Feb २४, २०२० १५:३१ Asia/Kolkata
  • शाहीन बाग़ पर भारत के सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 26 फ़रवरी को

भारत के उच्चतम न्यायालय में राजधानी दिल्ली के शाहीन बाग़ इलाक़े में जारी धरने के कारण रोड बंद होने के मामले की सुनवाई 26 फ़रवरी तक के लिए टाल दी गई है।

पिछले हफ़्ते जस्टिस एस.के. कौल और के.एम. जोसेफ़ की पीठ ने वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े की अगुवाई में एक वार्ताकार टीम का गठन किया था और उसे प्रदर्शनकारियों से बात करके समाधान निकालने को कहा था। हेगड़े के अलावा इस टीम में पूर्व केंद्रीय सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह और वकील साधना रामचंद्रन शामिल थीं। वार्ताकारों ने प्रदर्शनकारियों से बात करने के बाद सीलबंद लिफ़ाफ़े में अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी है। उच्चतम न्यायालय के एक वार्ताकार वजाहत हबीबुल्लाह ने कोर्ट में हलफ़नामा दायर करके कहा है कि शाहीन बाग़ में प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से हो रहा है और असुविधा इसलिए हो रही है क्योंकि पुलिस ने अकारण कई जगहों पर बैरिकेडिंग करके रोड ब्लॉक कर रखा है। उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि रिपोर्ट का अध्ययन करने के लिए दो दिन का समय लगेगा और मामले की अगली सुनवाई 26 फ़रवरी को की जाएगी।

 

ज्ञात रहे कि 17 फ़रवरी को उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि लोकतंत्र विचारों की अभिव्यक्ति पर चलता है लेकिन इसकी भी सीमाएं हैं। न्यायालय ने यह भी कहा था कि चूंकि वह नागरिकता संशोधन क़ानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई कर रहा है इस लिए केवल इस आधार पर किसी भी व्यक्ति के प्रदर्शन करने के अधिकार को छीना नहीं जा सकता है। इस बीच दिल्ली के शाहीन बाग़ इलाक़ के अलावा भी दिल्ली के कई क्षेत्रों में सीएए, एनआरसी और एनआरपी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हो रहे हैं। कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव भी हुआ है। भारत के अनेके शहरों में भी इसी तरह के धरने और प्रदर्शन जारी हैं। (HN)

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