Jun २६, २०२२ १५:०६ Asia/Kolkata
  • महाराष्ट्र का बदलता राजनैतिक पटल, बाग़ी विधायक सीआरपीएफ़ के घेरे में, आरएसएस के गढ़ में बड़ा प्रदर्शन

भारत के महाराष्ट्र राज्य में जारी राजनैतिक संकट गहराता ही जा रहा है और दोनों ही पक्ष एक दूसरे पर हमला करने और दूसरे पर विश्वाघात का आरोप लगा रहे हैं।

महाराष्ट्र में हुए विधान परिषद चुनाव के बाद से महाराष्ट्र की राजनीति में आई अस्थिरता थमने का नाम नहीं ले रही है। शिवसेना के विधायकों की बग़ावत के बाद पार्टी में दो गुट बन चुका है।

कुछ विधायक शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे को अपना नेता मान रहे हैं जबकि कुछ पार्टी प्रमुख और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पार्टी का नेता और मुखिया मान रहे हैं।

उधर हालात को ख़राब होता देखकर केंद्र सरकार ने शिवसेना के 15 बाग़ी विधायकों को ‘Y+’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है जिसमें सशस्त्र केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल सुरक्षा कवच प्रदान करती है।

गुवाहटी में बैठे शिंदे अपनी ताक़त का प्रदर्शन कर रहे हैं और विधायक दल का नेता चुने जाने की बात कर रहे हैं जबकि दूसरी तरफ अब बाग़ी विधायकों को लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के तेवर भी सख़्त हो गये हैं। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कई बागी विधायकों की सदस्यता खत्म करने की सिफारिश की है।

महाराष्ट्र के नागपुर में शिवसेना कार्यकर्ताओं ने शिवसेना के बाग़ी नेता एकनाथ शिंदे के साथ-साथ अन्य बाग़ी विधायकों के ख़िलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

उधर महाराष्ट्र के मंत्री आदित्य ठाकरे कलिना, सांताक्रूज़ में पार्टी कार्यकर्ताओं के कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्होंने खड़े होकर दोनों हाथ जोड़कर लोगों का अभिनंदन किया। दूसरी ओर अजय चौधरी को विधायक दल का नेता नियुक्त करने के डिप्टी स्पीकर के फ़ैसले को चुनौती देने के लिए एकनाथ शिंदे का ख़ैमा सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकता है। (AK)

 

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