Jan १८, २०२० ००:०० Asia/Kolkata
  • भारत की आर्थिक विकास दर घटी, संरा ने भी दी रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र संघ का कहना है कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 5.7 प्रतिशत तक रह सकती है। यह वैश्विक निकाय के पूर्वानुमान से कम है।

संयुक्त राष्ट्र के एक अध्ययन में कहा गया है कि कुछ अन्य उभरते देशों में जीडीपी वृद्धि दर में इस साल कुछ तेज़ी आ सकती है। संयुक्त राष्ट्र ने यह बात पिछले साल वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर सबसे कम 2.3 प्रतिशत रहने के बाद कही है।

संयुक्त राष्ट्र संघ की "विश्व आर्थिक स्थिति और संभावना 2020" की रिपोर्ट के अनुसार 2020 में 2.5 प्रतिशत वृद्धि की संभावना है लेकिन व्यापार तनाव, वित्तीय उठा-पटख़ या भू-राजनैतिक तनाव बढ़ने से चीजें पटरी से उतर सकती हैं।

भारत के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 5.7 प्रतिशत रह सकती है हालांकि, डब्ल्यूईएसपी 2019 में इसके 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया था।

अगले वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया जबकि पूर्व में इसके 7.4 प्रतिशत रहने की बात कही गई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की जीडीपी वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष में 6.8 प्रतिशत रही।

ज्ञात रहे कि संयुक्त राष्ट्र संघ ही नहीं बल्कि पिछले कुछ महीनों में कई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों ने भारत की आर्थिक विकास दर का अनुमान घटाया है।

पिछले साल दिसम्बर के महीने में भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए देश की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 6.1 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी थी। (AK)

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