ताह रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई, जिससे बाढ़ भूस्खलन और संपत्ति का नुकसान हुआ।

सेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की कई टीमों और स्थानीय अधिकारियों के साथ बचाव और राहत अभियान चला रही है। अधिकारियों ने बताया कि ख़राब मौसम के बीच कई घंटे के संघर्ष के बाद मंगलवार शाम नैनीताल से संपर्क बहाल कर दिया गया।

कुमाऊं क्षेत्र में 42 और लोगों की मौत के साथ ही आपदा के कारण मरने वालों की संख्या 47 हो गई है, क्योंकि पांच लोगों की मौत मवार को हुई थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी फोन पर धामी से बात की और स्थिति का जायजा लिया तथा हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ कुमाऊं क्षेत्र में वर्षा प्रभावित इलाकों का दौरा करने गए पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि नैनीताल के काठगोदाम और लालकुआं तथा ऊधम सिंह नगर के रुद्रपुर में सड़कों, पुलों और रेल पटरियों को नुकसान पहुंचा हैं।

मुख्यमंत्री ने लोगों से नहीं घबराने की अपील करते हुए कहा कि लोगों की जान बचाने के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग ने मंगलवार शाम से मौसम में सुधार होने की बात कही है।

उन्होंने चारधाम यात्रियों से फिर अपील की कि वे जहां हैं, वहीं रुक जाएं और मौसम में सुधार होने से पहले अपनी यात्रा शुरू नहीं करें। उन्होंने चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों के जिलाधिकारियों से चारधाम यात्रा मार्ग पर फंसे हुए तीर्थयात्रियों की खासतौर से देखभाल करने का निर्देश दिया।

छत्तीसगढ़ से समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट में राज्य के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि दुर्ग के 44 महिलाओं और चार बच्चों सहित 55 लोग उत्तराखंड में फंसे हुए हैं।

रामनगर-रानीखेत रोड पर एक रिजॉर्ट में करीब 100 लोगों के फंसे होने की खबर है, क्योंकि कोसी नदी के उफान के बाद इलाके से संपर्क टूट गया था।

इसी बीच उत्तर प्रदेश में बारिश से जुड़ी घटनाओं में चार लोगों की मृत्यु हो गई। फ़तेहपुर ज़िले के हथगाम थाना क्षेत्र में तेज बारिश के दौरान दीवार ढहने से सास-बहू की मौके पर मौत हो गई। प्रदेश के बरेली जिले में भी बीसलपुर रोड पर दो श्रमिकों की सोलर पैनल के संपर्क में आने के बाद करंट लगने से मौत हो गई।

केरल में भारी बारिश की वजह से कई बांध भर गए हैं और कई जिलों को अलर्ट किया गया है।

मौसम विभाग ने कहा कि पश्चिम बंगाल में बृहस्पतिवार सुबह तक भारी बारिश जारी रहने के आसार हैं, हालांकि, राज्य के दक्षिणी हिस्से में गंगा घाटी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र बिहार की ओर स्थानांतरित हो गया है। (AK)

 

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