Dec ०५, २०१९ १९:०६ Asia/Kolkata
  • भारत की गिरती अर्थव्यवस्था और आरबीआई का अजीब दावा

रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के परिणामों की घोषणा कर दी गयी है।

बैठक के परिणामों के अनुसार रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है।

आरबीआई ने रेपो रेट 5.15 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। आरबीआई की क्रेडिट पॉलिसी की समीक्षा में रेपो रेट नहीं घटाने पर सहमति बनी है।

बैठक में बताया गया है कि चालू वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर का अनुमान 6.1 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत की गयी।

कहा गया है कि आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिये रिज़र्व बैंक उदार रुख़ बनाये रखेगा। आरबीआई का यह मानना है कि मौद्रिक नीति में भविष्य में क़दम उठाने की गुंजाइश बनी हुई है।

रिज़र्व बैंक का मानना है कि रेपो दर में कटौती का लाभ आगे पहुंचाने का काम बेहतर होगा। आरबीआई का दावा है कि विदेशी मुद्रा भंडार तीन दिसंबर तक 451.7 अरब डॉलर पर रहा। पिछले वित्त वर्ष की समाप्ति से यह 38.8 अरब डॉलर अधिक रहा।

मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक चार से छह फ़रवरी 2020 को होगी। (AK)

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