Feb २६, २०२० ११:५४ Asia/Kolkata
  • दिल्ली में हिंसा में मरने वालों की संख्या 20, उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश

भारत की राजधानी दिल्ली में कई दिन से जारी हिंसा में मरने वालों की संख्या 20 तक पहुंच गई है।

दिल्ली में हिंसा में हुई मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को यह आंकड़ा 13 था लेकिन बुधवार सुबह यह आंकड़ा 20 हो गया है। दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल की ओर से हिंसा में हुई मौतों का आधिकारिक आंकड़ा जारी किया गया है। नागरिकता संशोधन क़ानून के समर्थन के नाम पर दिल्ली में पिछले तीन दिनों से हिंसक घटनाएं जारी हैं जो अब दंगे का रूप ले चुकी हैं। दिल्ली के पूर्वोत्तरी इलाक़ों में पथराव, हमलों व आगज़नी की घटनाओं का क्रम जारी है और कई क्षेत्रों में कर्फ़्यू लगा दिया गया है। बुधवार सुबह भी दिल्ली के गोकुलपुरी इलाक़े में हिंसक प्रदर्शन हुआ और कुछ उपद्रवियों ने कई दुकानों में आग लगा दी।

 

इस बीच दिल्ली की मौजूदा स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को खुली छूट दी गई है। अजित डोभाल मंगलवार की शाम दिल्ली के कई इलाक़ों में भी गए थे। सोमवार और मंगलवार को पूर्वोत्तरी दिल्ली के मौजपुर-चांदबाग़ इलाक़े में हालात इतने बेक़ाबू हो गए थे कि दिल्ली पुलिस को मार्च निकालना पड़ा। इस बीच पुलिस ने जाफ़राबाद में जारी सीएए विरोधी धरना स्थल को ख़ाली करवा दिया है। जाफ़राबाद, मौजपुर, बाबरपुर और चांदबाग़ इलाक़े में कर्फ़्यू लगा दिया गया है और पुलिस को उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए हैं। पुलिस ने लोगों को बेवजह बाहर न निकलने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना को तैनात किए जाने की मांग की है। (HN)

टैग्स

कमेंट्स