Oct २६, २०२१ १०:२३ Asia/Kolkata
  • पाकिस्तान से भारत की शर्मनाक हार के बाद, शमी को गालियां और कश्मीरी छात्रों को लाठियां

आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप के एक मैच में पाकिस्तान के हाथों भारत की 10 विकेट से शर्मनाक हार के बाद, जहां टीम इंडिया के गेंदबाज़ मोहम्मद शमी को उनके मज़हब की वजह से निशाना बनाया जा रहा है, वहीं कश्मीरी छात्रों के साथ भी मारपीट की ख़बरें सामने आ रही हैं।

सोशल मीडिया पर शमी को जमकर ट्रोल किया गया और उन्हें गालियां दी गईं। भारत की हार के बाद देश में मुसलमानों के ख़िलाफ़ हिंसा की कई घटनाएं हुई हैं, जो बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से मुसलमानों के ख़िलाफ़ बढ़ती नफ़रत की ताज़ा मिसाल है।

शमी को ट्रोल किए जाने के बाद भारत के कई क्रिकेट खिलाड़ी सामने आए और उन्होंने इस नफ़रत भरी प्रक्रिया की आलोचना की है।

सचिन तेंडुलकर ने सोमवार को मोहम्मद शमी के समर्थन में एक पोस्ट में लिखाः जब हम टीम इंडिया का समर्थन करते हैं, तो उन सभी का समर्थन करते हैं जो टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व कर रहे होते हैं। मोहम्मद शमी प्रतिबद्ध और विश्व स्तर के गेंदबाज़ हैं।

मैच में भारत की हार के फ़ौरन बाद पंजाब के मोहाली के एक कॉलेज में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया।

एक कश्मीरी छात्र मुज़म्मिल का कहना है कि हमारे हॉस्टल के बाहर के क़रीब 20 ग़ंडों के एक समूह ने मैच ख़त्म होने के तुरंत बाद हम पर हमल कर दिया।

उनका कहना था कि हमने इससे पहले हमलावरों को कभी नहीं देखा था। उनके हाथों में लाठी और डंडे थे और उन्होंने हमारे साथियों को बुरी तरह से मारा-पीटा।

मुज़म्मिल का कहना था कि यह खेल था और किसी भी एक टीम का समर्थन करना या हर किसी का निजी मामला है, लेकिन इसके लिए हमें निशाना बनाया जाना बहुत ही ग़लत बात है।

इस बीच, जम्मू-कश्मीर छात्र एसोसिएशन के प्रवक्ता नासिर ख़ुयेहामी का कहना है कि कश्मीरी छात्रों द्वारा पंजाब में पाकिस्तानी टीम का समर्थन, आत्मघाती था और यह जानते हुए कि इससे उनकी जान को ख़तरा हो सकता है, ऐसा करना एक नादानी थी। msm

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