Jan २०, २०२२ ०८:५५ Asia/Kolkata
  • भारतीय सेना प्रमुख नरवणें और गृह मंत्री अमित शाह पर युद्ध अपराध का आरोप ब्रितानी पुलिस से गिरफ़तारी की मांग

लंदन की क़ानूनी फ़र्म ने ब्रिटिश पुलिस से अनुरोध किया है कि भारतीय सेना प्रमुख और गृह मंत्री को कथित रूप से कश्मीर में युद्ध अपराधों में लिप्त होने के मामले में गिरफ़तार कर लिया जाए।

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार ला फ़र्म स्टोक वाइट ने कहा कि उसने मेट्रो पोलिटन पुलिस के युद्ध अपराध युनिट को व्यापक स्तर पर सुबूत जमा कराए हैं जिनमें यह बताया गया है कि किस तरह जनरल मनोज मुकुंद नरवणे और गृह मंत्री अमित शाह की अगुवाई में भारतीय फ़ोर्सेज़ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और आम नागरिकों को हिंसा, अपहरण और क़त्ल का निशाना बना रही हैं।

क़ानूनी फ़र्म की रिपोर्ट 2020 से 2021 के बीच होने वाली घटनाओं के 2 हज़ार से ज़्यादा गवाहों के बयानों पर आधारित है इसमें आठ अज्ञात सीनियर भारतीय सैन्य अधिकारियों पर कश्मीर में युद्ध अपराध और हिंसा में प्रत्यक्ष रूप से लिप्त होने का आरोप लगाया गया है।

भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसे इस रिपोर्ट के बारे में कोई जानकारी नहीं है और उन्होंने इस पर कमेंट करने से भी इंकार कर दिया जबकि गृह मंत्रालय ने भी कोई टिप्पणी नहीं की।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बात के पुख़्ता सुबूत हैं कि भारतीय अधिकारी जम्मू व कश्मीर में नागरिकों के ख़िलाफ़ युद्ध अपराध और हिंसा में लिप्त हैं।

लंदन पुलिस को यह शिकायत वैश्विक अधिकार क्षेत्र के उसूल के आधार पर दी गई है जो देशों को दुनिया में कहीं भी अमानवीय अपराधों में लिप्त लोगों के ख़िलाफ़ मुक़द्दमा चलाने का अधिकार देता है।

लंदन में अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनी फ़र्म ने कहा कि उनका ख़याल है कि उनकी शिकायत इस तरह का अवसर है कि जिस में कश्मीर में कथित युद्ध अपराधों पर भारतीय अधिकारियों के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्यवाही की मांग की गई है।

स्टोक वाइट के इंटरनैश्नल ला के डायरेक्टर हाकान कामूज़ ने कहा कि उन्हें आशा है कि रिपोर्ट ब्रिटिश पुलिस को जांच की शुरुआत के साथ साथ उन लोगों के ब्रिटेन की धरती पर क़दम रखने की स्थिति में गिरफ़तारी पर तैयार कर लेगी। कुछ भारतीय नेताओं और अधिकारियों की ब्रिटेन में सम्पत्तियां भी हैं।

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