Dec ०८, २०२१ १५:२९ Asia/Kolkata

भारत नियंत्रित जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूक अब्दुल्लाह ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाने साधते हुए कहा है कि हम गांधी के भारत में शामिल हुए थे ना कि गोडसे के भारत में।

फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने कहा है कि अगर वह नेहरू खानदान में पैदा होते तो ब्राह्मण होते और इंदिरा गांधी मुस्लिम। एक सभा के दौरान फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने कहा कि हमारा गांधी के भारत के साथ विलय हुआ ना कि गोडसे के भारत में, हम हिंदू, मुस्लिम और सिखों के बीच कभी भेदभाव नहीं करते हैं। अगर मेरा जन्म नेहरू परिवार में होता तो आज मैं एक ब्राह्मण होता और इंदिरा गांधी मेरे पिता के घर जन्म लेतीं तो वह एक मुस्लिम होतीं।

फ़ारूक अब्दुल्लाह ने कहा कि कहा कि हमने भारत के खिलाफ कभी कोई नारा नहीं लगाया। हमें पाकिस्तानी कहा गया। यहां तक कि मुझे खालिस्तानी कहा गया, हम महात्मा गांधी के मार्ग पर चलते हैं और गांधी के भारत को वापस लाना चाहते हैं।

इससे पहले मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक दिवसीय सम्मेलन में फारूक़ अब्दुल्लाह ने कहा था कि भाजपा लोगों से झूठ बोलती है, चुनावों में नफरत और धर्म-जाति के नाम पर वोट मांगती है।

उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों के ख़िलाफ़ आंदोलन में 750 किसानों ने शहादत दी है। ख़ुद जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने किसानों का समर्थन करते हुए भाजपा को आगामी चुनाव में हार के संकेत दिए थे। पांच राज्यों में हार को देखते हुए मोदी सरकार ने कृषि कानून रद्द कर दिए। फ़ारुक़ अब्दुल्लाह ने इससे पहले कहा था कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमसे 'दिल की दूरी और दिल्ली की दूरी' हटाने का वादा किया था। न तो दिल जुड़े न ही जम्मू कश्मीर और दिल्ली के बीच की दूरी मिटी। अगर कुछ बदला है तो उन्हें लोगों को यह बताना चाहिए। (AK)

 

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