Mar २८, २०२० २२:५६ Asia/Kolkata
  • भारत ने कोरोना का वैक्सीन बनाया, परीक्षण शुरु, तेलंगाना में पहली मौत

आईसीएमआर के महामारी रोग विभाग के प्रमुख डॉ. रमन आर गंगाखेड़कर ने बताया कि देश में कोरोना वायरस  को लेकर अभी रैंडम सैंपलिंग की ज़रूरत नहीं है और यह बीमारी समुदाय संक्रमण के स्तर पर नहीं पहुंची है।

उन्होंने बताया की इस समय देश में 111 सरकारी लैब में कोरोना वायरस की जांच की सुविधा है और इनकी प्रतिदिन क्षमता 12 हज़ार नमूनों की है तथा अभी तक 70 प्रतिशत क्षमता का इस्तेमाल नहीं हुआ  है।

उनका कहना था कि निजी  क्षेत्रों  की  44 लैब को  भी  कोरोना  जाँच  की अनुमति  दी गई है, कोरोना वायरस जांच के लिए अमेरिका से पांच लाख प्रोब्स आ चुके हैं और देश में लैब में जांच में काम आने वाले एक लाख रीजेन्ट्स  हैं।

उन्होंने कहा कि अभी तक कोरोना का जो भी वैक्सीन बना है, उसका परीक्षण जानवरों पर किया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि हाइड्रोक्सी क्लोरोक्विन दवा मलेरिया में दी जाती है लेकिन यह भी पाया गया है कि यह दवा कोरोना वायरस के लोड को काफी कम कर देती हैं।

इसी बात को ध्यान में रखकर सिर्फ कोरोना वायरस मरीजों को यह दवा निगरानी में दी जाती हैं, इसके अलावा मरीजों  के संपर्क में लोगों और चिकित्सकों को एहतियात के तौर पर भी दी जाती हैं, अन्य स्वस्थ लोगों  को  इसका  इस्तेमाल  करने  से  बचना  चाहिए, क्योंकि  इसके  साइड  इफेक्ट्स भी हैं।

दूसरी ओर तेलंगाना में शनिवार को कोरोना वायरस से पहली मौत हुई है। तेलंगाना में एक दिन के अंदर कोविड-19 के 14 नए मामले आने के बाद यहां राज्य सरकार ने शनिवार को कोरोना वायरस की रोकथाम के उपायों को तेज कर दिया है। राज्य सरकार ने ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम के कई क्षेत्रों को 'रेड जोन' घोषित किया है। 'रेड जोन' में सभी लोगों को 14 दिनों तक घर के अंदर रहने के लिए कहा गया है। (AK)

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