Feb १४, २०२० ०९:५५ Asia/Kolkata
  • अमित शाह ने बदला सुर, सीएए पर चर्चा के लिए तैयार

अमित शाह ने कहा कि एनपीआर जनगणना की तरह ही है किसी को दस्तावेज दिखाने की जरूरत नहीं है

भारत के केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि नागरिकता संशोधन कानून पर सरकार किसी से भी चर्चा के लिए तैयार है। शाह ने कहा कि मैं किसी को तीन दिन के भीतर समय दूंगा जो मेरे साथ नागरिकता संशोधन अधिनियम से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करना चाहता है।

उन्होंने कहा कि हकीकत यह है कि लोग मिलना नहीं चाहते हैं। केवल राजनीति हो रही है और बिना किसी आधार के प्रदर्शन किए जा रहे हैं। सीएए, एनपीआर और एनआरसी पर गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि विपक्ष के पास किसी तरह का तथ्यात्मक आधार नहीं है अतः विरोध का कोई मतलब नहीं है।

पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के जिन धार्मिक अल्पसंख्यकों से भारत आने का वादा कांग्रेस ने किया था उसे कांग्रेस ने कहां निभाया। कांग्रेस ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की इच्छा का भी सम्मान नहीं किया एनआरसी कांग्रेस ही लाई थी अमित शाह ने कहा कि एनआरसी के संबंध में पहल कांग्रेस की तरफ से ही की गई थी।

प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता में कमेटी बनी जिसने फैसला किया था कि देश के सभी लोगों की पहचान के लिए एक रजिस्टर बनना चाहिए तो कांग्रेस सिर्फ वरगलाने का काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि जहां तक एनआरसी लागू करने की बात है तो फिलहाल किसी तरह का फैसला नहीं किया गया है। एनपीआर पर उन्होंने कहा कि एनपीआर जनगणना की तरह ही है किसी को दस्तावेज दिखाने की जरूरत नहीं है। अगर जो लोग दस्तावेज नहीं दिखाना चाहते हैं तो उनसे दस्तावेज दिखाने के लिए कौन कहता है। मुंह से कहना ही दस्तावेज दिखाना है।

जानकार हल्कों का मानना है कि भाजपा सरकार की उल्टी गिनती आरंभ हो गयी है इसी वजह से भाजपा के नेता अब संभल कर बयान देने लगे हैं ताकि इस प्रकार वे पार्टी की और अपनी छवि बचा सकें। इसी प्रकार जानकार हल्कों का मानना है कि दिल्ली के विधान सभा चुनाव में भाजपा को मिली करारी हार उसमें बदलाव का आरंभिक बिन्दु है। MM

 

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