Dec ०९, २०२१ १०:०४ Asia/Kolkata
  • मोदी सरकार का आत्मसमर्पण, आंदोलन समाप्त कर घर वापसी करेंगे आज किसान

आख़िरकार मोदी सरकार को किसानों की सभी मांगों के सामने झुकना पड़ा, जिसके बाद किसानों ने एक साल से भी ज़्यादा से जारी अपना आंदोलन ख़त्म करने का फ़ैसला किया है।

संयुक्त किसान मोर्चे का कहना है कि सरकार अपने प्रस्ताव को आधिकारिक दस्तावेज़ के रूप में भेजे, जिसके बाद गुरुवार की दोपहर 12 बजे मोर्चे की बैठक में आंदोलन समाप्त कर घर वापसी पर अंतिम फ़ैसला लिया जाएगा।

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के वरिष्ठ नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने बताया कि मंगलवार को सरकार ने जो प्रस्ताव भेजा था, उस पर मोर्चे के कई नेताओं ने आपत्तियां दर्ज कराई थीं। जिसे सरकार को भेज दिया गया था। सरकार ने किसानों की लगभग सभी मांगें मान ली हैं।

किसान नेता युद्धवीर सिंह ने बताया कि विवादित मुद्दों का समाधान निकाल लिया गया है। सरकार व मोर्चे में आम राय बन गई है। अधिकांश मांगें मान ली गई हैं। हालांकि, लखीमपुर खीरी घटना के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी की गिरफ़्तारी के सवाल पर मोर्चे के नेताओं ने कोई जवाब नहीं दिया।

एमएसपी कमेटी में केंद्र और एसकेएम के प्रतिनिधि होंगे। कमेटी तीन महीने में रिपोर्ट देगी, जो किसानों को एमएसपी किस तरह मिले, यह तय करेगी। वर्तमान में जो राज्य जिस फ़सल पर एमएसपी पर जितनी ख़रीद कर रहे हैं, वह जारी रहेगी।

इसके अलावा, आंदोलन के दौरान किसानों के ख़िलाफ़ जो भी केस दर्ज किए गए हैं, वह सभी तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाएंगे।

हरियाणा और उत्तर प्रदेश ने पंजाब की तरह मुआवज़ा देने पर सैद्धांतिक मंज़ूरी दे दी है। बिजली बिल पर किसानों के ऊपर असर डालने वाले प्रावधानों पर एसकेएम से चर्चा होगी। उससे पहले इसे संसद में पेश नहीं किया जाएगा। msm

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