Jun २४, २०२२ १०:५४ Asia/Kolkata

भारत के संविधान विशेषज्ञ वीके अग्निहोत्री ने बताया कि महाराष्ट्र में राजनैतिक संकट का ऊंट किस करवट बैठ सकता है?

महाराष्ट्र की सियासत में कभी भी कुछ भी हो सकता है। संख्या बल के लिहाज से शिवसेना विधायक एकनाथ शिंदे का समूह लगातार ताकतवर होता जा रहा है। वहीं, एक सप्ताह पहले सरकार चला रही शिवसेना के पास विधायकों की संख्या लगातार घटती जा रही है। अगर दोनों पार्टियों के बीच ग्राफ को देखें, तो शिवसेना का बागी खेमा सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस से भी आगे निकलता दिख रहा है।

2019 विधानसभा चुनाव में महाराष्ट्र में 105 सीटों पर जीत के साथ भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ा दल बनी थी। हालांकि, राकंपा, कांग्रेस और शिवसेना के साथ आने के चलते पार्टी सरकार बनाने में असफल रही थी। चुनाव में वरिष्ठ नेता शरद पवार की पार्टी के खाते में 54 सीटें आई थीं। जबकि, कांग्रेस के मामले में यह आंकड़ा 44 पर था। मुखिया की भूमिका निभाने वाली शिवसेना को 56 सीटें मिली थी।

 

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