May २९, २०२२ ०७:४६ Asia/Kolkata
  • उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए विशेषज्ञ समिति गठित

चुनाव पूर्व किए अपने वादे को निभाते हुए उत्तराखंड की भाजपा सरकार ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने और राज्य में रहने वालों के लिए व्यक्तिगत मामलों को नियंत्रित करने वाले सभी प्रासंगिक कानूनों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की एक समिति गठित कर दी।

राज्य सरकार के एक आदेश में कहा गया है कि पांच सदस्यीय समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना देसाई करेंगी, जो वर्तमान में भारत के परिसीमन आयोग की प्रमुख हैं।

सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में ‘समान नागरिक संहिता’ को लागू करने की दिशा में कदम उठाते हुए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन कर दिया गया है।

इससे पहले मार्च में नवगठित सरकार की पहली कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में समान नागरिक संहिता के कार्यान्वयन के लिए विशेषज्ञों की एक समिति बनाने की घोषणा की थी।

समान नागरिक संहिता को सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, गोद लेने, उत्तराधिकार और उत्तराधिकार जैसे व्यक्तिगत मामलों को नियंत्रित करने वाले कानूनों के एक समान समूह के रूप में संदर्भित किया जाता है, चाहे वह किसी भी धर्म का हो।

बैठक के बाद घोषणा करते हुए धामी ने कहा था कि कैबिनेट ने इस मुद्दे पर जल्द से जल्द एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति के गठन को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी है। (AK)

 

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