May १९, २०२२ २०:२१ Asia/Kolkata
  • अंधेरे में मूर्तियां रखवा दी थीं, पत्थर, झंडा रख दो, सिंदुर लगा दो तो मंदिर बन जाता हैः अखिलेश यादव

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में पत्रकारों से बातचीत के दौरान समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि हिंदू धर्म में कहीं भी पीपल के पेड़ के नीचे लाल कपड़ा और पत्थर रख दो, तो मंदिर बन जाता है।

अखिलेश यादव ने इसे राममंदिर विवाद से जोड़ते हुए कहा कि रात के अंधेरे में मूर्तियां रखवा दी थीं। उन्होंने शिवलिंग मिलने के दावे पर कहा कि कहीं भी पत्थर रख दो मंदिर बन जाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू धर्म में कहीं पत्थर रख दो, सिंदूर लगा दो तो मंदिर बन जाता है। हमारे हिंदू धर्म में यह है कि कहीं पर भी पत्थर रख दो, एक लाल झंडा रख दो, पीपल के पेड़ के नीचे तो मंदिर बन गया।

अखिलेश यादव ने कहा कि 'कोर्ट का मामला है जिसकी जिम्मेदारी थी सर्वे करने की आखिरकार वह रिपोर्ट बाहर कैसे आ गई, हमारे धर्म में यह है कि कहीं पर भी पत्थर रख दो एक लाल झंडा रख दो पीपल के पेड़ के नीचे मंदिर बन गया इसलिए बीजेपी से सावधान रहिए, बीजेपी जानबूझ कर ज्ञानवापी मस्जिद का मामला उठा रही है।

अखिलेश यादव के बयान को लेकर राजनीतिक वातावरण गर्म हो गया है।

भाजपा के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि वे हिंदू आस्था का मजाक बनाते रहे, लेकिन किसी और धर्म के साथ ऐसा नहीं किया। उनका यह बयान दिखाता है कि है हिंदू नफरत का डीएनए है। वोट बैंक की राजनीति के लिए उन्होंने हिंदू आस्था का मजाक बनाया।

पूनावाला ने कहा कि अब अखिलेश यादव जो दावा करते हैं कि श्रीकृष्ण उनके सपने में आए थे, उन्होंने हिंदू आस्था का मजाक उड़ाया है। वह कहते हैं" केवल पीपल के पेड़ के नीचे पत्थर रखने और अगर आप उस पर लाल झंडा रखेंगे, तो वह मंदिर बन जाता है। ऐसे किसी व्यक्ति की तरफ से हिंदू आस्था का इस तरह मजाक उड़ाया जाना हैरानी की बात नहीं है, जिसकी राजनीति श्रेय लेने और मासूम रामभक्तों पर गोली चलाकर गर्व महसूस करने में है।

उन्होंने आगे कहा कि यह वही अखिलेश यादव हैं, जो हिंदू साधुओं का 'चिल्लम जीवी' कहते हुए मजाक उड़ा रहे थे। यह वही अखिलेश यादव हैं जिनकी सरकार ने साधू और संतों पर क्रूर बल का इस्तेमाल किया था। यह वही अखिलेश यादव और पूरे कांग्रेस का ईकोसिस्टम हैं, जो कहते थे कि श्री राम का अस्तित्व नहीं है। 70 सालों तक इन लोगों ने राम मंदिर का विरोध किया। इन लोगों ने राम सेतु को खत्म करने की साजिश की। उन्होंने हिंदुत्व की तुलना ISIS और बोको हराम से की।  

उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख को यह पता होना चाहिए कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर बनता है। उन्होंने आरोप लगाए कि यादव और उनका पूरा ईको सिस्टम वोट बैंक के लिए इतने उतारू हैं कि हिंदू आस्था का मजाक बनाने और हमला के करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। MM

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