Dec ०९, २०१९ १७:४१ Asia/Kolkata
  • भारत की लोकसभा में पेश किया गया नागरिकता संशोधन विधेयक

नागरिकता संशोधन विधेयक को असंवैधानिक बताते हुए लोकसभा में विपक्षी पार्टियों ने उसे पेश किए जाने का विरोध किया।

भारतीय संचार माध्यमों के अनुसार भारत के गृहमंत्री अमित शाह द्वारा प्रस्तावित एनआरसी या नागरिकता संशोधन विधेयक को सोमवार को लोकसभा में पेश करने की मंजूरी मिल गई।  कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी पार्टियों ने विधेयक को सदन में पेश करने का विरोध किया।  इन दलों का कहना था कि यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करता है।  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल को पेश किया।जोरदार हंगामे के बीच सोमवार को जब बिल पेश हुआ तो विपक्ष की ओर से इसपर मतदान की मांग की गई है।  जब वोटिंग हुई तो बिल पेश करने के पक्ष में 293 और विरोध में 82 वोट पड़े।  सोमवार को सदन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विपक्षी सांसदों के बीच तीखी बहस हुई।

इस विधेयक में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले छह गैर मुस्लिम समुदायों जैसे हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्म के शरणार्थियों को भारत की नागरिकता देने की बात कही गई है।  इस विधेयक को सांप्रदायिक और मुस्लिम विरोधी बताकर विरोध किया जा रहा है।  इसके खिलाफ पूर्वोत्तर के कई राज्यों में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहा है।

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