Nov ३०, २०२१ १६:२७ Asia/Kolkata

राज्यसभा के 12 सदस्यों के निलंबन का मामला तुल पकड़ते जा रहा है।

जिन 12 सांसदों को निलंबित किया गया है उसमें कांग्रेस, शिवसेना, टीएमसी और माकपा के सांसद शामिल हैं। सभी सांसदों को पिछले मानसून सत्र में 'अशोभनीय आचरण' करने की वजह से निलंबित किया गया है।

निलंबन के फैसले के खिलाफ बुधवार से निलंबित सांसद धरने पर बैठेंगे। राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू की ओर से 12 विपक्षी सांसदों के निलंबित करने के बाद विपक्षी सांसदों ने लोकसभा और राज्यसभा से वाकआउट किया।  कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंलगवार को कहा कि संसद में जनता की बात को उठाने के लिए माफी बिल्कुल नहीं मांगी जा सकती है। राज्यसभा सदस्यों के निलंबन के मुद्दे पर ट्वीट करते हुए राहुल गांधी ने कहा 'किस बात की माफ़ी? संसद में जनता की बात उठाने की? बिलकुल नहीं!'

विपक्षी नेताओं ने संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना देकर अपना विरोध दर्ज कराया। 

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एएनआई को बताया कि मने 12 राज्यसभा सांसदों के निलंबन के विरोध में बचे दिन के लिए लोकसभा की कार्यवाही का बहिष्कार किया है।" दूसरे दिन मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने के तुरंत बाद, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा के सभापति से पूरे शीतकालीन सत्र के लिए सदन से 12 सांसदों के निलंबन को रद्द करने का अनुरोध भी किया।  (AK)

 

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